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Sonipat News: ऑनलाइन तबादला नीति के विरोध में स्वास्थ्य कर्मचारियों ने दिया धरना
Fri, 16 Oct 2026 03:04 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 16 Oct 2026 03:04 AM IST
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फोटो : सोनीपत में उप सिविल सर्जन को मांगपत्र सौंपते बहुउद्देशीय स्वास्थ्य कर्मचारी। संवाद
- फोटो : Samvad
सोनीपत। बहुउद्देश्यीय स्वास्थ्य कर्मचारी एसोसिएशन ने मॉडल ऑनलाइन ट्रांसफर पॉलिसी (एमओटीपी) का विरोध किया है। इसके तहत एकजुट कर्मचारियों ने वीरवार को सिविल सर्जन कार्यालय परिसर में धरना दिया। उन्होंने उप सिविल सर्जन डॉ. अनीता सहारण को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर एमपीएचडब्ल्यू वर्ग को ऑनलाइन तबादला नीति से बाहर रखने की मांग की।
जिला सचिव राज कुमार नैय्यर ने कहा कि रेशनलाइजेशन के तहत कई जिलों में पद समाप्त किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। बड़े पैमाने पर तबादलों से कर्मचारियों को नए क्षेत्रों में तालमेल बनाने में भी परेशानी होगी।
राज्य महासचिव सहदेव सांगवान ने कहा कि दूरदराज के जिलों में तबादले होने से महिला कर्मचारियों को आवास, सुरक्षा और परिवार से दूर रहने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हजारों डिप्लोमाधारक सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) पास करने के बावजूद बेरोजगार हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग में कई पद खाली हैं।
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सर्व कर्मचारी संघ के संयुक्त सचिव नवीन नरवाल ने खाली पदों को नियमित भर्ती से भरने और कर्मचारियों को ऑफलाइन तबादलों का विकल्प देने की मांग की।
एसोसिएशन ने 16 अक्तूबर को प्रदेशभर में रोष प्रदर्शन करने का एलान किया। उस दिन कर्मचारी उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। इस दौरान गुणवती, उर्मिल कांता, सुषमा, मनीष दहिया, मंजीत कादयान, कमलजीत और नितिन आदि मौजूद रहे।
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जिला सचिव राज कुमार नैय्यर ने कहा कि रेशनलाइजेशन के तहत कई जिलों में पद समाप्त किए जा रहे हैं। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है। बड़े पैमाने पर तबादलों से कर्मचारियों को नए क्षेत्रों में तालमेल बनाने में भी परेशानी होगी।
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राज्य महासचिव सहदेव सांगवान ने कहा कि दूरदराज के जिलों में तबादले होने से महिला कर्मचारियों को आवास, सुरक्षा और परिवार से दूर रहने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हजारों डिप्लोमाधारक सामान्य पात्रता परीक्षा (सीईटी) पास करने के बावजूद बेरोजगार हैं जबकि स्वास्थ्य विभाग में कई पद खाली हैं।
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सर्व कर्मचारी संघ के संयुक्त सचिव नवीन नरवाल ने खाली पदों को नियमित भर्ती से भरने और कर्मचारियों को ऑफलाइन तबादलों का विकल्प देने की मांग की।
एसोसिएशन ने 16 अक्तूबर को प्रदेशभर में रोष प्रदर्शन करने का एलान किया। उस दिन कर्मचारी उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपेंगे। इस दौरान गुणवती, उर्मिल कांता, सुषमा, मनीष दहिया, मंजीत कादयान, कमलजीत और नितिन आदि मौजूद रहे।