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अब हर मरीज का डाटा होगा ऑनलाइन
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Sat, 16 Jan 2016 12:17 AM IST
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अब सिविल अस्पताल में प्रत्येक मरीज का डाटा ऑनलाइन होगा। वीरवार से सोनीपत सिविल अस्पताल में ई-उपचार सेवाएं शुरू हो चुकी हैं। प्रदेश के अस्पतालों को ऑनलाइन करने के बाद मरीज का डॉटा भी सभी अस्पतालों में ऑनलाइन होगा। इससे यह फायदा होगा कि मरीज प्रदेश के किसी अस्पताल में इलाज कराने जाएगा तो अस्पताल में उसके द्वारा लिया जा रहा उपचार डॉक्टर को पहले से ही पता होगा।
रजिस्ट्रेशन कराते समय मिलेगा यूएचआईडी
मरीज पहले की तरह ओपीडी काउंटर पर पहले 5 रुपये देकर रजिस्ट्रेशन कराएगा। इस दौरान रजिस्ट्रेशन के साथ हर मरीज को यूएचआईडी (यूनीक हेल्थ आइडेन्टीफिकेशन नंबर) दिया जाएगा। इस यूएचआईडी के जरिए मरीज प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में इलाज करा सकता है। एचएमआईएस (हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफारमेशन सिस्टम) के जरिए कोई भी डॉक्टर मरीज का डाटा खोल सकता है।
यह होगा फायदा
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, रोहतक पीजीआई मेडिकल कॉलेजों को ऑनलाइन करने से मरीजों को फायदा मिलेगा। इससे पहले यदि कोई मरीज इलाज किसी दूसरे जिले में जाकर करवाता था तो उसे संबंधित डॉक्टर को पहले अपनी बीमारी के बारे में पूरी जानकारी देनी पड़ती थी। साथ ही अस्पताल द्वारा दिए जा रहे इलाज के बारे में भी बताना पड़ता था जिसमें कई बार मरीज डॉक्टर को सही जानकारी नहीं दे पाता था। इस कारण डॉक्टर को उपचार करने में परेशानी आती थी। ऑनलाइन हो जाने के बाद मरीज का डॉटा सभी ऑनलाइन किए गए अस्पतालों में होगा जिससे डॉक्टर मरीज द्वारा लिए जा रहे उपचार की जानकारी देखकर उसके उपचार को आगे बढ़ा सकेगा। यह सिर्फ मरीज की हेल्थ आइडेन्टीफिकेशन नंबर को एचएमआईएस पर फीड करना होगा।
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यह योजना प्रदेश में कई स्थानों पर हुई शुरू
सामान्य अस्पताल सेक्टर 6 पंचकूला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुररानी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरवाला, बीपीएस कन्या मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां में ई-उपचार प्रणाली शुरू की गई है। ई-उपचार प्रणाली शुरू होने के बाद मरीजों को राज्य के सभी अस्पतालों में इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकार्ड प्राप्त होगा, जिसे राज्य के किसी हिस्से के मरीजों को दूसरे अस्पताल में ऑनलाइन मिल सकेगा जिससे मरीजों के प्रतीक्षा समय में कमी आयेगी। इस प्रणाली के तहत मरीजों को अपना एक्स-रे और अन्य जांच रिपोर्ट भी ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा होगी जिससे चिकित्सक को भी इलाज मुहैया कराने में सुविधा होगी।
सिविल अस्पताल मेें हर डॉक्टर के पास हर कंप्यूटर कराया उपलब्ध
सिविल अस्पाल में ई उपचार प्रणाली के लिए 72 एचएमआईएस यानी कंप्यूटर स्थापित कर दिए हैं। अस्पताल में हर डॉक्टर मरीज का डाटा उसकी यूएचआइडी के जरिए देख सकेगा। मरीज की बीमारी जान सकेगा। जिसके बाद उसी डाटा में मरीज की दवाई लिख सकेगा। डिस्पेंसरी में भी ऑनलाइन डाटा के जरिए दवाई दी जाएगी।
सिविल अस्पताल मेें ई चिकित्सा सेवाएं आरंभ हो चुकी है। अब हर मरीज को दवा के कागज लेकर अस्पतालों के चक्कर काटने नहीं पडेंगे। रजिस्ट्रेशन के जरिए एक बार मिलने वाली इस यूएचआईडी के जरिए मरीज प्रदेश के किसी भी अस्पताल में जाकर अपना इलाज करवा सकेगा।
-डॉ. सीपी अरोड़ा, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल
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रजिस्ट्रेशन कराते समय मिलेगा यूएचआईडी
मरीज पहले की तरह ओपीडी काउंटर पर पहले 5 रुपये देकर रजिस्ट्रेशन कराएगा। इस दौरान रजिस्ट्रेशन के साथ हर मरीज को यूएचआईडी (यूनीक हेल्थ आइडेन्टीफिकेशन नंबर) दिया जाएगा। इस यूएचआईडी के जरिए मरीज प्रदेश के किसी भी सरकारी अस्पताल में इलाज करा सकता है। एचएमआईएस (हॉस्पिटल मैनेजमेंट इंफारमेशन सिस्टम) के जरिए कोई भी डॉक्टर मरीज का डाटा खोल सकता है।
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यह होगा फायदा
प्रदेश के सरकारी अस्पतालों, रोहतक पीजीआई मेडिकल कॉलेजों को ऑनलाइन करने से मरीजों को फायदा मिलेगा। इससे पहले यदि कोई मरीज इलाज किसी दूसरे जिले में जाकर करवाता था तो उसे संबंधित डॉक्टर को पहले अपनी बीमारी के बारे में पूरी जानकारी देनी पड़ती थी। साथ ही अस्पताल द्वारा दिए जा रहे इलाज के बारे में भी बताना पड़ता था जिसमें कई बार मरीज डॉक्टर को सही जानकारी नहीं दे पाता था। इस कारण डॉक्टर को उपचार करने में परेशानी आती थी। ऑनलाइन हो जाने के बाद मरीज का डॉटा सभी ऑनलाइन किए गए अस्पतालों में होगा जिससे डॉक्टर मरीज द्वारा लिए जा रहे उपचार की जानकारी देखकर उसके उपचार को आगे बढ़ा सकेगा। यह सिर्फ मरीज की हेल्थ आइडेन्टीफिकेशन नंबर को एचएमआईएस पर फीड करना होगा।
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यह योजना प्रदेश में कई स्थानों पर हुई शुरू
सामान्य अस्पताल सेक्टर 6 पंचकूला, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रायपुररानी, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बरवाला, बीपीएस कन्या मेडिकल कॉलेज खानपुर कलां में ई-उपचार प्रणाली शुरू की गई है। ई-उपचार प्रणाली शुरू होने के बाद मरीजों को राज्य के सभी अस्पतालों में इलेक्ट्रॉनिक स्वास्थ्य रिकार्ड प्राप्त होगा, जिसे राज्य के किसी हिस्से के मरीजों को दूसरे अस्पताल में ऑनलाइन मिल सकेगा जिससे मरीजों के प्रतीक्षा समय में कमी आयेगी। इस प्रणाली के तहत मरीजों को अपना एक्स-रे और अन्य जांच रिपोर्ट भी ऑनलाइन प्राप्त करने की सुविधा होगी जिससे चिकित्सक को भी इलाज मुहैया कराने में सुविधा होगी।
सिविल अस्पताल मेें हर डॉक्टर के पास हर कंप्यूटर कराया उपलब्ध
सिविल अस्पाल में ई उपचार प्रणाली के लिए 72 एचएमआईएस यानी कंप्यूटर स्थापित कर दिए हैं। अस्पताल में हर डॉक्टर मरीज का डाटा उसकी यूएचआइडी के जरिए देख सकेगा। मरीज की बीमारी जान सकेगा। जिसके बाद उसी डाटा में मरीज की दवाई लिख सकेगा। डिस्पेंसरी में भी ऑनलाइन डाटा के जरिए दवाई दी जाएगी।
सिविल अस्पताल मेें ई चिकित्सा सेवाएं आरंभ हो चुकी है। अब हर मरीज को दवा के कागज लेकर अस्पतालों के चक्कर काटने नहीं पडेंगे। रजिस्ट्रेशन के जरिए एक बार मिलने वाली इस यूएचआईडी के जरिए मरीज प्रदेश के किसी भी अस्पताल में जाकर अपना इलाज करवा सकेगा।
-डॉ. सीपी अरोड़ा, चिकित्सा अधीक्षक, सिविल अस्पताल