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Sonipat News: पांच साल पहले शिकायत पर होती कार्रवाई तो जिंदा होते मां-बेटे

Thu, 14 May 2026 01:40 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Thu, 14 May 2026 01:40 AM IST
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Had action been taken on the complaint five years ago, the mother and son would have been alive.
खरखौदा। गांव जटौला में सामने आई मां-बेटे की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। इस हृदयविदारक घटना के पीछे वर्षों पुरानी मानसिक प्रताड़ना और तंग किए जाने की पीड़ा छिपी थी।
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बताया जा रहा है कि महिला नेहा ने करीब पांच साल पहले भी आरोपी अमित के खिलाफ उसे तंग करने की शिकायत दी थी। उस समय मामला पारिवारिक विवाद मानकर समझौते के जरिए शांत करा दिया गया था। यदि उसी समय शिकायत पर सख्त कार्रवाई होती तो शायद आज एक मां और उसके मासूम बेटे की जान बचाई जा सकती थी।
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बताया जा रहा है कि नेहा लंबे समय से मानसिक दबाव और तनाव से गुजर रही थी। हालात इतने बिगड़ गए कि उसने अपने तीनों बच्चों को सल्फास खिलाने के बाद खुद भी जहर निगल लिया। इस दर्दनाक घटनाक्रम में पहले तीन वर्षीय मासूम बेटे की मौत हो गई जबकि बुधवार को उपचार के दौरान महिला ने भी दम तोड़ दिया। दोनों बेटियां अब भी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रही हैं।
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घटना से पहले पति को किया था फोन कॉल

घटना से पहले नेहा ने अपने पति को आखिरी बार कॉल किया था। मंगलवार शाम को उसने पति से 200 रुपये मांगे थे और कहा था कि बच्चों के लिए कुछ सामान लेकर घर आना है। पति को जरा भी अंदेशा नहीं था कि फोन पर सामान्य लग रही उसकी पत्नी अंदर ही अंदर इतनी बड़ी त्रासदी का फैसला कर चुकी है। परिवार के लोग अब उस आखिरी बातचीत को याद कर फूट-फूट कर रो रहे हैं।

बताया जा रहा है कि महिला लंबे समय से परेशान थी लेकिन समाज और परिवार की मर्यादा के चलते वह खुलकर अपनी पीड़ा किसी से साझा नहीं कर पा रही थी। अब घटना के बाद गांव में यही चर्चा है कि यदि पहले मिली शिकायत को गंभीरता से लिया जाता और आरोपी के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाते, तो शायद यह परिवार उजड़ने से बच जाता।

इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि महिलाओं की शिकायतों को केवल घरेलू मामला मानकर समझौते में दबा देना कितनी बड़ी त्रासदियों को जन्म दे सकता है। गांव में मातम पसरा हुआ है और हर आंख नम है।




दिल्ली के अस्पताल में सफाई कर्मी है संदीप

नेहा के पति संदीप दिल्ली के महाराजा अग्रसेन अस्पताल में सफाई कर्मी हैं। वह कभी दिल्ली ही रुक जाते हैं तो कभी घर आते हैं। घटना के समय भी घर पर कोई नहीं था। इसी दौरान नेहा ने यह कदम उठा लिया।
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