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Sonipat News: छटाई करने के नाम पर बिना अनुमति काट दिए हरे पेड़, 21 हजार रुपये जुर्माना, 50 पौधे लगाने होंगे

Mon, 05 Dec 2022 08:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 05 Dec 2022 08:00 AM IST
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Green trees cut without permission in the name of pruning, Rs 21,000 fine, 50 saplings will have to be planted
मंडोरा गांव के जलघर में काटे गए पेड़ों को दिखाई देतीं जड़ें। संवाद - फोटो : Sonipat
गांव मंडोरा के जलघर में छटाई के नाम पर कई पेड़ काट दिए गए, यह पेड़ हरे-भरे थे। इसको अंजाम देने को लेकर वन विभाग से अनुमति भी नहीं ली गई। अब मामले में अधिकारी मामला संज्ञान में नहीं होने और मामले की जांच करवाने की बात कह रहे हैं। इस दौरान सरपंच अनिल कुमार की मौजूदगी में पेड़ काटने वाले पर हर्जाने के रूप में 21 हजार रुपये व 50 पौधे लगाने पर सहमति बनी है।
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मंडोरा के जलघर में अन्य जलघरों की ही तरह काफी पेड़ लगे हुए हैं, जिनमें से कुछ समय पहले पेड़ों की छटाई करने के साथ ही जलघर प्रांगण को साफ सुथरा बनाने की कार्रवाई की गई थी। जिसके तहत अस्थायी कर्मियों को यह जिम्मेदारी सौंपी गई थी। जेई अनिल कुमार का कहना है कि कर्मचारियों को प्रांगण में उगीं झाड़ियों को साफ करने के साथ ही पेड़ों की टहनियों की छटाई करने को कहा गया था। इस दौरान कई पेड़ ही काट दिए गए, ऐसे में कहां पर चूक हुई और किस गलतफहमी में यह पेड़ काटे गए हैं इसकी पूछताछ करवाई जा रही है।
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कई पेड़ चढ़े कार्रवाई की भेंट
ऐसा नहीं है कि मंडोरा के जलघर में कोई एक दो पेड़ काटा गया हो। एक के बाद एक सिलसिलेवार तरीके से कई पेड़ काटे गए हैं। वन विभाग हरे पेड़ों को किसी भी स्तर पर काटने की अनुमति नहीं देता है। अन्य विकल्प न होने की स्थिति में ही पेड़ों को काटा जाता है। ऐसे में जलघर के अंदर ऐसी कोई स्थिति नहीं थी, जिसके चलते पेड़ों को काटना पड़े।
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वर्जन
मेरे संज्ञान में मामला नहीं है। छुट्टी पर होने के चलते मुझे जानकारी नहीं मिल पाई। जलघर से पेड़ों को वन विभाग की मंजूरी के बगैर काटना कानूनी अपराध की श्रेणी में आता है। इस मामले की जांच करवाई जाएगी और जो भी कानूनी कार्रवाई बनती है वह की जाएगी।
- सुदेश, उपमंडल अभियंता, जन स्वास्थ्य विभाग
वर्जन
वन विभाग से पेड़ काटने को लेकर कोई मंजूरी नहीं ली गई है। मामला संज्ञान में आया है। जिसकी जांच करवाई जा रही है। कुल कितने वृक्ष काटे गए हैं और उनकी उम्र क्या होगी। इसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी।

- भगत सिंह, वन राजिक अधिकारी, खरखौदा
वर्जन
गांव के जलघर में गलती से पेड़ काटने का एक मामला सामने आया था। जिस पर गांव की पंचायत ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि कटे हुए सभी वृक्षों को श्मशान घाट में पहुंचाया जाएगा। जिससे जरूरतमंद को लकड़ी दी जा सके। इसके इलावा 21 हजार रुपये हर्जाने के तौर पर देने होगा। जिससे 50 पौधे लगाकर उनकी बड़े होने तक सुरक्षा की जा सके। पंचायत व जन स्वास्थ्य विभाग कर्मी इस बात पर सहमत हो गए थे।
- अनिल कुमार दहिया, सरपंच, ग्राम पंचायत मंडोरा
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