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Sonipat News: एनएचएम कर्मियों के विरोध पर सरकार ने वापस लिया सेवा नियम फ्रीज करने के आदेश
Thu, 31 Oct 2024 02:07 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 31 Oct 2024 02:07 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग के एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) कर्मियों ने सेवा नियम फ्रीज करने के विरोध में सरकार के आदेश की प्रतियां जलाकर रोष जताया। कर्मियों ने बुधवार सुबह जिला अस्पताल, फिरोजपुर बांगर व जुआं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के बाहर प्रदर्शन किया। कर्मियों के विरोध के बाद बुधवार दोपहर सरकार ने उन आदेशों को वापस ले लिया।
एनएचएम कर्मियोें का कहना था कि नए नियम में कर्मियों को ग्रेड पे के हिसाब से वेतन नहीं मिल पाएगा, बल्कि उनको तय वेतन देने आदेश थे। एनएचएम कर्मी भूपेंद्र नैन, डॉ. तेजेंद्र खोखर, प्रदीप, प्रवीन मलिक ने कहा कि वर्ष 2018 से उन्हें ग्रेड पे के हिसाब से वेतन मिल रहा है। अब एनएचएम की ओर से कर्मियों को 7वें वेतन आयोग के हिसाब से वेतन देने का प्रस्ताव भेजा गया था। वित्त विभाग ने इस पर आपत्ति जताई कि जब कर्मियों के लिए सेवा नियम बनाए गए तो वित्त विभाग की अनुमति नहीं ली गई थी। इसके चलते सेवा नियमों को फ्रीज करने के लिए कहा है। एनएचएम के निदेशक की तरफ से आदेश जारी होने से एनएचएम कर्मियों में रोष है।
कर्मियों ने कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आचार संहिता लगने से पहले एनएचएम कर्मियों ने अपनी हड़ताल की थी। वह वेतन विसंगतियां दूर कराने, नियमित किए जाने की मांग को लेकर 26 जुलाई से हड़ताल कर रहे थे। 16 अगस्त को आचार संहिता लागू होने के बाद कर्मियों ने हड़ताल स्थगित की थी।
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वर्जन
एनएचएम कर्मियों के सेवा नियम फ्रीज करने के आदेशों को सरकार ने वापस लिया है। इसके लिए मुख्यालय से आदेश जारी हो चुके हैं। -डॉ. सीताराम, उप सिविल सर्जन
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सोनीपत। स्वास्थ्य विभाग के एनएचएम (राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन) कर्मियों ने सेवा नियम फ्रीज करने के विरोध में सरकार के आदेश की प्रतियां जलाकर रोष जताया। कर्मियों ने बुधवार सुबह जिला अस्पताल, फिरोजपुर बांगर व जुआं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों के बाहर प्रदर्शन किया। कर्मियों के विरोध के बाद बुधवार दोपहर सरकार ने उन आदेशों को वापस ले लिया।
एनएचएम कर्मियोें का कहना था कि नए नियम में कर्मियों को ग्रेड पे के हिसाब से वेतन नहीं मिल पाएगा, बल्कि उनको तय वेतन देने आदेश थे। एनएचएम कर्मी भूपेंद्र नैन, डॉ. तेजेंद्र खोखर, प्रदीप, प्रवीन मलिक ने कहा कि वर्ष 2018 से उन्हें ग्रेड पे के हिसाब से वेतन मिल रहा है। अब एनएचएम की ओर से कर्मियों को 7वें वेतन आयोग के हिसाब से वेतन देने का प्रस्ताव भेजा गया था। वित्त विभाग ने इस पर आपत्ति जताई कि जब कर्मियों के लिए सेवा नियम बनाए गए तो वित्त विभाग की अनुमति नहीं ली गई थी। इसके चलते सेवा नियमों को फ्रीज करने के लिए कहा है। एनएचएम के निदेशक की तरफ से आदेश जारी होने से एनएचएम कर्मियों में रोष है।
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कर्मियों ने कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। आचार संहिता लगने से पहले एनएचएम कर्मियों ने अपनी हड़ताल की थी। वह वेतन विसंगतियां दूर कराने, नियमित किए जाने की मांग को लेकर 26 जुलाई से हड़ताल कर रहे थे। 16 अगस्त को आचार संहिता लागू होने के बाद कर्मियों ने हड़ताल स्थगित की थी।
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एनएचएम कर्मियों के सेवा नियम फ्रीज करने के आदेशों को सरकार ने वापस लिया है। इसके लिए मुख्यालय से आदेश जारी हो चुके हैं। -डॉ. सीताराम, उप सिविल सर्जन