फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   good news

हो जाओ निश्चिंत, अब सबको मिलेंगे प्लॉट

Sun, 06 Sep 2015 12:38 AM IST
दीपक वर्मा/अमर उजाला सोनीपत
दीपक वर्मा/अमर उजाला सोनीपत Updated Sun, 06 Sep 2015 12:38 AM IST
विज्ञापन

आपकी जमीन अगर राजीव गांधी एजूकेशन सिटी के लिए अधिग्रहीत की गई तो यह खबर आपके लिए है। सिर्फ खबर ही नहीं बल्कि खुशखबरी है। हुडा के मुख्य प्रशासक ने नियमों को दरकिनार करते हुए राजीव गांधी एजूकेशन सिटी में जमीन देने वाले किसानों को यह तोहफा दिया है।

विज्ञापन


मुख्य प्रशासक के पत्र के अनुसार आरजीईसी के लिए जमीन देने वाले हर किसान को प्लॉट अलॉट किया जाएगा। ओस्टीज कोटे के तहत कम से कम 75 प्रतिशत जमीन की शर्त को इसके लिए हटाया गया है। मुख्य प्रशासक के निर्देशों के बाद विभाग के अधिकारी भी जोड़तोड़ में जुट गए हैं।
विज्ञापन


आवेदकों की लिस्ट खंगाली जा रही है। उम्मीद है कि इस नए आदेश के बाद लगभग 200 किसानों को फायदा होगा। बता दें कि आरजीईसी में ओस्टीज कोटे के तहत प्लॉट आवंटन को लेकर हाईकोर्ट में भी केस डाला गया था। उसमें ड्रा निकालने की अंतिम तारीख 31 अगस्त तय की गई थी। हालांकि डेडलाइन तो निकल गई, लेकिन नए निर्देशों के बाद से आवेदकों ने राहत की सांस ली है।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरजीईसी के लिए बनाई स्पेशल पॉलिसी
हुडा मुख्य प्रशासक के कार्यालय से डिप्टी सुप्रीटेंडेंट बीबी तनेजा द्वारा 2 सितंबर को पत्र जारी किया गया था। मेमो नंबर ए-6-यूबी-2015/16599 के तहत जारी किए गए लेटर में साफ निर्देश हैं कि राजीव गांधी एजूकेशन सिटी के लिए अलग/विशेष पॉलिसी बनाई है। पॉलिसी के तहत ओस्टीज कोटे के तहत प्लॉट लेने के लिए कम से कम 75 प्रतिशत जमीन अधिग्रहीत होने का नियम नहीं रखा गया है। 75 प्रतिशत से कम जमीन अधिग्रहीत होने पर भी प्लॉट अलॉट किए जाएंगे।

200 के आए एफिडेविट, 200 को फायदा
बताया जा रहा है कि नई पॉलिसी के तहत लगभग 200 लोगों को फायदा होगा। 1088 आवेदनकर्ताओं में से 200 के करीब ऐसे आवेदक थे, जिनकी जमीन 75 प्रतिशत से कम थी। इस संदर्भ में स्थानीय अधिकारियों द्वारा रिपोर्ट बनाकर भी भेजी गई थी।

कई आवेदनकर्ताओं की तो 40 प्रतिशत जमीन ही अधिग्रहीत की गई थी। ऐसे में अब उन सभी आवेदनकर्ताओं को प्लॉट दिए जाएंगे। दूसरी ओर नए प्रोफर्मा के आधार पर अलॉटियों से मांगे गए एफिडेविट भी जमा होने शुरू हो गए हैं। शुक्रवार तक हुडा कार्यालय में तकरीबन 200 आवेदनकर्ताओं ने एफिडेविट जमा करवा दिए थे।

ये है ओस्टीज कोटा और उसका नियम
ओस्टीज कोटा केवल उन्हीं लोगों के लिए होता है, जिनकी जमीन हुडा अधिग्रहीत करता है। ऐसे लोगों को हुडा अपने सेक्टरों में प्लॉट देता है। प्लॉट के लिए जरूरी होता है कि कोटे के तहत आवेदनकर्ता की कुल जमीन का 75 प्रतिशत हिस्सा हुडा ने अधिग्रहीत किया हो। नियमों के तहत जितनी ज्यादा जमीन अधिग्रहीत की जाती है, उतना ही बड़ा प्लॉट आवंटित होता है। हालांकि फीस और प्लॉट की कीमत बिना कोटे के प्लॉट की तरह ही होती है।

2514.52 एकड़ जमीन और 1088 आवेदक
राजीव गांधी एजूकेशन सिटी के सेक्टर-65 से 68 के नाम पर पतला, असवारपुर, बढ़खालसा गांवों की जमीन अधिग्रहीत की गई थी। तीनों गांवों की कुल 2514.52 एकड़ जमीन का अधिग्रहण हुडा ने किया था। इस अधिग्रहण के बाद तीनों गांवों से कुल 1088 लोगों ने ओस्टीज कोटे के तहत प्लॉट के लिए आवेदन किया था। जब प्लॉट आवंटन को लेकर देरी हुई तो हाईकोर्ट में केस किया गया था। हाईकोर्ट ने इस मामले में हुडा को 31 अगस्त तक ड्रा निकालने के निर्देश दिए थे।


मुख्य प्रशासक के निर्देश प्राप्त हुए हैं। आरजीईसी के ओस्टीज कोटे के लिए 75 प्रतिशत से कम जमीन अधिग्रहीत होने पर भी प्लॉट दिए जाएगा। इसको लेकर सभी आवेदनकर्ताओं की लिस्ट जांची जा रही है।
-सिद्धार्थ सिंह, संपदा अधिकारी, हुडा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed