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देर से पहुंचे मुख्य अतिथि, चक्कर खाकर गिरी छात्रा
ब्यूरो/अमर उजाला, सोनीपत
Updated Wed, 09 Dec 2015 12:04 AM IST
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कहने को तो कार-फ्री डे था, लेकिन जागरूकता कार्यक्रम के तहत साइकिल रैली का आयोजन कर इतिश्री कर ली गई। जागरूकता कार्यक्रम में भी उदासीनता का आलम यह था कि जानकीदास कपूर स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि यानी कि पुलिस अधीक्षक लगभग निर्धारित समय 11 बजे के बजाय डेढ़ घंटे बाद पहुंचे। पूछा तो बोले कि मुझे साढ़े 12 का ही समय दिया था। दूसरी ओर इस बारे में आयोजकों में से एक आरटीए राजीव अहलावत से बात की गई तो वे कोई स्पष्ट जवाब नहीं दे पाए। एसपी तो पहुंच भी गए, लेकिन डीसी आए ही नहीं। जबकि एक दिन पहले डीपीआरओ की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दोनों अधिकारियों के कार्यक्रम में पहुंचने की सूचना जारी की गई थी। पर्यावरण संरक्षण के लिए आयोजित कार्यक्रम में सरकारी लापरवाही यहीं खत्म नहीं होती। हद तो तब हो गई जब मुख्य अतिथि के स्वागत के इंतजार में खड़ी जेपी जैन स्कूल की छात्राओं में से एक कक्षा आठ की छात्रा चक्कर खाकर गिर पड़ी। अव्यवस्थाओं के बीच किसी तरह कार्यक्रम शुरू तो हुआ, लेकिन अंत तक विवादों से नाता नहीं टूटा। एक ई-रिक्शा चालक जिसे दोपहर 1 बजे तक लाया गया था, उसे बाद में और जगह रिक्शा घुमाने के निर्देश दे दिए।
गौरतलब है कि स्कूल में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत साइकिल रैली का आयोजन किया गया। रैली को हरी झंडी दिखाते हुए एसपी अभिषेक गर्ग ने यातायात नियमों की अनुपालना के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में जागरूकता अभियान में शामिल विद्यार्थी पुलिस विभाग के संदेशवाहक एवं प्रतीक बनेंगे। रैली में शामिल विद्यार्थियों, पुलिस एवं प्रशासनिक कर्मचारियों आदि को बतौर मुख्य अतिथि एसपी अभिषेक गर्ग ने यातायात नियमों के प्रति जागरूकता एवं पालना की शपथ दिलाई। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए यातायात नियमों की पूर्ण जानकारी व उनकी अनुपालना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष भारत में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में लाखों लोग मौत का ग्रास बन जाते हैं। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यातायात नियमों का पालन करना होगा। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त शिव प्रसाद शर्मा, आरटीए राजीव अहलावत, नगराधीश सुधांशु गौतम, डीएसपी सुनील कुमार, जेपी जैन स्कूल और जानकीदास कपूर स्कूल का स्टाफ मौजूद रहा।
हर रोज 5 स्कूल और 50 चालान
एसपी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि शिक्षण संस्थाओं में कम आयु के विद्यार्थियों को वाहनों के उपयोग को प्रतिबंधित करना चाहिए। इस दिशा में पुलिस विभाग विशेष जागरूकता अभियान चलाएगा। एसपी ने कार्यक्रम के उपरांत निर्देश दिए कि जिले भर के प्रत्येक स्कूल के बाहर चालान काटे जाएं। इसके तहत हर दिन 5 स्कूलों के बाहर कम से कम 10 चालान प्रत्येक के हिसाब से 50 चालान काटे जाएं। चालान उन्हीं स्कूली बच्चों के काटे जाएं जोकि गैरकानूनी रूप से बिना लाइसेंस के वाहन चलाते हैं।
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प्रेस विज्ञप्ति से अलग रहा कार्यक्रम
बता दें कि जिला लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रेस विज्ञप्ति में कार्यक्रम को कार-फ्री डे के रूप में प्रचारित किया गया था। प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया था कि जानकीदास स्कूल से सेक्टर-14-15 मार्केट होते हुए सेक्टर-14 पुलिस चौकी, अग्रसेन चौक से होते हुए वापस जानकी दास स्कूल तक का रूट कार-फ्री रहेगा। जबकि हकीकत में यह सिर्फ जागरूकता रैली थी।
ई-रिक्शा चालक ने भी लगाया धोखेबाजी का आरोप
कार्यक्रम के लिए एक ई-रिक्शा चालक को 200 रुपये में किराए पर किया गया था। इस रिक्शा के पीछे बैनर लगाए गए थे और सड़क सुरक्षा का संदेश देने के लिए लाउड स्पीकर भी लगाया गया था। रिक्शा चालक शंकर ने कार्यक्रम समाप्त होने पर बताया कि उसके साथ धोखा किया गया है। उसे जेपी जैन स्कूल वाले साहब ने दोपहर 1 बजे तक 200 रुपये दिहाड़ी बोलकर रिक्शा लिया था। अब बोल रहे हैं कि शाम तक रिक्शा शहर में घुमाऊं। शंकर ने विरोध जताते हुए कहा कि ऐसे तो गुजारा नहीं होगा। हालांकि इसके बाद वह रिक्शा लेकर डीएवी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम की ओर चल दिया।
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गौरतलब है कि स्कूल में सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान के तहत साइकिल रैली का आयोजन किया गया। रैली को हरी झंडी दिखाते हुए एसपी अभिषेक गर्ग ने यातायात नियमों की अनुपालना के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि इस दिशा में जागरूकता अभियान में शामिल विद्यार्थी पुलिस विभाग के संदेशवाहक एवं प्रतीक बनेंगे। रैली में शामिल विद्यार्थियों, पुलिस एवं प्रशासनिक कर्मचारियों आदि को बतौर मुख्य अतिथि एसपी अभिषेक गर्ग ने यातायात नियमों के प्रति जागरूकता एवं पालना की शपथ दिलाई। साथ ही उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाने के लिए यातायात नियमों की पूर्ण जानकारी व उनकी अनुपालना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष भारत में होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में लाखों लोग मौत का ग्रास बन जाते हैं। इस स्थिति को नियंत्रित करने के लिए यातायात नियमों का पालन करना होगा। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त शिव प्रसाद शर्मा, आरटीए राजीव अहलावत, नगराधीश सुधांशु गौतम, डीएसपी सुनील कुमार, जेपी जैन स्कूल और जानकीदास कपूर स्कूल का स्टाफ मौजूद रहा।
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हर रोज 5 स्कूल और 50 चालान
एसपी ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि शिक्षण संस्थाओं में कम आयु के विद्यार्थियों को वाहनों के उपयोग को प्रतिबंधित करना चाहिए। इस दिशा में पुलिस विभाग विशेष जागरूकता अभियान चलाएगा। एसपी ने कार्यक्रम के उपरांत निर्देश दिए कि जिले भर के प्रत्येक स्कूल के बाहर चालान काटे जाएं। इसके तहत हर दिन 5 स्कूलों के बाहर कम से कम 10 चालान प्रत्येक के हिसाब से 50 चालान काटे जाएं। चालान उन्हीं स्कूली बच्चों के काटे जाएं जोकि गैरकानूनी रूप से बिना लाइसेंस के वाहन चलाते हैं।
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प्रेस विज्ञप्ति से अलग रहा कार्यक्रम
बता दें कि जिला लोक संपर्क विभाग द्वारा प्रेस विज्ञप्ति में कार्यक्रम को कार-फ्री डे के रूप में प्रचारित किया गया था। प्रेस विज्ञप्ति में बताया गया था कि जानकीदास स्कूल से सेक्टर-14-15 मार्केट होते हुए सेक्टर-14 पुलिस चौकी, अग्रसेन चौक से होते हुए वापस जानकी दास स्कूल तक का रूट कार-फ्री रहेगा। जबकि हकीकत में यह सिर्फ जागरूकता रैली थी।
ई-रिक्शा चालक ने भी लगाया धोखेबाजी का आरोप
कार्यक्रम के लिए एक ई-रिक्शा चालक को 200 रुपये में किराए पर किया गया था। इस रिक्शा के पीछे बैनर लगाए गए थे और सड़क सुरक्षा का संदेश देने के लिए लाउड स्पीकर भी लगाया गया था। रिक्शा चालक शंकर ने कार्यक्रम समाप्त होने पर बताया कि उसके साथ धोखा किया गया है। उसे जेपी जैन स्कूल वाले साहब ने दोपहर 1 बजे तक 200 रुपये दिहाड़ी बोलकर रिक्शा लिया था। अब बोल रहे हैं कि शाम तक रिक्शा शहर में घुमाऊं। शंकर ने विरोध जताते हुए कहा कि ऐसे तो गुजारा नहीं होगा। हालांकि इसके बाद वह रिक्शा लेकर डीएवी स्कूल में आयोजित कार्यक्रम की ओर चल दिया।