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निगम में शिकायत निपटाने में ‘खेल’, कागजों में ठीक हो रहीं स्ट्रीट लाइट
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नगर निगम कार्यालय में जनसमस्याएं सुनते हुए मेयर निखिल मदान व विधायक सुरेंद्र पंवार। संवाद
- फोटो : Sonipat
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नगर निगम कार्यालय में स्ट्रीट लाइट खराब होने की शिकायतों को निपटाने में ‘खेल’ किया जा रहा है। निगम कार्यालय के सीएफसी (नागरिक सुविधा केंद्र) में बैठे एजेंसी वर्कर कागजों में ही खराब स्ट्रीट लाइट को ठीक कर रहे हैं। इसकी एवज में निगम अधिकारी बिना निगरानी किए एजेंसी को हर माह स्ट्रीट लाइट ठीक कराने के नाम पर 7.5 लाख रुपये चुका रहे हैं।
मेयर निखिल मदान वीरवार दोपहर विधायक सुरेंद्र पंवार संग सीएफसी में पहुंचे और रजिस्टर में दर्ज शिकायतों के आधार पर लोगों से फोन करना शुरू किया। तारा नगर के रहने वाले शिकायतकर्ता ने मेयर को फोन पर बताया कि तीन दिन पहले खराब स्ट्रीट लाइट की शिकायत दर्ज की थी। उसके बाद अभी तक ठीक नहीं हो पाई है। इस पर मेयर ने डीएमसी विरेंद्र सिंह को काम में लापरवाही करने पर एजेंसी के पैसे काटने के निर्देश दिए। इससे पहले विधायक सुरेंद्र पंवार ने प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में पेंडिंग फाइलें जल्द निपटाने के निर्देश दिए।
नगर निगम क्षेत्र में रात्रि के समय प्रकाश व्यवस्था के लिए 20 हजार 500 से ज्यादा स्ट्रीट लाइट लगी हुई हैं। नगर निगम के एजेंसी को स्ट्रीट लाइट ठीक करने के लिए दो साल का टेंडर दे रखा है। स्ट्रीट लाइट ठीक कराने के नाम पर नगर निगम की तरफ से एजेंसी को हर माह 7.5 लाख रुपये चुकाए जा रहे हैं। उसके बावजूद निगम क्षेत्र में लगी खराब स्ट्रीट लाइट को ठीक नहीं किया जा रहा। ऐसे में नगर निगम के सीएफसी में रोजाना 100 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो रही हैं। धरातल पर खराब स्ट्रीट लाइट ठीक करने की बजाय कागजों में ठीक करने का ‘खेल’ किया जा रहा है। वीरवार दोपहर मेयर निखिल मदान विधायक सुरेंद्र पंवार के साथ सीएफसी में निरीक्षण करते हुए पहुंचे तो वहां खराब स्ट्रीट लाइट की शिकायतों को मेयर ने चेक करना शुरू किया। जब मेयर ने तारा नगर के रहने वाले शिकायतकर्ता से फोन पर बात की। उस दौरान शिकायतकर्ता ने खराब स्ट्रीट लाइट ठीक नहीं होने की बात कही तो एजेंसी वर्करों को फटकार लगाई। साथ ही उनके साथ मौजूद डीएमसी विरेंद्र सिंह को एजेंसी का पैसा काटने के निर्देश दिए।
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विभिन्न प्रकार की लाइट के हिसाब से चुकाया जाता है पैसा
नगर निगम की ओर से एजेंसी को विभिन्न प्रकार की स्ट्रीट लाइट में खराबी आने के बाद उसे ठीक करने पर पैसा चुकाया जाता है। नगर निगम क्षेत्र में रात्रि के समय प्रकाश व्यवस्था के लिए 20 हजार 500 से ज्यादा स्ट्रीट लाइट लगा रखी हैं। नगर निगम की ओर से एक एलईडी लाइट के ठीक करने पर 80 रुपये, सीएफएल ट्यूब ठीक करने पर 52 रुपये, सोडियम लाइट ठीक करने के लिए 51 रुपये चुकाए जाते हैं। चार फुट पर लगी ट्यूब को ठीक करने पर एजेंसी को 25 रुपये चुकाए जाते हैं। इस तरह नगर निगम कार्यालय में रोजाना सैकड़ों शिकायतें दर्ज हो रही हैं। उसके बावजूद खराब लाइट की शिकायतों को निपटाने का ‘खेल’ करते हुए एजेंसी वर्कर कागजों में ठीक बता रहे हैं। (संवाद)
विधायक ने मेयर संग जनता दरबार लगाया, प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में पेंडिंग फाइलें निपटाने को कहा
इससे पहले विधायक सुरेंद्र पंवार ने मेयर निखिल मदान संग नगर निगम कार्यालय में जनता दरबार लगाया। जहां उन्होंने कहा कि शहरवासियों के कार्यों को गंभीरता से न लेने वाले अधिकारियों की सूची तैयार की जाएगी, ताकि लापरवाह अधिकारियों पर नकेल कसी जा सके। इसके बाद उन्होंने ज्वाइंट कमिश्नर सुभाष चंद्र के साथ बैठक कर शहर में पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ज्यादातर समस्याएं सीवर, पेयजल व प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच से आ रही हैं, जिससे शहर के लोगों को परेशानी हो रही है। वह हर वीरवार को जनता दरबार लगाया करेंगे। प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में जाकर पेंडिंग फाइलें जल्द निपटाने को कहा। इस दौरान पार्षद राजीव सरोहा, सुरेंद्र नैय्यर, मुकेश सैनी, एडवोकेट मुकेश पन्नालाल, भलेराम जांगड़ा, बिन्नी भारद्वाज, ओमकंवार, रामफल आदि मौजूद रहे।
रोजाना 300 से ज्यादा स्ट्रीट लाइट होती हैं ठीक
लाइट इंस्पेक्टर रमेश कुमार का कहना है कि नगर निगम की ओर से 300 से ज्यादा लाइट ठीक होती हैं। सीएफसी में रोजाना 50 से 60 कॉल खराब स्ट्रीट लाइट की शिकायत से संबंधित आती हैं। शिकायत आते ही एजेंसी वर्करों को तुरंत मौके पर भेज दिया जाता है। वहां लाइट ठीक किए जाने के बाद एजेंसी वर्कर को कार्यालय में सूचित करना होता है। निगम क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट पुरानी होने की वजह से बार-बार खराब हो रही हैं। मुख्यालय की ओर से नई स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए टेंडर लगाया जाना है।
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मेयर निखिल मदान वीरवार दोपहर विधायक सुरेंद्र पंवार संग सीएफसी में पहुंचे और रजिस्टर में दर्ज शिकायतों के आधार पर लोगों से फोन करना शुरू किया। तारा नगर के रहने वाले शिकायतकर्ता ने मेयर को फोन पर बताया कि तीन दिन पहले खराब स्ट्रीट लाइट की शिकायत दर्ज की थी। उसके बाद अभी तक ठीक नहीं हो पाई है। इस पर मेयर ने डीएमसी विरेंद्र सिंह को काम में लापरवाही करने पर एजेंसी के पैसे काटने के निर्देश दिए। इससे पहले विधायक सुरेंद्र पंवार ने प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में पेंडिंग फाइलें जल्द निपटाने के निर्देश दिए।
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नगर निगम क्षेत्र में रात्रि के समय प्रकाश व्यवस्था के लिए 20 हजार 500 से ज्यादा स्ट्रीट लाइट लगी हुई हैं। नगर निगम के एजेंसी को स्ट्रीट लाइट ठीक करने के लिए दो साल का टेंडर दे रखा है। स्ट्रीट लाइट ठीक कराने के नाम पर नगर निगम की तरफ से एजेंसी को हर माह 7.5 लाख रुपये चुकाए जा रहे हैं। उसके बावजूद निगम क्षेत्र में लगी खराब स्ट्रीट लाइट को ठीक नहीं किया जा रहा। ऐसे में नगर निगम के सीएफसी में रोजाना 100 से ज्यादा शिकायतें दर्ज हो रही हैं। धरातल पर खराब स्ट्रीट लाइट ठीक करने की बजाय कागजों में ठीक करने का ‘खेल’ किया जा रहा है। वीरवार दोपहर मेयर निखिल मदान विधायक सुरेंद्र पंवार के साथ सीएफसी में निरीक्षण करते हुए पहुंचे तो वहां खराब स्ट्रीट लाइट की शिकायतों को मेयर ने चेक करना शुरू किया। जब मेयर ने तारा नगर के रहने वाले शिकायतकर्ता से फोन पर बात की। उस दौरान शिकायतकर्ता ने खराब स्ट्रीट लाइट ठीक नहीं होने की बात कही तो एजेंसी वर्करों को फटकार लगाई। साथ ही उनके साथ मौजूद डीएमसी विरेंद्र सिंह को एजेंसी का पैसा काटने के निर्देश दिए।
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विभिन्न प्रकार की लाइट के हिसाब से चुकाया जाता है पैसा
नगर निगम की ओर से एजेंसी को विभिन्न प्रकार की स्ट्रीट लाइट में खराबी आने के बाद उसे ठीक करने पर पैसा चुकाया जाता है। नगर निगम क्षेत्र में रात्रि के समय प्रकाश व्यवस्था के लिए 20 हजार 500 से ज्यादा स्ट्रीट लाइट लगा रखी हैं। नगर निगम की ओर से एक एलईडी लाइट के ठीक करने पर 80 रुपये, सीएफएल ट्यूब ठीक करने पर 52 रुपये, सोडियम लाइट ठीक करने के लिए 51 रुपये चुकाए जाते हैं। चार फुट पर लगी ट्यूब को ठीक करने पर एजेंसी को 25 रुपये चुकाए जाते हैं। इस तरह नगर निगम कार्यालय में रोजाना सैकड़ों शिकायतें दर्ज हो रही हैं। उसके बावजूद खराब लाइट की शिकायतों को निपटाने का ‘खेल’ करते हुए एजेंसी वर्कर कागजों में ठीक बता रहे हैं। (संवाद)
विधायक ने मेयर संग जनता दरबार लगाया, प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में पेंडिंग फाइलें निपटाने को कहा
इससे पहले विधायक सुरेंद्र पंवार ने मेयर निखिल मदान संग नगर निगम कार्यालय में जनता दरबार लगाया। जहां उन्होंने कहा कि शहरवासियों के कार्यों को गंभीरता से न लेने वाले अधिकारियों की सूची तैयार की जाएगी, ताकि लापरवाह अधिकारियों पर नकेल कसी जा सके। इसके बाद उन्होंने ज्वाइंट कमिश्नर सुभाष चंद्र के साथ बैठक कर शहर में पानी निकासी के पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ज्यादातर समस्याएं सीवर, पेयजल व प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच से आ रही हैं, जिससे शहर के लोगों को परेशानी हो रही है। वह हर वीरवार को जनता दरबार लगाया करेंगे। प्रॉपर्टी टैक्स शाखा में जाकर पेंडिंग फाइलें जल्द निपटाने को कहा। इस दौरान पार्षद राजीव सरोहा, सुरेंद्र नैय्यर, मुकेश सैनी, एडवोकेट मुकेश पन्नालाल, भलेराम जांगड़ा, बिन्नी भारद्वाज, ओमकंवार, रामफल आदि मौजूद रहे।
रोजाना 300 से ज्यादा स्ट्रीट लाइट होती हैं ठीक
लाइट इंस्पेक्टर रमेश कुमार का कहना है कि नगर निगम की ओर से 300 से ज्यादा लाइट ठीक होती हैं। सीएफसी में रोजाना 50 से 60 कॉल खराब स्ट्रीट लाइट की शिकायत से संबंधित आती हैं। शिकायत आते ही एजेंसी वर्करों को तुरंत मौके पर भेज दिया जाता है। वहां लाइट ठीक किए जाने के बाद एजेंसी वर्कर को कार्यालय में सूचित करना होता है। निगम क्षेत्र में स्ट्रीट लाइट पुरानी होने की वजह से बार-बार खराब हो रही हैं। मुख्यालय की ओर से नई स्ट्रीट लाइट लगाने के लिए टेंडर लगाया जाना है।