फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   fraud, job in foreign, 67 lakhs fraud

विदेश भेजकर नौकरी दिलवाने के नाम पर युवक से 67 लाख रुपये ठगे

Sun, 04 Jul 2021 11:39 PM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sun, 04 Jul 2021 11:39 PM IST
विज्ञापन
fraud, job in foreign, 67 lakhs fraud
गोहाना। गांव शामड़ी बूरान निवासी एक युवक से विदेश में नौकरी दिलवाने के नाम से 67 लाख रुपये ठगी कर ली गई। आरोपियों ने युवक को आस्ट्रेलिया में नौकरी के साथ ही वहां की स्थायी नागरिकता दिलवाने का झांसा देकर ठगी की। उसने मामले की शिकायत एसपी को दी। एसपी के आदेश पर सदर थाना पुलिस ने पांचों आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
विज्ञापन

गांव शामड़ी बूरान निवासी भूपेंद्र ने बताया कि वह स्नातक करने के बाद वर्ष 2014 में एक एडवोकेट के पास बतौर पीएसओ की नौकरी करता था। इससे पहले वर्ष 2008 में बोबी बजाड़ की मुलाकात उसकी मौसी की लड़के फरीदाबाद निवासी बिजेंद्र गुलिया उर्फ निटू के साथ उसके शोरूम पर हुई थी। इसके बाद कई कार्यक्रमों ने उससे मुलाकात होती रही। इस बीच बोबी बजाड़ ने उसे भरोसा दिलाया कि वह और उसका पूरा परिवार ऑस्ट्रेलिया का स्थायी निवासी है। उसने उसे झांसा दिया कि ऑस्ट्रेलिया में सिक्योरिटी की नौकरी मिलने पर महीने में लाखों रुपये कमाए जा सकते हैं। उसने ऑस्ट्रेलिया में स्थायी नागरिकता दिलाने में सक्षम होने की भी बात कही।
विज्ञापन

भूपेंद्र के अनुसार, बोबी बजाड़ ने उसे बताया वह मूलरूप से रोहतक जिले के गांव मकड़ौली का रहने वाला है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की स्थायी नागरिकता मिलने के कारण उसकी यहां के सभी पहचान-पत्र समाप्त हो चुके हैं। इसके बावजूद मूल निवासी होने के कारण वह देश में आ सकते हैं। बोबी ने उसे आश्वासन दिया कि वह उसका वहां का वीजा पूरे परिवार का करवा सकता है। उसने कहा कि पहली बार चार साल का वीजा और बाद मे स्थायी नागरिकता लेने के लिए अधिक रुपये खर्च होंगे। इस कारण उसने अपना, पत्नी व बेटी के लिए चार साल का वीजा और बाद में स्थायी नागरिकता लेने के लिए आवेदन किया। इसके लिए उसने अपने घर में 14 जनवरी 2014 को बोबी को 15 लाख रुपये दिए। इसके बाद 6 जनवरी 2015 को 12 लाख, 15 मार्च 2015 को 15 लाख रुपये कृष्णा चौधरी व महेंद्र चौधरी को दिए। भूपेंद्र ने बताया कि उसे व उसकी पत्नी को 8 मई 2015 को वीजा मिला, लेकिन बाद में पता चला कि इतने रुपये तो चार साल वीजा दिलाने के लिए थे। लेकिन उनका ऑस्ट्रेलिया का वीजा सिर्फ एक साल के लिए करवा के दिया। जब उसने बोबी बजाड से शिकायत की तो उसने कहा कि चार साल के लिए वीजा व स्थायी नागरिकता थोड़े समय में ही करवा देगा। लेकिन वीजा न बढ़ने के कारण उसे दिसंबर 2016 में वापस भारत आना पड़ा। जब उसने बोबी व उसके माता-पिता को इसकी शिकायत की तो उन्होंने जल्द इसका प्रबंध करने की बात कही। उसका व उसकी पत्नी का तलाक भी हो गया और आरोपियों ने उससे 67 लाख रुपये ले लिए। इसके बावजूद वीजा नहीं आया। बाद में उसे पता चला कि आरोपी गिरोह बनाकर लोगों को झांसे में लेकर ठगी करते हैं। अब उसने इसकी शिकायत एसपी को दी। एसपी के आदेश पर सदर थाना गोहाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed