{"_id":"65a02046827a1287d305f976","slug":"four-day-training-camp-of-education-volunteers-concluded-sonipat-news-c-197-1-snp1002-12240-2024-01-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: शिक्षा स्वयंसेवक का चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: शिक्षा स्वयंसेवक का चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर संपन्न
विज्ञापन
सोनीपत के मॉडल टाउन स्थित डीपीसी कार्यालय में चल रहे शिविर में शामिल शिक्षा स्वयंसेवक। संवाद
सोनीपत। स्कूली शिक्षा से वंचित विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्य धारा में लाने के लिए आयोजित चार दिवसीय प्रशिक्षण शिविर वीरवार को संपन्न हुआ। शिविर का आयोजन हरियाणा स्कूल शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से हुआ। जिसमें शिक्षा स्वयंसेवक (ईवी) को नई शिक्षा नीति के तहत विद्यार्थियों को खेल-खेल में पढ़ाने के तरीके सिखाए गए।
समापन समारोह में जिला परियोजना समन्वयक जितेंद्र छिक्कारा ने स्वयंसेवकों को समयबद्ध, नियमित तौर पर और प्रेमपूर्वक पढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि शिक्षा से वंचित और स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा की डगर पर लाया जा सके। उन्होंने कहा कि शिविर लगाने का उद्देश्य कमियों को दूर करके बेहतर कार्य करना है। स्कूली शिक्षा से वंचित बच्चों को पाठ्यक्रम करवाकर आगामी शैक्षणिक सत्र में उनकी आयु के अनुसार कक्षाओं में दाखिले दिलाए जाएंगे।
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी सहायक परियोजना समन्वयक (एपीसी) डॉ. अतर सिंह ने बताया कि जिले में 38 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। प्रत्येक केंद्र में 25 विद्यार्थियों पर एक शिक्षा स्वयंसेवक की नियुक्ति की गई है। इस दौरान एपीसी रूपेंद्र पूनिया, एपीसी अमित भनवाला और डिवीजनल समन्वयक संजीव कुमार ने भी स्वयंसेवकों को बच्चों के बेहतर तरीके से पढ़ाने के तरीके सुझाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
समापन समारोह में जिला परियोजना समन्वयक जितेंद्र छिक्कारा ने स्वयंसेवकों को समयबद्ध, नियमित तौर पर और प्रेमपूर्वक पढ़ाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विभाग का प्रयास है कि शिक्षा से वंचित और स्कूल छोड़ चुके विद्यार्थियों को दोबारा शिक्षा की डगर पर लाया जा सके। उन्होंने कहा कि शिविर लगाने का उद्देश्य कमियों को दूर करके बेहतर कार्य करना है। स्कूली शिक्षा से वंचित बच्चों को पाठ्यक्रम करवाकर आगामी शैक्षणिक सत्र में उनकी आयु के अनुसार कक्षाओं में दाखिले दिलाए जाएंगे।
विज्ञापन
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी सहायक परियोजना समन्वयक (एपीसी) डॉ. अतर सिंह ने बताया कि जिले में 38 केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। प्रत्येक केंद्र में 25 विद्यार्थियों पर एक शिक्षा स्वयंसेवक की नियुक्ति की गई है। इस दौरान एपीसी रूपेंद्र पूनिया, एपीसी अमित भनवाला और डिवीजनल समन्वयक संजीव कुमार ने भी स्वयंसेवकों को बच्चों के बेहतर तरीके से पढ़ाने के तरीके सुझाए।
विज्ञापन