फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Farmers protest : Farmers union meet today to discuss proposal of center  

सरकार से मुलाकात के बाद पहली बार तल्ख नहीं दिखे किसानों के तेवर, अब संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक पर टिकी नजर

Thu, 21 Jan 2021 01:02 AM IST
रोहतक ब्यूरो अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा)
अंकित चौहान, अमर उजाला, सोनीपत (हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Thu, 21 Jan 2021 01:02 AM IST
विज्ञापन
Farmers protest : Farmers union meet today to discuss proposal of center  
धरने पर बैठे किसान। - फोटो : ANI

कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों की सरकार से बातचीत के बाद पहली बार ऐसा हुआ है कि किसान नेताओं के तेवर बैठक से बाहर आने के बाद तल्ख नहीं दिखे। किसानों व सरकार के बीच पिछले नौ दौर की बातचीत के बाद हर बार किसानों के तेवर काफी तल्ख होते थे और आंदोलन को तेज करने की घोषणा बैठक से बाहर निकलकर ही कर दी जाती थी। 

विज्ञापन


जिस तरह से इस बार सरकार एक कदम पीछे हटने को तैयार हुई है और कृषि कानूनों को कुछ साल के लिए स्थगित करने का प्रस्ताव दिया है, उसका बड़ा कारण सरकार पर दबाव माना जा रहा है। किसान नेताओं को लगता है कि दिल्ली में गणतंत्र दिवस पर होने वाली किसान ट्रैक्टर परेड से सरकार दबाव में दिखी है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें - जलियांवाला बाग कांड : कैसे याद करें कुर्बानी, जब प्रशासन के पास पूरी जानकारी ही नहीं 
विज्ञापन
विज्ञापन


कृषि कानून रद्द करने की मांग को लेकर सड़कों पर किसान बैठे हुए है तो सरकार से लगातार बातचीत हो रही है। किसानों व सरकार के बीच दस दौर की बातचीत अभी तक हो चुकी है और एक बार गृहमंत्री अमित शाह से किसान मिल चुके हैं। किसान नौ दौर की बातचीत के लिए इस उम्मीद के साथ बैठक में जाते थे कि सरकार कृषि कानूनों को रद्द करने के साथ एमएसपी की गारंटी देने की ओर कोई कदम बढ़ाएगी। किसान नेताओं को हर बार निराश होकर लौटना पड़ता था। 

हर बार बैठक से बाहर निकलते ही किसान नेताओं के तल्ख तेवर देखने को मिलते थे और वह आंदोलन की अगली रणनीति बनाकर उसे तेज करने की तैयारी में लग जाते थे। दसवें दौर की बातचीत में पहली बार किसान नेताओं को सरकार का सकारात्मक रुख दिखा है और सरकार कृषि कानूनों को कुछ समय के लिए स्थगित करने पर तैयार हुई है।

सरकार के इस प्रस्ताव पर किसान नेता अब गुरुवार को बैठक कर फैसला लेंगे ताकि अगले दिन सरकार को बैठक में जवाब दिया जा सके। हालांकि किसान नेता अभी सरकार के इस प्रस्ताव पर राजी होते नहीं दिख रहे है और अधिकतर किसान नेता कृषि कानून रद्द करने की बात पर ही अड़े हुए हैं। हालांकि वह इस बात को भी कहते हैं कि इस पर फैसला गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में लेकर साफ कर दिया जाएगा कि आखिर आगे की रणनीति क्या रहने वाली है। 

यह भी पढ़ें - हरियाणा : गिर रहा है भूजल स्तर, जल संरक्षण के लिए अब ब्लॉक स्तर पर तैयार होगा वाटर प्लान 

अब हर किसी की नजर किसान नेताओं की बैठक पर टिकी है वहीं सरकार भी किसानों के फैसले पर नजर रखेगी। किसानों के इस फैसले से गणतंत्र दिवस की किसान ट्रैक्टर परेड का भविष्य भी टिका हुआ है। जिसके लिए किसान कई दिनों से तैयारी कर रहे हैं।

किसान केवल एक ही मांग कर रहे हैं कि कृषि कानूनों को रद्द किया जाए और एमएसपी पर फसल खरीद की गारंटी दी जाए। सरकार ने केवल एक कदम बढ़ाते हुए कानून स्थगित करने का प्रस्ताव दिया है। इस पर क्या फैसला लेना है, यह संयुक्त किसान मोर्चा लेगा। संयुक्त किसान मोर्चा फैसला लेकर सरकार को बता देगा। जिस तरह से सरकार ने एक कदम आगे बढ़ाया है, यह गणतंत्र दिवस पर होने वाली किसान ट्रैक्टर परेड के दबाव का असर है। उस ट्रैक्टर परेड में लाखों किसान शामिल होंगे। -अभिमन्यु कोहाड़, सदस्य, संयुक्त किसान मोर्चा

सरकार पर किसानों को विश्वास नहीं है, क्योंकि सरकार कहती कुछ है और करती कुछ है। इसलिए सरकार को पहले कुछ करके दिखाना होगा। उसके बाद ही किसान आगे कुछ सोचेंगे। सरकार कृषि कानूनों को स्थगित करना चाहती है तो वह सुप्रीम कोर्ट में यह लिखित में देकर उनको दो साल के लिए स्थगित कराए। हालांकि संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में इसको लेकर चर्चा होगी और उसके बाद ही फैसला होगा।  - शमशेर दहिया, महासचिव, भाकियू अंबावता

सरकार ने अभी केवल प्रस्ताव दिया है और इससे यह भी साफ हो गया कि किसानों की मांग जायज है। सरकार खुद भी मानती है कि कानून ठीक नहीं है और उनको अभी स्थगित कर दिया जाए। संयुक्त किसान मोर्चा की गुरुवार को बैठक होगी, जिसमें किसी तरह का फैसला लिया जाएगा। क्योंकि यह किसी एक की लड़ाई नहीं है, बल्कि करोड़ों किसानों की लड़ाई है तो सभी किसानों से बात करके ही फैसला लेंगे। - दर्शनपाल, सदस्य, संयुक्त किसान मोर्चा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed