{"_id":"5f6b86df8ebc3ee2bd312700","slug":"for-16-years-people-of-up-are-deciding-to-win-the-election-in-voter-id-in-the-district-sonipat-news-rtk575004190","type":"story","status":"publish","title_hn":"16 साल से यूपी के लोग जिले में वोटर आईडी बनवा चुनाव में हार-जीत का कर रहे फैसला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
16 साल से यूपी के लोग जिले में वोटर आईडी बनवा चुनाव में हार-जीत का कर रहे फैसला
विज्ञापन
खुर्मपुर गांव में यूपी के लोगों की वोट की जांच करने के लिए बुलाई गई पंचायत।
- फोटो : Sonipat
सोनीपत। यूपी के बागपत जिले के नंगला बहलोलपुर गांव में रहने वाले लोगों के वोट सोनीपत जिले के खुर्मपुर गांव में बना दिए गए। 16 साल से ऐसे मतदाता विधायक से लेकर सरपंच तक के चुनाव में हार-जीत का फैसला कर रहे हैं। इन वोटों को कटवाने के लिए जिला पार्षद ने शिकायत दर्ज कराई तो पटवारी व बीएलओ ने पंचायत बुलाकर जांच कराई।
जांच के दौरान खुर्मपुर के जिन मकान के नंबर बताकर वोट बनवाई गई थी, उन मकानों में उनमें से कोई मतदाता नहीं मिला। नंबरदार व अन्य ग्रामीणों ने खुद भी उन वोटरों के कभी गांव में नहीं रहने की बात बताई। जिससे अब उन वोट को 16 साल बाद सोनीपत की सूची से काटने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
यूपी के बागपत जिले के नंगला बहलोलपुर गांव के लोगों की लगभग 248 वोट वर्ष 2004 में सोनीपत के खुर्मपुर गांव में बनाई गई। उस समय चुनाव में फायदा लेने के लिए कुछ लोगों ने ऐसा कया। कई चुनाव में उन वोट को डलवाया गया तो 2010 के पंचायत चुनाव से पहले लिस्ट में यूपी की वोट देखकर उसकी शिकायत की गई। उस समय जांच करके 220 वोट काट दी गई, लेकिन उसके बावजूद 28 मतदाता अपने मत का लगातार प्रयोग कर रहे हैं। विधायक के चुनाव में वर्ष 2014 में केवल तीन वोट से हार-जीत का फैसला हुआ था तो पंचायत चुनाव में दस से कम वोट से हार-जीत का फैसला हुआ था।
विज्ञापन
अब जिला पार्षद नंदकिशोर चौहान ने यूपी के लोगों की उन 28 वोट को फर्जी बताते हुए शिकायत दर्ज कराई। जिस पर डीसी श्यामलाल पूनिया ने मामले में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी तो पटवारी व बीएलओ को पूरे मामले की रिपोर्ट देने के लिए कहा गया। जिसमें पटवारी नवीन दहिया ने बुधवार को गांव में पंचायत बुलाई और उसमें बीएलओ अंजू रानी, नंबरदार गंगाराम व सुखराम समेत अन्य ग्रामीण पंचायत में पहुंचे तो जिला पार्षद नंदकिशोर चौहान भी पंचायत में बुलाए गए। जहां नंबरदार व अन्य ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि जिन लोगों की वोट बनी हुई है, वह खुर्मपुर के रहने वाले नहीं हैं। वह सभी यूपी के बागपत जिले के नंगला बहलोलपुर गांव के रहने वाले हैं। जांच के बाद यूपी के लोगों की वोट काटने के लिए रिपोर्ट तैयार की गई है, जिससे आगे चुनावों में वह वोट नहीं डाल सके।
बीएलओ की कार्यप्रणाली पर हंगामा हुआ तो उन्हें पंचायत से जाना पड़ा
पंचायत में जब बीएलओ से पूछा गया कि जिन लोगों की वोट को लेकर शिकायत की गई है। वह कहां के रहने वाले हैं तो उसने बताया कि वह नंगला बहलोलपुर में रहते हैं। जिसपर पटवारी ने कहा कि इस नाम से कोई गांव सोनीपत जिले में नहीं है। जिसको लेकर काफी गहमा-गहमी शुरू हो गई और बीएलओ की कार्यप्रणालरी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया कि उसको पहले भी कई बार कहा गया था, लेकिन उसने यूपी के लोगों की वोट कटवाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद खींचतान होने पर बीएलओ पंचायत से चली गई।
खुर्मपुर गांव में यूपी के लोगों की वोट बनी होने की शिकायत आई थी। इस तरह से गलत वोट है तो उनको कटवाया जा सकता है। उसकी जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है।
- श्यामलाल पूनिया, डीसी
विज्ञापन
जांच के दौरान खुर्मपुर के जिन मकान के नंबर बताकर वोट बनवाई गई थी, उन मकानों में उनमें से कोई मतदाता नहीं मिला। नंबरदार व अन्य ग्रामीणों ने खुद भी उन वोटरों के कभी गांव में नहीं रहने की बात बताई। जिससे अब उन वोट को 16 साल बाद सोनीपत की सूची से काटने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
विज्ञापन
यूपी के बागपत जिले के नंगला बहलोलपुर गांव के लोगों की लगभग 248 वोट वर्ष 2004 में सोनीपत के खुर्मपुर गांव में बनाई गई। उस समय चुनाव में फायदा लेने के लिए कुछ लोगों ने ऐसा कया। कई चुनाव में उन वोट को डलवाया गया तो 2010 के पंचायत चुनाव से पहले लिस्ट में यूपी की वोट देखकर उसकी शिकायत की गई। उस समय जांच करके 220 वोट काट दी गई, लेकिन उसके बावजूद 28 मतदाता अपने मत का लगातार प्रयोग कर रहे हैं। विधायक के चुनाव में वर्ष 2014 में केवल तीन वोट से हार-जीत का फैसला हुआ था तो पंचायत चुनाव में दस से कम वोट से हार-जीत का फैसला हुआ था।
विज्ञापन
अब जिला पार्षद नंदकिशोर चौहान ने यूपी के लोगों की उन 28 वोट को फर्जी बताते हुए शिकायत दर्ज कराई। जिस पर डीसी श्यामलाल पूनिया ने मामले में अधिकारियों से रिपोर्ट मांगी तो पटवारी व बीएलओ को पूरे मामले की रिपोर्ट देने के लिए कहा गया। जिसमें पटवारी नवीन दहिया ने बुधवार को गांव में पंचायत बुलाई और उसमें बीएलओ अंजू रानी, नंबरदार गंगाराम व सुखराम समेत अन्य ग्रामीण पंचायत में पहुंचे तो जिला पार्षद नंदकिशोर चौहान भी पंचायत में बुलाए गए। जहां नंबरदार व अन्य ग्रामीणों ने साफ कर दिया कि जिन लोगों की वोट बनी हुई है, वह खुर्मपुर के रहने वाले नहीं हैं। वह सभी यूपी के बागपत जिले के नंगला बहलोलपुर गांव के रहने वाले हैं। जांच के बाद यूपी के लोगों की वोट काटने के लिए रिपोर्ट तैयार की गई है, जिससे आगे चुनावों में वह वोट नहीं डाल सके।
बीएलओ की कार्यप्रणाली पर हंगामा हुआ तो उन्हें पंचायत से जाना पड़ा
पंचायत में जब बीएलओ से पूछा गया कि जिन लोगों की वोट को लेकर शिकायत की गई है। वह कहां के रहने वाले हैं तो उसने बताया कि वह नंगला बहलोलपुर में रहते हैं। जिसपर पटवारी ने कहा कि इस नाम से कोई गांव सोनीपत जिले में नहीं है। जिसको लेकर काफी गहमा-गहमी शुरू हो गई और बीएलओ की कार्यप्रणालरी पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया गया कि उसको पहले भी कई बार कहा गया था, लेकिन उसने यूपी के लोगों की वोट कटवाने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की। जिसके बाद खींचतान होने पर बीएलओ पंचायत से चली गई।
खुर्मपुर गांव में यूपी के लोगों की वोट बनी होने की शिकायत आई थी। इस तरह से गलत वोट है तो उनको कटवाया जा सकता है। उसकी जांच कराई जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए है।
- श्यामलाल पूनिया, डीसी