फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Five illegal factories running for extracting aluminium in Sonipat were shut down, PCB demolished furnaces

Haryana: सोनीपत में एल्युमीनियम निकालने को चल रही पांच अवैध फैक्टरियां कराई बंद, पीसीबी ने की भट्ठियां ध्वस्त

Fri, 15 Nov 2024 08:34 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा) Updated Fri, 15 Nov 2024 08:34 AM IST
सार

सामुदायिक केंद्र बढ़खालसा की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनविता कौशिक ने बताया कि दवाओं के रेपर जलाने से निकलने वाले प्रदूषण का शरीर पर बुरा असर पड़ता है। रेफर जलाने से हाइड्रोकार्बन निकलता है जो स्वास्थ्य के लिए घातक है।

विज्ञापन
Five illegal factories running for extracting aluminium in Sonipat were shut down, PCB demolished furnaces
सोनीपत के गांव फिरोजपुर बांगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्टरी में ध्वस्त कराई गई भट्ठी - फोटो : संवाद

विस्तार

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीसीबी) की टीम ने शुक्रवार को गांव फिरोजपुर बांगर स्थित औद्योगिक क्षेत्र में छापा डालकर पांच फैक्टरी पर कार्रवाई की। टीम ने भट्ठियों के अंदर दवाओं के रेपर पिघलाकर एल्युमीनियम निकालने के लिए अवैध रूप से चल रही पांचों फैक्टरियों को बंद कराया। टीम ने कार्रवाई करते हुए भट्ठियां ध्वस्त करा दी। क्षेत्रीय अधिकारी प्रदीप सिंह ने कहा कि जल्द कारण बताओ नोटिस जारी कर फैक्टरियां हटाई जाएगी। वहीं, नाथूपुर मोड़ पर एनएच-44 किनारे पाबंदी के बावजूद कूड़े के ढेर में आग लगाने पर एनएचएआई पर 25 हजार रुपये का जुर्माना किया गया।

विज्ञापन


सहायक पर्यावरण अभियंता अनिल कुमार के नेतृत्व टीम ने फिरोजपुर बांगर स्थित औद्योगिक क्षेत्र में जांच की। इस दौरान टीम ने पांच और फैक्टरियों में दवाओं के रेपर पिघलाकर उनसे एल्युमिनियम निकालने का कार्य होता मिला। भट्ठियों में एल्युमिनियम धातु के स्क्रैप को पिघलाकर उनके स्लैब बनाए जा रहे थे। इससे पहले टीम ने 4 नवंबर को भी छापे डालकर आठ फैक्टरियों को बंद कराया गया था। शुक्रवार को कार्रवाई के दौरान फैक्टरियों में चल रही भट्ठियों को तत्काल प्रभाव से ध्वस्त कराया। जांच के दौरान कोई भी फैक्टरी संचालक अपनी फैक्टरी चलाने के लिए लाइसेंस नहीं दिखा सका। किसानों से जमीनों को किराये पर लेकर फैक्टरियां चलाई जा रही थी। इसके चलते प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की टीम ने यह कार्रवाई की।
विज्ञापन


कूड़ा जलाने पर एनएचएआई को 25 हजार का किया जुर्माना
सहायक पर्यावरण अभियंता अनिल कुमार के नेतृत्व टीम एनएच-44 (जीटी रोड) पर नाथूपुर मोड़ के पास पहुंची। टीम को पाबंदी के बावजूद खुले में कूड़ा जलता हुआ मिला। इस पर टीम ने कार्रवाई करते हुए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रोजेक्ट निदेशक के नाम 25 हजार रुपये का जुर्माना किया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


एलर्जी व दमा के मरीजों को लिए नुकसानदायक
सामुदायिक केंद्र बढ़खालसा की वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनविता कौशिक ने बताया कि दवाओं के रेपर जलाने से निकलने वाले प्रदूषण का शरीर पर बुरा असर पड़ता है। रेफर जलाने से हाइड्रोकार्बन निकलता है जो स्वास्थ्य के लिए घातक है। हाइड्रोकार्बन की वजह से दमा व एलर्जी होने की आशंका होती है। दवाओं के रेपर जलाना वायु प्रदूषण की श्रेणी में आता है।


अधिकारी के अनुसार
दवाओं के रेपर पिघलाकर चलाई जा रही एल्युमिनियम के स्लैब बनाने को अवैध रूप से चल रही पांच फैक्टरियों को बंद कराया है। साथ ही फैक्टरियों के अंदर भटि्ठयों को ध्वस्त कराया गया है। वहीं, टीम ने कूड़ा जलाने पर एचएचएआई को 25 हजार रुपये का जुर्माना किया गया है। -प्रदीप सिंह, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed