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सोनीपत: झगड़े के मामले में काटी गई एमएलआर में गड़बड़ी के आरोप, पांच चिकित्सकों पर मुकदमा
Thu, 21 Oct 2021 12:18 AM IST
रोहतक ब्यूरो
अमर उजाला ब्यूरो, सोनीपत
अमर उजाला ब्यूरो, सोनीपत
Published by: रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 21 Oct 2021 12:18 AM IST
सार
सोनीपत में झगड़े और हत्या के मामले में पुलिस कार्रवाई हुई है। एमएलआर में गड़बड़ी के आरोपों के चलते सिविल अस्पताल के पांच डॉक्टरों पर केस दर्ज किया गया है। हालांकि मामला चार साल पुराना है। गांव हरसाना कलां में हत्या के बाद एक युवक को चोट मारी गई थी। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि एमएलआर में गड़बड़ी की गई है।
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सांकेतिक तस्वीर।
- फोटो : Getty
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विस्तार
सोनीपत के सेक्टर-27 थाने में सामान्य अस्पताल के पांच चिकित्सकों के खिलाफ गलत एमएलआर काटने के आरोप में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। मामले में जिस चिकित्सक ने पहले एमएलआर की थी, उस पर शिकायतकर्ता ने एतराज जताया था। इसके बाद बोर्ड से मेडिकल कराया गया था, लेकिन अब इनकी जांच को भी गलत बताया गया है। पुलिस ने एडीए की राय के बाद मामले में पांच चिकित्सकों डॉ. अंबुज जैन, डॉ. एकता शर्मा, डॉ. सुशील जैन, डॉ. राहुल कंबोज और डॉ. गौरव शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। गांव हरसाना कलां के अशोक ने पुलिस को मामले को लेकर शिकायत दी थी।
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घर में घुसकर किया गया था मर्डर
अशोक ने बताया था कि 29 दिसंबर 2017 की शाम साढ़े छह बजे आरोपियों ने उनके घर में घुसकर उसके ताऊ रणधीर सिंह की हत्या कर दी। उसके भाई मनोज के सिर में तेजधार हथियारों से चोटें मारी गई थी। इसकी एमएलआर चिकित्सक ने 29 दिसंबर 2017 को की थी। उसने आरोप लगाया था कि भाई की एमएलआर मिलीभगत करके तैयार करवाई गई। उन्होंने एसपी को शिकायत देकर दोबारा मेडिकल करवाने की मांग की थी। सिविल सर्जन के आदेशानुसार बोर्ड ने भाई की दोबारा मेडिकल जांच की।
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दोबारा जांच में गहरी मिली थीं चोटें
जो चोट पहले 3 एक्स 0.5 सेंटीमीटर दिखाई गई थी। दोबारा जांच में उन चोटों की लंबाई 10.5 सेंटीमीटर पाई गई। चोट भी 1 के बजाय 4 मिली थीं। आरोप लगाया था कि झूठे दस्तावेज बनाकर आरोपियों की मदद करने की कोशिश की गई। इस मामले में पुलिस ने एडीए (असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटार्नी) की राय ली थी, जिन्होंने पहले चिकित्सक की रिपोर्ट को सही पाया।
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शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं
वहीं, मामले में शिकायतकर्ता अशोक का कहना है कि पहले मेडिकल करने वाली चिकित्सक की शिकायत दी थी। उनकी शिकायत पर पुलिस मेडिकल पैनल के चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा कैसे दर्ज कर सकती है। वे इस मामले में एसपी से मिलेंगे और न्यायालय में भी शिकायत करेंगे।
मामले को एडीए को सौंपा गया था, जिसमें बोर्ड द्वारा किए गए मेडिकल को गलत बताया गया। इसके बाद पांच डॉक्टरों पर केस दर्ज कर दिया है। अब इसकी जांच की जाएगी।
-जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी, सोनीपत
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घर में घुसकर किया गया था मर्डर
अशोक ने बताया था कि 29 दिसंबर 2017 की शाम साढ़े छह बजे आरोपियों ने उनके घर में घुसकर उसके ताऊ रणधीर सिंह की हत्या कर दी। उसके भाई मनोज के सिर में तेजधार हथियारों से चोटें मारी गई थी। इसकी एमएलआर चिकित्सक ने 29 दिसंबर 2017 को की थी। उसने आरोप लगाया था कि भाई की एमएलआर मिलीभगत करके तैयार करवाई गई। उन्होंने एसपी को शिकायत देकर दोबारा मेडिकल करवाने की मांग की थी। सिविल सर्जन के आदेशानुसार बोर्ड ने भाई की दोबारा मेडिकल जांच की।
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दोबारा जांच में गहरी मिली थीं चोटें
जो चोट पहले 3 एक्स 0.5 सेंटीमीटर दिखाई गई थी। दोबारा जांच में उन चोटों की लंबाई 10.5 सेंटीमीटर पाई गई। चोट भी 1 के बजाय 4 मिली थीं। आरोप लगाया था कि झूठे दस्तावेज बनाकर आरोपियों की मदद करने की कोशिश की गई। इस मामले में पुलिस ने एडीए (असिस्टेंट डिस्ट्रिक्ट अटार्नी) की राय ली थी, जिन्होंने पहले चिकित्सक की रिपोर्ट को सही पाया।
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शिकायतकर्ता संतुष्ट नहीं
वहीं, मामले में शिकायतकर्ता अशोक का कहना है कि पहले मेडिकल करने वाली चिकित्सक की शिकायत दी थी। उनकी शिकायत पर पुलिस मेडिकल पैनल के चिकित्सकों के खिलाफ मुकदमा कैसे दर्ज कर सकती है। वे इस मामले में एसपी से मिलेंगे और न्यायालय में भी शिकायत करेंगे।
मामले को एडीए को सौंपा गया था, जिसमें बोर्ड द्वारा किए गए मेडिकल को गलत बताया गया। इसके बाद पांच डॉक्टरों पर केस दर्ज कर दिया है। अब इसकी जांच की जाएगी।
-जश्नदीप सिंह रंधावा, एसपी, सोनीपत