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Sonipat News: बिना योग चिकित्सक के चल रहे अस्पताल संचालक पर एफआईआर
Sun, 03 May 2026 05:45 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 03 May 2026 05:45 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
खरखौदा। सांपला मार्ग पर स्थित पीसी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में छापा डालने के बाद जांच टीम में शामिल स्वास्थ्य विभाग के डाॅ. धीरज की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल संचालक गांव पाई निवासी अनिल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार को अस्पताल में दबिश दी थी। जांच के दौरान सामने आया था कि अस्पताल बिना वैध अनुमति, बिना योग्य डाक्टरों और जरूरी लाइसेंस के बिना संचालित किया जा रहा था।
संचालक स्वयं जीएनएम (नर्सिंग) कोर्स करके मरीजों का इलाज कर रहा था जबकि मौके पर कोई योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था। टीम को जांच के दौरान एक महिला मरीज गंभीर हालत में भर्ती मिली थी जिसे बिना चिकित्सक की निगरानी के एलोपैथिक इंजेक्शन दिए जा रहे थे।
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बाद में मरीज को सरकारी अस्पताल में शिफ्ट करवाया गया था। इसके अलावा अस्पताल में कार्यरत अन्य स्टाफ के पास भी कोई मान्य मेडिकल योग्यता नहीं पाई गई थी। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में दवाएं, संचालित लैब और एक ऑपरेशन थियेटर भी मिला लेकिन इनके संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।
टीम ने दवाओं को जब्त कर ऑपरेशन थियेटर के उपकरण सील कर दिए थे। अब पुलिस ने डाॅ. धीरज की शिकायत पर आरोपी अस्पताल संचालक अनिल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।
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खरखौदा। सांपला मार्ग पर स्थित पीसी मल्टी स्पेशियलिटी अस्पताल में छापा डालने के बाद जांच टीम में शामिल स्वास्थ्य विभाग के डाॅ. धीरज की शिकायत पर पुलिस ने अस्पताल संचालक गांव पाई निवासी अनिल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली है।
मुख्यमंत्री उड़नदस्ता और स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम ने शनिवार को अस्पताल में दबिश दी थी। जांच के दौरान सामने आया था कि अस्पताल बिना वैध अनुमति, बिना योग्य डाक्टरों और जरूरी लाइसेंस के बिना संचालित किया जा रहा था।
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संचालक स्वयं जीएनएम (नर्सिंग) कोर्स करके मरीजों का इलाज कर रहा था जबकि मौके पर कोई योग्य चिकित्सक मौजूद नहीं था। टीम को जांच के दौरान एक महिला मरीज गंभीर हालत में भर्ती मिली थी जिसे बिना चिकित्सक की निगरानी के एलोपैथिक इंजेक्शन दिए जा रहे थे।
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बाद में मरीज को सरकारी अस्पताल में शिफ्ट करवाया गया था। इसके अलावा अस्पताल में कार्यरत अन्य स्टाफ के पास भी कोई मान्य मेडिकल योग्यता नहीं पाई गई थी। छापेमारी के दौरान बड़ी मात्रा में दवाएं, संचालित लैब और एक ऑपरेशन थियेटर भी मिला लेकिन इनके संबंध में कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए गए।
टीम ने दवाओं को जब्त कर ऑपरेशन थियेटर के उपकरण सील कर दिए थे। अब पुलिस ने डाॅ. धीरज की शिकायत पर आरोपी अस्पताल संचालक अनिल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है।