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Sonipat News: रैपिड रेल का सपना साकार करने में वित्तीय बाधा
Mon, 22 May 2023 12:47 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Mon, 22 May 2023 12:47 AM IST
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फोटो 38- गुड़ मंडी स्थित राजकीय विद्यालय के सामने बैठक के दौरान मौजूद शहर की विभिन्न सामाजिक सं
सोनीपत। दिल्ली एनसीआर में शामिल सोनीपत के लोगों को रैपिड रेल का बेसब्री से इंतजार है। लोगों का कहना है कि रैपिड रेल को लेकर सरकार व जनप्रतिनिधियों ने जिलावासियों को जो सपने दिखाए थे, वह वित्तीय बाधाओं की वजह से साकार नहीं हो पाए हैं। परियोजना में की जा रही देरी से लोगों में रोष है। शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने रैपिड रेल के मुद्दे पर सोनीपत समाज पंचायत के बैनर तले गुड़ मंडी स्थित राजकीय विद्यालय के सामने बैठक की। जिसमें रैपिड रेल को सोनीपत तक लाने की मांग को पुरजोर से उठाया गया।
बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सोनीपत समाज पंचायत के बैनर तले शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि सोमवार को सांसद रमेश कौशिक व विधायक सुरेंद्र पंवार से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौपेंगें। लोगों का आरोप है कि सरकार दिल्ली एनसीआर में शामिल सोनीपत जिले के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। पूर्वी जन कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके शर्मा व सेफ इंडिया फाउंडेशन के प्रधान संजय सिंगला ने बताया कि रैपिड रेल परियोजना के लिए 21 हजार 627 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है। जिसमें 50 फीसदी केंद्र सरकार, साढ़े 12 फीसदी दिल्ली सरकार व 12 फीसदी बजट हरियाणा सरकार की ओर से व्यय किया जाना है। वहीं परियोजना को 19 जुलाई 2017 में एनएचएआई से मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद 13 मार्च 2020 को एनसीआरटीसी बोर्ड ने डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) को नक्श सहित मंजूरी प्रदान की थी। केंद्र व राज्य सरकार की ओर से 18 जनवरी 2021 को स्वीकृति मिलने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने परियोजना को पानीपत की जगह करनाल तक बढ़ाया। केंद्र सरकार ने 14 दिसंबर 2021 को दिल्ली सरकार से बजट व परियोजना की मंजूरी मांगी, लेकिन 8 फरवरी 2023 को दिल्ली सरकार ने बजट की मंजूरी से इंकार कर दिया। परियोजना की डीपीआर केंद्र सरकार के पास ही है। जिस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
परियोजना से 65 मिनट का होगा दिल्ली-पानीपत का सफर
डॉ. एसके शर्मा ने बताया कि दिल्ली-पानीपत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (दिल्ली-पानीपत आरआरटीएस) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दिल्ली, सोनीपत और पानीपत को जोड़ने वाला 103 किमी (64 मील) लंबे सेमी-हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को स्वीकृति मिलने के बावजूद कदम नहीं बढ़ाया जा रहा है। यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के चरण-1 के तहत नियोजित तीन रैपिड-रेल कॉरिडोर में से एक है। 160 किमी/घंटा की अधिकतम गति और 120 किमी/घंटा की औसत गति के साथ, सिस्टम का उपयोग करने वाले यात्री 65 मिनट में पानीपत-दिल्ली के बीच की दूरी को कवर करने में सक्षम होंगे।
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सराय काले खां से पानीपत तक 16 स्टेशन हैं प्रस्तावित
डॉ. एसके शर्मा ने बताया कि सराय काले खां से लेकर पानीपत तक 16 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसके अंतर्गत सोनीपत में कुंडली, केएमपी इंटरचेंज, राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, मुरथल, बरही व गन्नौर सहित कुल छह स्टेशन प्रस्तावित हैं। अब इसका विस्तार करनाल तक भी प्रस्तावित है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग कि है कि इस मामले में आने वाली वित्तीय बाधाओं को दूर कर इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाया जाए।
नजर नहीं आ रही उम्मीद की किरण
संजय सिंगला ने बताया कि दिल्ली में मेट्रो शुरू होने के बाद जिलावासियों को उम्मीद थी कि इसका विस्तार सोनीपत तक किया जाएगा। बाद में लोगों को उन्नत रैपिड रेल का सपना दिखाया गया, लेकिन रैपिड रेल का जो कार्य 2017 में शुरू हो जाना चाहिए था, वह बजट की कमी की वजह से अभी तक कागजों पर ही अटका पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर परियोजना पर काम हुआ तो सोनीपत भी गुड़गांव व फरीदाबाद की तरह विकास की ऊंचाइयों को छूएगा। वहीं जनता को उम्मीद की कोई किरण नजर नहीं आ रही है।
बैठक में यह रहे मौजूद
इस मौके पर विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्य वाईके त्यागी, आदित्य रोहिल्ला, प्राचार्य अनिल गोयल, प्रवीण वर्मा, अशोक खत्री, मोहन सिंह मनोचा, रविंद्र सरोहा, मास्टर दिलबाग सिंह, पहलवान हवा सिंह, विक्की त्यागी, ममता शर्मा, प्रवीण भारद्वाज, सुरेश गर्ग, रोशनलाल गर्ग, अरविंद मित्तल, दिनेश कुच्छल, अशोक गुप्ता, मनीष बंसल, दीपक सिंगला, सतीश माथुर व सुरेश वर्मा मौजूद रहे।
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बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि सोनीपत समाज पंचायत के बैनर तले शहर की विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि सोमवार को सांसद रमेश कौशिक व विधायक सुरेंद्र पंवार से मिलकर उन्हें ज्ञापन सौपेंगें। लोगों का आरोप है कि सरकार दिल्ली एनसीआर में शामिल सोनीपत जिले के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है। पूर्वी जन कल्याण समिति के अध्यक्ष एवं नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. एसके शर्मा व सेफ इंडिया फाउंडेशन के प्रधान संजय सिंगला ने बताया कि रैपिड रेल परियोजना के लिए 21 हजार 627 करोड़ रुपये का बजट तैयार किया गया है। जिसमें 50 फीसदी केंद्र सरकार, साढ़े 12 फीसदी दिल्ली सरकार व 12 फीसदी बजट हरियाणा सरकार की ओर से व्यय किया जाना है। वहीं परियोजना को 19 जुलाई 2017 में एनएचएआई से मंजूरी मिल गई थी। इसके बाद 13 मार्च 2020 को एनसीआरटीसी बोर्ड ने डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) को नक्श सहित मंजूरी प्रदान की थी। केंद्र व राज्य सरकार की ओर से 18 जनवरी 2021 को स्वीकृति मिलने के बाद मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने परियोजना को पानीपत की जगह करनाल तक बढ़ाया। केंद्र सरकार ने 14 दिसंबर 2021 को दिल्ली सरकार से बजट व परियोजना की मंजूरी मांगी, लेकिन 8 फरवरी 2023 को दिल्ली सरकार ने बजट की मंजूरी से इंकार कर दिया। परियोजना की डीपीआर केंद्र सरकार के पास ही है। जिस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है।
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परियोजना से 65 मिनट का होगा दिल्ली-पानीपत का सफर
डॉ. एसके शर्मा ने बताया कि दिल्ली-पानीपत रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (दिल्ली-पानीपत आरआरटीएस) राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में दिल्ली, सोनीपत और पानीपत को जोड़ने वाला 103 किमी (64 मील) लंबे सेमी-हाई स्पीड रेल कॉरिडोर को स्वीकृति मिलने के बावजूद कदम नहीं बढ़ाया जा रहा है। यह राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र परिवहन निगम (एनसीआरटीसी) के रैपिड रेल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के चरण-1 के तहत नियोजित तीन रैपिड-रेल कॉरिडोर में से एक है। 160 किमी/घंटा की अधिकतम गति और 120 किमी/घंटा की औसत गति के साथ, सिस्टम का उपयोग करने वाले यात्री 65 मिनट में पानीपत-दिल्ली के बीच की दूरी को कवर करने में सक्षम होंगे।
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सराय काले खां से पानीपत तक 16 स्टेशन हैं प्रस्तावित
डॉ. एसके शर्मा ने बताया कि सराय काले खां से लेकर पानीपत तक 16 स्टेशन प्रस्तावित हैं। इसके अंतर्गत सोनीपत में कुंडली, केएमपी इंटरचेंज, राजीव गांधी एजुकेशन सिटी, मुरथल, बरही व गन्नौर सहित कुल छह स्टेशन प्रस्तावित हैं। अब इसका विस्तार करनाल तक भी प्रस्तावित है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग कि है कि इस मामले में आने वाली वित्तीय बाधाओं को दूर कर इसका निर्माण कार्य जल्द शुरू करवाया जाए।
नजर नहीं आ रही उम्मीद की किरण
संजय सिंगला ने बताया कि दिल्ली में मेट्रो शुरू होने के बाद जिलावासियों को उम्मीद थी कि इसका विस्तार सोनीपत तक किया जाएगा। बाद में लोगों को उन्नत रैपिड रेल का सपना दिखाया गया, लेकिन रैपिड रेल का जो कार्य 2017 में शुरू हो जाना चाहिए था, वह बजट की कमी की वजह से अभी तक कागजों पर ही अटका पड़ा हुआ है। उन्होंने कहा कि अगर परियोजना पर काम हुआ तो सोनीपत भी गुड़गांव व फरीदाबाद की तरह विकास की ऊंचाइयों को छूएगा। वहीं जनता को उम्मीद की कोई किरण नजर नहीं आ रही है।
बैठक में यह रहे मौजूद
इस मौके पर विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के सदस्य वाईके त्यागी, आदित्य रोहिल्ला, प्राचार्य अनिल गोयल, प्रवीण वर्मा, अशोक खत्री, मोहन सिंह मनोचा, रविंद्र सरोहा, मास्टर दिलबाग सिंह, पहलवान हवा सिंह, विक्की त्यागी, ममता शर्मा, प्रवीण भारद्वाज, सुरेश गर्ग, रोशनलाल गर्ग, अरविंद मित्तल, दिनेश कुच्छल, अशोक गुप्ता, मनीष बंसल, दीपक सिंगला, सतीश माथुर व सुरेश वर्मा मौजूद रहे।

फोटो 38- गुड़ मंडी स्थित राजकीय विद्यालय के सामने बैठक के दौरान मौजूद शहर की विभिन्न सामाजिक सं