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Sonipat News: निलंबित पटवारियों के समर्थन में साथी कर्मियों का प्रदर्शन
Tue, 09 Dec 2025 01:35 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 09 Dec 2025 01:35 AM IST
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फोटो 03: सोनीपत लघु सचिवालय में निलंबित पटवारियों के समर्थन में प्रदर्शन करते पटवारी व कानूनगो।
सोनीपत। क्षतिपूर्ति पोर्टल पर फसल खराबा में गलत रिपोर्ट दर्ज करने के मामले में निलंबित पटवारियों के समर्थन में जिले के अन्य पटवारियों और कानूनगो ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। द रेवेन्यू पटवार एवं कानूनगो एसोसिएशन के सदस्य लघु सचिवालय में एकत्रित होने के बाद नगराधीश डॉ. अनमोल को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपा।
प्रदर्शनकारियों ने निलंबित पटवारियों की बहाली की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर 14 दिन में सरकार ने पटवारियों को बहाल नहीं किया तो राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर आगामी निर्णय लिया जाएगा। एसोसिएशन के राज्य महासचिव सन्नी दहिया ने बताया कि खरीफ सीजन में फसल खराबा के लिए 6,395 गांवों के 5,29,199 किसानों ने 31,00,234 एकड़ जमीन के लिए पंजीकरण किया था।
इसका सत्यापन करने के लिए 1,400 पटवारियों को 20 दिन का समय दिया गया। उसके बार 25 फीसदी रकबा तहसीलदार, एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी, नगराधीश व आयुक्त ने सत्यापित किया। जब पटवारी के सत्यापन की पड़ताल उच्च अधिकारियों ने भी की तो अकेले पटवारी को निलंबित करना गलत है।
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पड़ताल करने वाले अधिकारियों को बचाने का काम किया गया है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 31 लाख एकड़ में फसल खराबा पंजीकरण के बाद भी रोपाई-बिजाई किए गए रकबा से भी ज्यादा धान प्रदेश की मंडियों में बिक गया। पंजीकरण कराने वाले किसानों ने धान मंडियों में बेचा और मार्केट कमेटी ने किसानों को गेट पास जारी किए।
आढ़तियों व मिलर्स ने किसानों का धान खरीदा। पटवारियों को बिना किसी औचित्य के कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही पटवारियों को बहाल नहीं किया तो 14 दिन बाद बैठक करके आगामी निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान पटवारी अनिल, मनीष, सुधीर, अनुज, कानूनगो राजेश मलिक, जगदीश व रामदास भी मौजूद रहे।
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प्रदर्शनकारियों ने निलंबित पटवारियों की बहाली की मांग करते हुए चेतावनी दी कि अगर 14 दिन में सरकार ने पटवारियों को बहाल नहीं किया तो राज्य कार्यकारिणी की बैठक बुलाकर आगामी निर्णय लिया जाएगा। एसोसिएशन के राज्य महासचिव सन्नी दहिया ने बताया कि खरीफ सीजन में फसल खराबा के लिए 6,395 गांवों के 5,29,199 किसानों ने 31,00,234 एकड़ जमीन के लिए पंजीकरण किया था।
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इसका सत्यापन करने के लिए 1,400 पटवारियों को 20 दिन का समय दिया गया। उसके बार 25 फीसदी रकबा तहसीलदार, एसडीएम, जिला राजस्व अधिकारी, नगराधीश व आयुक्त ने सत्यापित किया। जब पटवारी के सत्यापन की पड़ताल उच्च अधिकारियों ने भी की तो अकेले पटवारी को निलंबित करना गलत है।
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पड़ताल करने वाले अधिकारियों को बचाने का काम किया गया है जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 31 लाख एकड़ में फसल खराबा पंजीकरण के बाद भी रोपाई-बिजाई किए गए रकबा से भी ज्यादा धान प्रदेश की मंडियों में बिक गया। पंजीकरण कराने वाले किसानों ने धान मंडियों में बेचा और मार्केट कमेटी ने किसानों को गेट पास जारी किए।
आढ़तियों व मिलर्स ने किसानों का धान खरीदा। पटवारियों को बिना किसी औचित्य के कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही पटवारियों को बहाल नहीं किया तो 14 दिन बाद बैठक करके आगामी निर्णय लिया जाएगा। इस दौरान पटवारी अनिल, मनीष, सुधीर, अनुज, कानूनगो राजेश मलिक, जगदीश व रामदास भी मौजूद रहे।