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Sonipat News: 20 लाख की मांग से तंग आकर बाबा ने की थी आत्महत्या
Fri, 10 Nov 2023 12:21 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 10 Nov 2023 12:21 AM IST
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सोनीपत। गांव ककरोई के मंदिर में बाबा के आत्महत्या करने के मामले में अब परिजनों ने प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या करने का आरोप लगाया है। बाबा की भाभी ने एक महिला सहित पांच लोगों पर आरोप लगाया है कि उनके देवर को फंसाकर उनसे 20 लाख रुपये मांगे जा रहे थे। इसी से परेशान होकर उन्होंने आत्महत्या की है। महिला ने बाबा के मोबाइल में मिली रिकार्डिंग के बाद आरोप लगाए हैं। सदर थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है।
उत्तर प्रदेश के जिला बागपत की रहने वाली संयोगिता ने पुलिस को बताया कि देवर धर्मेंद्र उर्फ धर्मनाथ (50) 14 साल से गांव ककरोई के दादा देव मंदिर में बाबा बनकर रह रहे थे। 26 सितंबर की सुबह उनकी बेटी शिखा को फोन पर सूचना मिली थी कि उन्होंने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। परिवार एवं गांव के लोग दादा देव मंदिर पहुंचे तो धर्मनाथ के शरीर पर राख लगाकर और कपड़ा लपेटकर बैठाया गया था। लोगों ने कहा कि बाबा ने आत्महत्या की है। इस मामले में पुलिस कार्रवाई करना ठीक नहीं। उनको सम्मान के साथ समाधि मिलनी चाहिए। जिसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हो सकी और देवर को मंदिर परिसर में समाधि दे दी गई। देवर का मोबाइल पहले पुलिस ने रख लिया था और बाद में उनके बेटे गौरव को दे दिया था। पहले मोबाइल को खोला नहीं गया। बाद में खोला तो उसमें देवर की बनाई गई वीडियो मिली, जिसमें वह आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों के नाम बता रहे हैं। मोबाइल में कई कॉल रिकॉर्डिंग मिली थी, जिसमें धर्मनाथ से 20 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। बेटे ने उन्हें बताया, मगर वह उस समय बीमार थी। ठीक होने पर रिकॉर्डिंग सुनी तो धर्मनाथ अपनी मौत के लिए पांच लोगों को जिम्मेदार बता रहे थे। आरोपियों में एक दिल्ली पुलिस का कर्मी भी है। महिला और अन्य धर्मनाथ को फंसाकर बीस लाख रुपये मांग रहे थे। इससे तंग आकर उन्होंने जान दी थी।
महिला की शिकायत पर आत्महत्या के लिए विवश करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की गहनता से जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -कर्मजीत, थाना प्रभारी, सदर सोनीपत।
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उत्तर प्रदेश के जिला बागपत की रहने वाली संयोगिता ने पुलिस को बताया कि देवर धर्मेंद्र उर्फ धर्मनाथ (50) 14 साल से गांव ककरोई के दादा देव मंदिर में बाबा बनकर रह रहे थे। 26 सितंबर की सुबह उनकी बेटी शिखा को फोन पर सूचना मिली थी कि उन्होंने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली है। परिवार एवं गांव के लोग दादा देव मंदिर पहुंचे तो धर्मनाथ के शरीर पर राख लगाकर और कपड़ा लपेटकर बैठाया गया था। लोगों ने कहा कि बाबा ने आत्महत्या की है। इस मामले में पुलिस कार्रवाई करना ठीक नहीं। उनको सम्मान के साथ समाधि मिलनी चाहिए। जिसके बाद कोई कार्रवाई नहीं हो सकी और देवर को मंदिर परिसर में समाधि दे दी गई। देवर का मोबाइल पहले पुलिस ने रख लिया था और बाद में उनके बेटे गौरव को दे दिया था। पहले मोबाइल को खोला नहीं गया। बाद में खोला तो उसमें देवर की बनाई गई वीडियो मिली, जिसमें वह आत्महत्या के लिए मजबूर करने वालों के नाम बता रहे हैं। मोबाइल में कई कॉल रिकॉर्डिंग मिली थी, जिसमें धर्मनाथ से 20 लाख रुपये की मांग की जा रही थी। बेटे ने उन्हें बताया, मगर वह उस समय बीमार थी। ठीक होने पर रिकॉर्डिंग सुनी तो धर्मनाथ अपनी मौत के लिए पांच लोगों को जिम्मेदार बता रहे थे। आरोपियों में एक दिल्ली पुलिस का कर्मी भी है। महिला और अन्य धर्मनाथ को फंसाकर बीस लाख रुपये मांग रहे थे। इससे तंग आकर उन्होंने जान दी थी।
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महिला की शिकायत पर आत्महत्या के लिए विवश करने का मुकदमा दर्ज किया गया है। मामले की गहनता से जांच कर कार्रवाई की जाएगी। -कर्मजीत, थाना प्रभारी, सदर सोनीपत।
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