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Sonipat News: क्लर्क का तबादला करने के नाम पर एफसीआई डिपो मैनेजर 30 हजार रिश्वत लेते गिरफ्तार
Tue, 10 Jun 2025 01:16 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 10 Jun 2025 01:16 AM IST
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गोहाना। एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) सोनीपत की टीम ने भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) गोहाना में तैनात डिपो मैनेजर को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि अपर डिवीजन क्लर्क (यूडीसी) से तबादला करने व ओवरटाइम भत्ता दिलवाने की एवज में रुपये मांगे थे।
एफसीआई में कार्यरत क्लर्क विपिन चहल ने एसीबी को शिकायत दी थी कि वह बरोदा में तैनात हैं। उनका गोहाना एफसीआई कार्यालय तबादला होना था। उन्होंने बताया कि तीन माह पहले ही तबादला होने के बाद वह एफसीआई सफीदों, जींद से गोहाना आए थे। डिपो मैनेजर धर्मेंद्र कटारिया ने अब उनका तबादला एफसीआई बरोदा कर दिया था। धर्मेंद्र कटारिया ने दोबारा उनका तबादला गोहाना करने व ओवरटाइम भत्ता पास करने की एवज में उनसे 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। उनके ओवरटाइम भत्ता के करीब 60 हजार रुपये बकाया हैं।
शिकायत पर एसीबी सोनीपत की टीम का गठन किया गया था, जिसमें इंस्पेक्टर सचिव कुमार व जगजीत सिंह को शामिल किया गया था। आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए टीम ने गोहाना कार्यालय के आसपास निगरानी बढ़ा दी थी। जब डिपो मैनेजर ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ली, तो उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। एसीबी की टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली है। आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा।
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एफसीआई में कार्यरत क्लर्क विपिन चहल ने एसीबी को शिकायत दी थी कि वह बरोदा में तैनात हैं। उनका गोहाना एफसीआई कार्यालय तबादला होना था। उन्होंने बताया कि तीन माह पहले ही तबादला होने के बाद वह एफसीआई सफीदों, जींद से गोहाना आए थे। डिपो मैनेजर धर्मेंद्र कटारिया ने अब उनका तबादला एफसीआई बरोदा कर दिया था। धर्मेंद्र कटारिया ने दोबारा उनका तबादला गोहाना करने व ओवरटाइम भत्ता पास करने की एवज में उनसे 30 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। उनके ओवरटाइम भत्ता के करीब 60 हजार रुपये बकाया हैं।
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शिकायत पर एसीबी सोनीपत की टीम का गठन किया गया था, जिसमें इंस्पेक्टर सचिव कुमार व जगजीत सिंह को शामिल किया गया था। आरोपी को रंगे हाथों पकड़ने के लिए टीम ने गोहाना कार्यालय के आसपास निगरानी बढ़ा दी थी। जब डिपो मैनेजर ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम ली, तो उन्हें रंगे हाथों पकड़ लिया। एसीबी की टीम ने आरोपी के पास से रिश्वत की रकम बरामद कर ली है। आरोपी को अदालत में पेश किया जाएगा।
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