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संयुक्त किसान मोर्चा: हेलीकॉप्टर क्रैश में शहीद जवानों व आंदोलन में जान गंवाने वाले किसानों को 10 तारीख को देंगे श्रद्धांजलि
Thu, 09 Dec 2021 04:30 PM IST
भूपेंद्र सिंह
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Thu, 09 Dec 2021 04:30 PM IST
सार
किसानों ने 11 दिसंबर को जुलूस के रूप में ढोल नगाड़ों के साथ वापसी करने का एलान कर दिया है। घर वापसी की तैयारी करते हुए किसान सामान समेटने लगे हैं।
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प्रेसवार्ता करते संयुक्त किसान मोर्चा के सदस्य।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
सोनीपत के कुंडली बॉर्डर पर तीन कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहा किसान आंदोलन 378 दिन बाद खत्म हो गया। गुरुवार को किसानों की मांग मानने वाला केंद्र सरकार का आधिकारिक पत्र मिलने के बाद संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने बैठक कर घर वापसी का एलान किया।
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किसान नेताओं का कहना है कि तमिलनाडू के कुन्नूर में वायुसेना का हेलीकॉप्टर क्रैश होने से देश के पहले सीडीएस बिपिन रावत उनकी पत्नी समेत 13 लोगों की मौत हो गई। 10 दिसंबर को संयुक्त किसान मोर्चा शहीद हुए जवानों व आंदोलन के शहीद किसानों को श्रद्धांजलि देंगे। 11 दिसंबर को जुलूस के रूप में जश्न मनाते हुए बॉर्डर से वापसी करेंगे और 13 दिसंबर को अमृतसर के हरमिंदर साहिब पहुंचेंगे।
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तीन कृषि कानूनों सहित अन्य मांगों पर सहमति बनने के बाद दिल्ली की सीमा पर डटे किसानों ने घर वापसी की तैयारी शुरू कर दी है। संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक के बाद सभी किसानों को अपना सामान समेटना शुरू कर दिया है। कुंडली बॉर्डर पर लगे तंबूओं को उखाड़ा जा रहा है।
किसान नेताओं का कहना है कि जिन टोल पर किसान बैठे हुए हैं, वहां से भी 15 दिसंबर को खाली कर दिया जाएगा। 11 दिसंबर को किसान ढोल नगाड़ों व जुलूस के रूप में जश्र मनाते हुए वापसी करेंगे। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं का कहना है कि सरकार ने उनकी मांगों को मान लिया है। जिसके बाद उन्होंने बैठक कर सहमती से आंदोलन खत्म करने का निर्णय लिया है।