फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Farmers will give a memorandum celebrating Anti-Suppression Day on 24, big movement announced on 28

किसान 24 को दमन विरोधी दिवस मनाकर ज्ञापन देंगे, 28 को बड़े आंदोलन का एलान

Mon, 22 Feb 2021 01:19 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 22 Feb 2021 01:19 AM IST
विज्ञापन
Farmers will give a memorandum celebrating Anti-Suppression Day on 24, big movement announced on 28
कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे किसानों ने चार कार्यक्रम घोषित किए हैं। 28 फरवरी को संयुक्त मोर्चा की दोबारा से बैठक बुलाई गई है। आंदोलन को अभी एक सप्ताह सामान्य तरीके से चलाया जाएगा। 28 फरवरी की बैठक में बड़े आंदोलन का फैसला लिया जाएगा।
विज्ञापन

कुंडली बॉर्डर पर रविवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक हुई, जिसमें रणनीति तय की गई कि आंदोलन को आगे किस तरह से बढ़ाया जाए। किसान नेता कामरेड इंद्रजीत, रजमान चौधरी, प्रेम सिंह भंगु, योगेंद्र यादव, डॉ. आशीष मित्तल, जोगेंद्र नैन, डॉ. अशोक, हरेंद्र लखोवाल ने बताया कि फिलहाल चार नए कार्यक्रम तय किए गए हैं।
विज्ञापन

किसान नेताओं ने कहा कि 23 फरवरी को शहीद भगत सिंह के चाचा अजीत सिंह की पुण्यतिथि पर पगड़ी संभाल दिवस मनाया जाएगा। इसमें हर राज्य का किसान अपने यहां की वैधानिक पगड़ी पहनकर आएगा। 24 फरवरी को किसान दमन विरोधी दिवस मनाया जाएगा। यह दिल्ली पुलिस और केंद्र सरकार की दमनकारी नीतियों के खिलाफ होगा। इसमें देशभर में जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर पर किसान प्रदर्शन करके राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन देंगे। उन्होंने कहा कि जिस तरह से अपहरण होता है, ऐसे गिरफ्तारी हो रही है। इस दिन इसका भी विरोध किया जाएगा। नेताओं ने कहा कि किसान सरकार से मांग करेंगे कि जेल में बंद लोगों को रिहा किया जाए, केस रद्द किए जाए, नोटिस बंद किए जाएं और बॉर्डर से घेराबंदी भी हटाई जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

युवाओं के हाथ में होगी 26 की कमान
पहले महिला दिवस मना चुके किसानों ने इस बार 26 फरवरी को युवा दिवस मनाने का आह्वान किया है। इस दिन पूरे आंदोलन की कमान युवाओं के हाथ में होगी। किसान नेताओं ने कहा कि दीप सिद्धू और लक्खा सिधाना से पहले भी संयुक्त किसान मोर्चा का कोई मतलब नहीं था और आगे भी नहीं होगा। संयुक्त मोर्चा और किसान संगठनों के नियमों को मानने वाले युवाओं को मंच सांझा करने का अवसर दिया जाएगा। इसमें किसी राजनैतिक दल के लिए कोई स्थान नहीं है। किसानों ने इसके बाद 27 फरवरी को गुरु रविदास जयंती और चंद्रशेखर आजाद के शहीदी दिवस पर मजदूर-किसान एकता दिवस मनाने का निर्णय लिया है। इस दिन किसानों का आह्वान होगा कि वह मोर्चों पर वापस लौटें और मजबूती प्रदान करें। उन्होंने कहा कि मोर्चा की बैठक में सख्ती से इस बात पर चर्चा की गई है कि कोई भी आंदोलन को बदनाम करने की साजिश करता है तो उससे सख्त ढंग से निपटा जाएगा।

28 को तीसरा चरण, बड़ा आंदोलन की घोषणा होगी
किसान नेताओं ने कहा कि 28 फरवरी से आंदोलन के तीसरे चरण का आगाज किया जाएगा। इस दिन बैठक के बाद बड़े आंदोलन की रणनीति का एलान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मार्च में संसद सत्र और कटाई को देखते हुए किसान आंदोलन को बड़े पैमाने पर करने का मन बना चुके हैं। नेताओं ने कह कि पंजाब व हरियाणा में महापंचायत का कोई मतलब नहीं है। संयुक्त मोर्चा इस तरह का आयोजन नहीं कर रहा है। अगर कोई अन्य संगठन बुलाता है तो वहां किसान नेता पहुंच रहे हैं। 28 को इसको लेकर भी दोबारा चर्चा होगी। वहीं सरकार से प्रस्ताव आने पर बातचीत का रास्ता खुला होने की बात कही। सरकार भ्रम निकाल दे कि किसान इंतजार करके वापस चला जाएगा, बल्कि वह हक लेकर वापस जाएगा। पंजाब के मुख्यमंत्री के बयान पर किसानों ने कहा कि कानून टालने से आंदोलन खत्म नहीं होगा, बल्कि कानून रद्द कराकर ही वापसी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed