{"_id":"60b2e9bc270c562e7f17ecd0","slug":"farmers-will-celebrate-the-revolution-day-on-june-5","type":"story","status":"publish","title_hn":"किसान 5 जून को मनाएंगे संपूर्ण क्रांति दिवस, जलाएंगे कृषि कानूनों की प्रतियां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
किसान 5 जून को मनाएंगे संपूर्ण क्रांति दिवस, जलाएंगे कृषि कानूनों की प्रतियां
Sun, 30 May 2021 06:56 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, सोनीपत
अमर उजाला नेटवर्क, सोनीपत
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 30 May 2021 06:56 AM IST
सार
- संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में लिया गया फैसला
- कृषि कानूनों को लेकर 5 जून को पास किया गया था विधेयक
विज्ञापन
खेड़ा बॉर्डर, दिल्ली-जयपुर हाईवे पर तेज आंधी में उड़ा किसानों का टेंट और बिखरा सामान
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
किसान 5 जून को संपूर्ण क्रांति दिवस मनाएंगे और उस दिन भाजपा सांसद, विधायक व जनप्रतिनिधियों के कार्यालयों के सामने कृषि कानूनों की प्रतियां जलाई जाएंगी क्योंकि कृषि कानूनों के लिए 5 जून को विधेयक पास किया गया था। किसान नेताओं ने यह भी साफ कर दिया है कि इसको लेकर किसी तरह के टकराव की स्थिति से बचना है। वहीं कुंडली बॉर्डर पर शनिवार को किसानों के कई जत्थे पहुंचे और इस तरह से बॉर्डर पर दोबारा से भीड़ बढ़ाई जा रही है।
विज्ञापन
कुंडली बॉर्डर पर शनिवार को संयुक्त किसान मोर्चा की बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति तय की गई। जिसको लेकर बलबीर सिंह राजेवाल, दर्शन पाल, गुरनाम सिंह चढूनी, हनान मौला, जगजीत सिंह दल्लेवाल, जोगिंदर सिंह उगराहां, युद्धवीर सिंह, योगेंद्र यादव, अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि पिछले साल 5 जून को कोरोना काल के बीच ही कृषि कानून बनाने के लिए विधेयक पास किया था।
विज्ञापन
इसके साथ ही 5 जून 1974 को जयप्रकाश नारायण ने संपूर्ण क्रांति का नारा देते हुए देश में जन आंदोलन खड़ा किया था। इसलिए ही 5 जून को संपूर्ण क्रांति दिवस मनाने का फैसला लिया गया है, जिसमें अधिक से अधिक किसानों से शामिल होने का आह्वान किया गया है। वहीं संयुक्त किसान मोर्चा ने पूर्व प्रधानमंत्री व किसान नेता स्व. चौधरी चरण सिंह की पुण्यतिथि मनाते हुए उनको श्रद्धांजलि अर्पित की।
विज्ञापन
किसान नेताओं ने कहा कि खेती, किसान और गांव के विकास में उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता है। चौधरी चरण सिंह असल मायनों में देश को आत्मनिर्भर बनाना चाहते थे, जिससे किसान के साथ ही मजदूर व गांव के लोग खुशहाल रह सके। किसानों ने उनको सबसे बड़ा किसान नेता बताया। संयुक्त किसान मोर्चा के नेताओं ने किसान घाट पहुंचकर भी स्व. चौधरी चरण सिंह को श्रद्धांजलि अर्पित की।