{"_id":"61a3cd975110094dc6060c85","slug":"farmers-who-grow-better-quality-crops-will-play-the-role-of-seed-producer-sonipat-news-rtk6312094116","type":"story","status":"publish","title_hn":"बीज उत्पादक की भूमिका निभाएंगे बेहतर गुणवत्ता की फसल उगाने वाले किसान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बीज उत्पादक की भूमिका निभाएंगे बेहतर गुणवत्ता की फसल उगाने वाले किसान
विज्ञापन
सोनीपत। फसलों की गुणवत्ता सुधारने व किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार ने नई योजना शुरू की है। जिसके तहत बेहतर गुणवत्ता की फसल उगाने वाले किसान अब बीज उत्पादक की भूमिका भी निभाएंगे। इसके लिए किसानों को उत्तम बीज पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा। एचएसडीसी के माध्यम से शुरू किए गए बीज उत्पादन कार्यक्रम के तहत कृषि विभाग की टीम पंजीकृत किसानों द्वारा उगाई गई फसल की गुणवत्ता जांचेगी। फसल की गुणवत्ता अच्छी होने पर उस फसल का 15 से 20 प्रतिशत भाग बीज बनाने के लिए रखा जाएगा। जिसके लिए किसानों को अतिरिक्त रकम दी जाएगी। इससे न सिर्फ फसल की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि किसानों की आय भी बढ़ सकेगी।
2 लाख हेक्टेयर भूमि पर होती है खेती
जिले में 2 लाख हेक्टेयर भूमि पर विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती है और करीब 1.20 लाख किसान कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। रबी सीजन में अकेले गेहूं की फसल की बिजाई 1.44 लाख हेक्टेयर भूमि पर होती है। शेष भूमि पर सरसों व अन्य फसलें उगाई जाती हैं। वहीं खरीफ सीजन में धान मुख्य रूप से उगाते हैं। अटेरना, मनौली सहित कई गांवों में प्रगतिशील किसान स्वीटकॉन, बेबीकॉन जैसी फसलें भी उगाते हैं। जिले में उगाई जाने वाली विभिन्न फसलों का उत्पादन बेहतर हो सके इसके लिए बीज उत्पादन कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
सब्सिडी पर उपलब्ध करवाया जाता है उपचारित बीज
फसलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए कृषि विभाग हर साल किसानों को उपचारित बीज के इस्तेमाल के प्रति प्रेरित करता है। यही नहीं किसानों को सब्सिडी पर उपचारित बीज भी उपलब्ध कराया जाता है। हालांकि उपचारित बीज की कमी से एक सीमित मात्रा में ही किसानों को सब्सिडी पर बीज दिया जाता है। ऐसे में विभाग ने उपचारित बीज का उत्पादन बढ़ाने के लिए बीज उत्पादन कार्यक्रम शुरू किया है। जिसमें शामिल होने वाले किसानों को सर्वप्रथम बीज पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा। बीज उत्पादन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फसलों के उत्पादन के साथ गुणवत्ता को बढ़ाना है।
विज्ञापन
वर्जन-
फसलों की गुणवत्ता सुधारने व किसानों की आय बढ़ाने के लिए बीज उत्पादन कार्यक्रम की शुरुआत की है। मुख्यालय से निर्देश मिले हैं कि किसानों को उत्तम बीज पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाए। ताकि किसान बीज उत्पादन कार्य में अपनी प्रतिभागिता करते हुए अपनी आय बढ़ा सके। निर्देशों का पालन करते हुए जल्द ही जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत
विज्ञापन
2 लाख हेक्टेयर भूमि पर होती है खेती
जिले में 2 लाख हेक्टेयर भूमि पर विभिन्न प्रकार की फसलें उगाई जाती है और करीब 1.20 लाख किसान कृषि क्षेत्र से जुड़े हुए हैं। रबी सीजन में अकेले गेहूं की फसल की बिजाई 1.44 लाख हेक्टेयर भूमि पर होती है। शेष भूमि पर सरसों व अन्य फसलें उगाई जाती हैं। वहीं खरीफ सीजन में धान मुख्य रूप से उगाते हैं। अटेरना, मनौली सहित कई गांवों में प्रगतिशील किसान स्वीटकॉन, बेबीकॉन जैसी फसलें भी उगाते हैं। जिले में उगाई जाने वाली विभिन्न फसलों का उत्पादन बेहतर हो सके इसके लिए बीज उत्पादन कार्यक्रम की शुरुआत की गई है।
विज्ञापन
सब्सिडी पर उपलब्ध करवाया जाता है उपचारित बीज
फसलों की गुणवत्ता सुधारने के लिए कृषि विभाग हर साल किसानों को उपचारित बीज के इस्तेमाल के प्रति प्रेरित करता है। यही नहीं किसानों को सब्सिडी पर उपचारित बीज भी उपलब्ध कराया जाता है। हालांकि उपचारित बीज की कमी से एक सीमित मात्रा में ही किसानों को सब्सिडी पर बीज दिया जाता है। ऐसे में विभाग ने उपचारित बीज का उत्पादन बढ़ाने के लिए बीज उत्पादन कार्यक्रम शुरू किया है। जिसमें शामिल होने वाले किसानों को सर्वप्रथम बीज पोर्टल पर पंजीकरण करवाना होगा। बीज उत्पादन कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य फसलों के उत्पादन के साथ गुणवत्ता को बढ़ाना है।
विज्ञापन
वर्जन-
फसलों की गुणवत्ता सुधारने व किसानों की आय बढ़ाने के लिए बीज उत्पादन कार्यक्रम की शुरुआत की है। मुख्यालय से निर्देश मिले हैं कि किसानों को उत्तम बीज पोर्टल पर पंजीकरण के लिए प्रेरित किया जाए। ताकि किसान बीज उत्पादन कार्य में अपनी प्रतिभागिता करते हुए अपनी आय बढ़ा सके। निर्देशों का पालन करते हुए जल्द ही जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- डॉ. अनिल सहरावत, कृषि उपनिदेशक, सोनीपत