केंद्र सरकार के साथ किसानों की बातचीत शुरू होने के बाद धरनास्थल पर स्थानीय किसानों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। किसान ट्रैक्टर-ट्रालियों में दूध, लस्सी, मिठाई व अन्य खाद्य सामग्री के अलावा गन्ने से भरी ट्रालियां भी लेकर आ रहे हैं। जिससे धरनास्थल पर सुबह फिर से खाने का मेन्यू बदल गया। किसानों को दूध व मिठाई खिलाई गई। हरियाणवी गायक देव कुमार उर्फ देवा ने भी कुंडली बॉर्डर पर पहुंचकर किसानों को समर्थन दिया है।
ट्रालियों में दूध व मिठाई लेकर आ रहे किसान, धरनास्थल पर बदला अन्नदाताओं का मेन्यू, देखें- तस्वीरें
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बुधवार को किसानों का मेन्यू कार्ड फिर से बदल गया है। अब उन्हें किसान भाई दूध और मिठाई परोस रहे हैं। वहीं, इस समर्थन के बाद किसानों का मनोबल और बढ़ गया है। कुंडली बार्डर पर पहुंचे किसानों को स्थानीय किसानों का समर्थन मिलने का सिलसिला तेज हो गया है। आंतिल खाप के सभी गांवों के अलावा गांव बड़वासनी, ककरोई आदि गांवों के किसान बुधवार को किसानों के धरने पर पहुंचे। गन्ने से भरी ट्राली के साथ फल-सब्जियां व मिठाइयों से भरी ट्रालियां भी ले जाई जा रही हैं।
एक तरफ किसानों ने तो दूसरी तरफ पुलिस ने तंबू गाड़ा
कुंडली बॉर्डर पर जमे किसानों की बढ़ती संख्या के कारण किसानों ने ठंड से बचने के लिए अपने तंबू गाड़ने शुरू कर दिए हैं। वहीं अब सुरक्षा बलों व पुलिस ने भी अपने ठहरने के लिए व्यवस्था करनी शुरू कर दी है। नए कृषि कानूनों को लेकर विरोध कर रहे किसान किसी भी शर्त पर मानने को तैयार नहीं हैं। कुंडली बॉर्डर पर किसानों ने सड़क के बीच ही तंबू गाड़ दिए हैं। जीटी रोड पर स्थित नाथूपुरा मोड़ पर अब पुलिस के ठहराव के लिए तंबू लगाने शुरू कर दिए हैं।
बॉर्डर के पास पानी भरने से हो रही दिक्कत
किसानों ने सड़क को ही रसोई व बाथरूम बना रखा है। इसकी वजह से सड़क के दोनों तरफ जलभराव हो गया है। जलभराव से गड्ढों में भरे कीचड़ में बुधवार को ऑटो फंस गया। जिससे पहले तो ऑटो में सवार यात्रियों ने कीचड़ से निकालने का प्रयास किया, किंतु ऑटो निकाल नहीं पाए।
जेएनयू की छात्राओं ने भी दिया समर्थन
बुधवार को जेएनयू की छात्राएं किसानों के समर्थन में कुंडली बॉर्डर पहुंचीं और कृषि से संबधित कानूनों पर विरोध जताया। छात्राओं ने सरकार से मांग की कि किसानों की मांगों को जल्द से जल्द पूरा करें। छात्रा योगिता और अनुप्रिया ने कहा कि सरकार को किसानों की अनदेखी नहीं करनी चाहिए।