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Sonipat News: 2535 फसल बीमा रद्द करने से किसानों ने किया प्रदर्शन
Thu, 21 Sep 2023 10:31 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 21 Sep 2023 10:31 PM IST
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फोटो 19. लघु सचिवालय में फसल बीमा रद्द किए जाने के विरोध में प्रदर्शन करते किसान। स्रोत: किसान
अतिरिक्त उपायुक्त ने किसानों को दिया जांच कराने का आश्वासन, किसानों ने दी आंदोलन की चेतावनी
फोटो 19. लघु सचिवालय में फसल बीमा रद्द किए जाने के विरोध में प्रदर्शन करते किसान। स्रोत: किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन, 2022 में 2535 फसल बीमा रद्द किए जाने के खिलाफ वीरवार को किसानों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि संबंधित बीमा कंपनी ने नियमों को ताक पर रखकर मुआवजा देने से बचने के लिए उनके फसल बीमा रद्द कर दिए हैं। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। किसानों ने सरकार से मांग की कि उन्हें प्रीमियम वापस नहीं चाहिए, बल्कि फसल खराब होने पर मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह में उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी के नेतृत्व में आंदोलन करेंगे।
किसानों ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनी ने मुआवजा देने से बचने के लिए नियमों को ताक पर रखकर किसानों को नुकसान पहुंचाया है। जिसके चलते खरीफ सीजन 2022 में खराब हुई कपास व बाजरे की फसल का मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। यह किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि फसल के बीमा को रद्द करने के लिए कंपनी के पास दो माह का समय होता है, लेकिन उसने एक साल के बाद उनकी फसलों का बीमा रद्द किया है। यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने बताया कि फसल का बीमा करने वाले कंपनी ने किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ किया है। इस संबंध में अतिरिक्त उपायुक्त को शिकायत दी है। एडीसी ने उन्हें आश्वासन दिया कि किसानों की मांग सही साबित हुई तो कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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फोटो 19. लघु सचिवालय में फसल बीमा रद्द किए जाने के विरोध में प्रदर्शन करते किसान। स्रोत: किसान
संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत खरीफ सीजन, 2022 में 2535 फसल बीमा रद्द किए जाने के खिलाफ वीरवार को किसानों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। किसानों ने आरोप लगाया कि संबंधित बीमा कंपनी ने नियमों को ताक पर रखकर मुआवजा देने से बचने के लिए उनके फसल बीमा रद्द कर दिए हैं। जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान हुआ है। किसानों ने सरकार से मांग की कि उन्हें प्रीमियम वापस नहीं चाहिए, बल्कि फसल खराब होने पर मुआवजा मिलना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर एक सप्ताह में उनकी समस्या का समाधान नहीं किया तो भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष गुरनाम सिंह चढ़ूनी के नेतृत्व में आंदोलन करेंगे।
किसानों ने आरोप लगाया कि बीमा कंपनी ने मुआवजा देने से बचने के लिए नियमों को ताक पर रखकर किसानों को नुकसान पहुंचाया है। जिसके चलते खरीफ सीजन 2022 में खराब हुई कपास व बाजरे की फसल का मुआवजा नहीं मिल पा रहा है। यह किसानों के साथ अन्याय है। उन्होंने कहा कि फसल के बीमा को रद्द करने के लिए कंपनी के पास दो माह का समय होता है, लेकिन उसने एक साल के बाद उनकी फसलों का बीमा रद्द किया है। यूनियन के प्रदेश उपाध्यक्ष सत्यवान नरवाल ने बताया कि फसल का बीमा करने वाले कंपनी ने किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ किया है। इस संबंध में अतिरिक्त उपायुक्त को शिकायत दी है। एडीसी ने उन्हें आश्वासन दिया कि किसानों की मांग सही साबित हुई तो कंपनी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
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