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बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड, फिर भी बॉर्डर पर डटे किसान, दो की हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराए
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कुंडली बॉर्डर पर बारिश में भरे पानी को निकालते किसान।
- फोटो : Sonipat
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सोनीपत। कुंडली बॉर्डर पर कृषि कानून रद्द कराने की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है। बूंदाबांदी से बढ़ी ठंड के बीच भी किसान बॉर्डर पर डटे हुए हैं। शनिवार को अचानक दो की हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा, लेकिन उनका हौसला अभी भी बरकरार है। बारिश से बचने के लिए किसान तिरपाल व पालीथिन से ढकी ट्रालियों में परिवारों समेत दुबके रहे। सुबह ही धरना स्थल पर किसानों ने तिरपाल तान दिए। पहले लगाए गए तंबुओं पर पॉलीथिन लगाई गई। यहां तक कि सभास्थल पर पहुंचने से भी किसान नहीं रूके। इस दौरान बैठने के लिए बिछाए गए मैट गीले होने के कारण किसान बैठे नहीं, बल्कि खड़े होकर ही किसान नेताओं का भाषण सुना।
किसानों ने कुंडली बॉर्डर पर कई दिन पहले ही सभास्थल पर वाटरप्रूफ मंच तैयार कर लिया था। साथ ही वाटरप्रूफ झोपड़ीनुमा टेंट भी किसानों के काम आए, हालांकि बुजुर्गों व महिलाओं को कुछ तकलीफ जरूर हुई। किसानों ने साफ कहा कि वह बारिश या आंधी से नहीं डरने वाले हैं। जितनी उनके लिए समस्या बढ़ेगी, उतना ही उनका हौसला बढ़ता जाएगा। वहीं बारिश के बीच सुबह ही आसपास के ग्रामीण व किसान धरनास्थल पर बचाव सामग्री के साथ पहुंच गए थे। किसानों को न केवल तिरपाल उपलब्ध करवाए गए, बल्कि तबुंओं पर लगाने के लिए पालीथिन भी लेकर पहुंचे। इस दौरान सोनीपत व हरियाणा के अन्य क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने धरनारत किसानों के लिए चाय, दूध व गर्म पेयों का इंतजाम किया। उधर, बारिश से बढ़ी सर्दी को देखते हुए सुबह से ही लंगर शुरू कर दिया गया। किसानों ने लंगर में हलवा व सूप को तवज्जो दी।
दो किसानों की हालत बिगड़ी तो कराया उपचार
कुंडली बॉर्डर स्थित धरना स्थल पर ठंड के बीच अचानक दो किसानों की हालत बिगड़ गई। पंजाब के जिला पटियाला के गांव दौलत निवासी सहेंद्र की शनिवार सुबह अचानक दौरा पड़ने से हालत बिगड़ गई। उसे अस्पताल में उपचार दिलवाया गया। वहीं पंजाब के रहने वाले सज्जन की अचानक हालत बिगड़ गई। मूक-बधिर सेवादार को तुरंत सामान्य अस्पताल में ले जाया गया। वहां उन्हें उपचार दिलाया गया। उसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
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किसानों ने कुंडली बॉर्डर पर कई दिन पहले ही सभास्थल पर वाटरप्रूफ मंच तैयार कर लिया था। साथ ही वाटरप्रूफ झोपड़ीनुमा टेंट भी किसानों के काम आए, हालांकि बुजुर्गों व महिलाओं को कुछ तकलीफ जरूर हुई। किसानों ने साफ कहा कि वह बारिश या आंधी से नहीं डरने वाले हैं। जितनी उनके लिए समस्या बढ़ेगी, उतना ही उनका हौसला बढ़ता जाएगा। वहीं बारिश के बीच सुबह ही आसपास के ग्रामीण व किसान धरनास्थल पर बचाव सामग्री के साथ पहुंच गए थे। किसानों को न केवल तिरपाल उपलब्ध करवाए गए, बल्कि तबुंओं पर लगाने के लिए पालीथिन भी लेकर पहुंचे। इस दौरान सोनीपत व हरियाणा के अन्य क्षेत्रों से पहुंचे किसानों ने धरनारत किसानों के लिए चाय, दूध व गर्म पेयों का इंतजाम किया। उधर, बारिश से बढ़ी सर्दी को देखते हुए सुबह से ही लंगर शुरू कर दिया गया। किसानों ने लंगर में हलवा व सूप को तवज्जो दी।
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दो किसानों की हालत बिगड़ी तो कराया उपचार
कुंडली बॉर्डर स्थित धरना स्थल पर ठंड के बीच अचानक दो किसानों की हालत बिगड़ गई। पंजाब के जिला पटियाला के गांव दौलत निवासी सहेंद्र की शनिवार सुबह अचानक दौरा पड़ने से हालत बिगड़ गई। उसे अस्पताल में उपचार दिलवाया गया। वहीं पंजाब के रहने वाले सज्जन की अचानक हालत बिगड़ गई। मूक-बधिर सेवादार को तुरंत सामान्य अस्पताल में ले जाया गया। वहां उन्हें उपचार दिलाया गया। उसके बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।
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