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Sonipat News: हाइटेंशन लाइन के मुआवजे को लेकर गुहणा व सोहटी में किसानों का धरना जारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
सोनीपत। पावर ग्रिड की लाइनों के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के मूल्यांकन और मुआवजा नीति में सुधार की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है। खराब मौसम के बावजूद गुहणा में किसानों का धरना 143वें दिन भी जारी रहा। यहां छह गांवों के किसान धरने पर बैठे हैं, जबकि सोहटी में भी चार गांवों के प्रभावित किसानों ने धरना शुरू कर रखा है।
किसानों के अनुसार, एक सप्ताह पहले सोनीपत उपायुक्त कार्यालय के बाहर दो दिन तक पड़ाव डालने के बाद भी आंदोलन जारी रखा गया। इसके बाद दो दिन पहले पानीपत सचिवालय में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के कार्यालय के बाहर भी किसानों ने दो दिन तक पड़ाव डाला। किसानों ने बताया कि पड़ाव समाप्त होने के दौरान पानीपत के उपायुक्त और सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा ने उन्हें आश्वासन दिया कि मनोहर लाल के समक्ष किसानों की बात रखी जाएगी। इसके बाद भूमि मूल्यांकन में सुधार के लिए जारी की गई नीति के तहत वर्तमान में प्रस्तावित हाइटेंशन लाइनों को भी शामिल करवाने का प्रयास किया जाएगा। किसानों को जल्द ही इसी आधार पर मुआवजा मूल्य में सुधार करवाने का भरोसा दिया गया है।
प्रभावित किसानों ने एकजुट होकर निर्णय लिया है कि वे पुरानी नीति के तहत अपनी जमीन का मुआवजा स्वीकार नहीं करेंगे। किसानों का कहना है कि वे विभिन्न स्तरों पर अपनी आपत्तियां और साक्ष्य प्रस्तुत कर चुके हैं। उनकी मांग है कि जमीन का सही और पारदर्शी मूल्यांकन किया जाए तथा काम शुरू होने से पहले एकमुश्त भुगतान किया जाए। इसके बिना खेतों में निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
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सोनीपत। पावर ग्रिड की लाइनों के लिए अधिग्रहित की जाने वाली जमीन के मूल्यांकन और मुआवजा नीति में सुधार की मांग को लेकर किसानों का आंदोलन जारी है। खराब मौसम के बावजूद गुहणा में किसानों का धरना 143वें दिन भी जारी रहा। यहां छह गांवों के किसान धरने पर बैठे हैं, जबकि सोहटी में भी चार गांवों के प्रभावित किसानों ने धरना शुरू कर रखा है।
किसानों के अनुसार, एक सप्ताह पहले सोनीपत उपायुक्त कार्यालय के बाहर दो दिन तक पड़ाव डालने के बाद भी आंदोलन जारी रखा गया। इसके बाद दो दिन पहले पानीपत सचिवालय में केंद्रीय ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल के कार्यालय के बाहर भी किसानों ने दो दिन तक पड़ाव डाला। किसानों ने बताया कि पड़ाव समाप्त होने के दौरान पानीपत के उपायुक्त और सांसद प्रतिनिधि गजेंद्र सलूजा ने उन्हें आश्वासन दिया कि मनोहर लाल के समक्ष किसानों की बात रखी जाएगी। इसके बाद भूमि मूल्यांकन में सुधार के लिए जारी की गई नीति के तहत वर्तमान में प्रस्तावित हाइटेंशन लाइनों को भी शामिल करवाने का प्रयास किया जाएगा। किसानों को जल्द ही इसी आधार पर मुआवजा मूल्य में सुधार करवाने का भरोसा दिया गया है।
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प्रभावित किसानों ने एकजुट होकर निर्णय लिया है कि वे पुरानी नीति के तहत अपनी जमीन का मुआवजा स्वीकार नहीं करेंगे। किसानों का कहना है कि वे विभिन्न स्तरों पर अपनी आपत्तियां और साक्ष्य प्रस्तुत कर चुके हैं। उनकी मांग है कि जमीन का सही और पारदर्शी मूल्यांकन किया जाए तथा काम शुरू होने से पहले एकमुश्त भुगतान किया जाए। इसके बिना खेतों में निर्माण कार्य शुरू नहीं होने दिया जाएगा।
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