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Sonipat News: किसानों पर आसमान से मार, मंडी में भी लाचार
Tue, 17 Oct 2023 01:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 17 Oct 2023 01:22 AM IST
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फोटो 17. सोनीपत की नई अनाज मंडी में आसमान के नीचे पड़ी धान की ढेरियां। संवाद
सोनीपत। निर्यातकों की ओर से देशभर में बासमती धान की खरीद बंद करने की वजह से जहां मंडी में धान लेकर पहुंचे किसानों को परेशानी हो रही है, वहीं सोमवार को आसमान में छाये बादलों ने उनकी और मुसीबत बढ़ा दी है। खरीद नहीं होने की वजह से जिले की अनाज मंडियों में 70 हजार क्विंटल धान खुले में पड़ा हुआ है।
सोनीपत मंडी में शेड के नीचे करीब 2500 बोरे धान से भरे हुए रखे गए हैं। जिले में अब तक 1 लाख 15 हजार 827 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। खरीद न होने के कारण खरखौदा अनाज मंडी में किसानों ने एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। वहीं सोनीपत मार्केट कमेटी कार्यालय में सचिव ज्योति ने आढ़तियों के साथ बैठक करके धान को बारिश से बचाने के लिए पूरे इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को आसमान में दिनभर बादल छाये रहने के कारण तापमान में कमी आई, लेकिन किसानों के पसीने छूटते रहे। निर्यातकों की ओर से धान की खरीद निलंबित करने के कारण मंडियों में धान की ढेरिया लगी हुई हैं। किसानों को धान की सुरक्षा को लेकर रात को भी मंडियों में रुकना पड़ रहा है। इसकी वजह से किसानों की परेशानी बहुत ज्यादा बढ़ी हुई है। किसान आढ़ती से लेकर मार्केट कमेटी के अधिकारियों से धान की खरीद कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन दो दिन से उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही।
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खरखौदा शहर में किसानों ने प्रदर्शन कर दिया धरना
बासमती धान की खरीद बंद होने से परेशान किसानों ने सोमवार को भारतीय नौजवान किसान यूनियन के बैनर तले खरखौदा शहर में प्रदर्शन किया। मार्केट कमेटी कार्यालय के साथ लघु सचिवालय में धरना देकर धान की दोबारा खरीद शुरू करवाने की मांग की। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि दो दिन से धान की खरीद बंद होने से इसका सीधा असर किसान पर पड़ रहा है। केंद्र सरकार के फैसले के कारण यह हुआ है। मौसम खराब है, धान खुले आसमान के नीचे। सरकार पर फर्क नहीं पड़ रहा है। गेहूं, धान बाजरे की खरीद के समय लगातार किसान को तंग किया जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा इस मुद्दे पर बैठक कर आगामी रणनीति को लेकर फैसला लेगा। खरखौदा अनाज मंडी के प्रधान नरेश ने कहा कि निर्यातक ने धान की खरीद बंद कर दी है। केंद्र सरकार की इस नीति के चलते पाकिस्तान को ही फायदा होगा, क्योंकि भारत से धान नहीं मिलने पर पाकिस्तान का धान खरीद लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खरीद नहीं होने से मंडी में किसान का धान खराब हो जाएगा। किसानों ने अपना मांगपत्र नायब तहसीलदार अशोक कुमार को सौंपा, मंगलवार को एसडीएम डाॅ. अनमोल भी किसानों से बात करेंगी।
मंडी में 50 हजार क्विंटल धान, बूंदाबांदी होने पर तिरपाल से ढके
गोहाना में जींद रोड स्थित नई अनाज मंडी में धान की खरीद बंद होने से किसान परेशान हैं। मंडी में करीब 50 हजार क्विंटल धान खुले में पड़ा हुआ है। बूंदाबांदी के चलते आढ़तियों व किसानों ने धान को नमी से बचाव करने के लिए तिरपाल से ढकना पड़ा। मंडी के प्रधान विनोद सहरावत ने बताया कि मंडी में अब तक करीब 4.07 लाख क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। धान का निर्यात बंद होने से व्यापारियों ने धान की खरीद नहीं की है। किसानों का कहना है कि खुले में फसल बारिश में भीगने से दाने का रंग काला हो जाएगा, जिससे खरीद शुरू होने पर फसल के उचित भाव नहीं मिलेंगे।
आढ़तियों और ट्रक यूनियन के सदस्यों में बनी सहमति
ट्रक यूनियन के प्रधान बलजीत सिंह मलिक ने बताया कि आढ़तियों के साथ बैठक में निर्णय लिया गया है कि नई अनाज मंडी में ट्रक यूनियन की गाड़ियों से फसल का उठान किया जाएगा। यदि समय पर ट्रक यूनियन की गाड़ी उपलब्ध नहीं होती है तो आढ़ती बाहर से गाड़ी मंगवा सकते हैं। इस पर आढ़तियों ने सहमति जताई।
निर्यातकों ने अपनी मांगों को लेकर दो दिन खरीद बंद रखी है। बारिश के मौसम को देखते हुए आढ़तियों को धान की फसल भीगने से बचाव के लिए जरूरी प्रबंध करने को कहा है। -ज्योति, सचिव, मार्केट कमेटी, सोनीपत।
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सोनीपत मंडी में शेड के नीचे करीब 2500 बोरे धान से भरे हुए रखे गए हैं। जिले में अब तक 1 लाख 15 हजार 827 मीट्रिक टन धान खरीदा जा चुका है। खरीद न होने के कारण खरखौदा अनाज मंडी में किसानों ने एकत्रित होकर प्रदर्शन किया। वहीं सोनीपत मार्केट कमेटी कार्यालय में सचिव ज्योति ने आढ़तियों के साथ बैठक करके धान को बारिश से बचाने के लिए पूरे इंतजाम करने के निर्देश दिए हैं।
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सोमवार को आसमान में दिनभर बादल छाये रहने के कारण तापमान में कमी आई, लेकिन किसानों के पसीने छूटते रहे। निर्यातकों की ओर से धान की खरीद निलंबित करने के कारण मंडियों में धान की ढेरिया लगी हुई हैं। किसानों को धान की सुरक्षा को लेकर रात को भी मंडियों में रुकना पड़ रहा है। इसकी वजह से किसानों की परेशानी बहुत ज्यादा बढ़ी हुई है। किसान आढ़ती से लेकर मार्केट कमेटी के अधिकारियों से धान की खरीद कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन दो दिन से उन्हें कोई राहत नहीं मिल रही।
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खरखौदा शहर में किसानों ने प्रदर्शन कर दिया धरना
बासमती धान की खरीद बंद होने से परेशान किसानों ने सोमवार को भारतीय नौजवान किसान यूनियन के बैनर तले खरखौदा शहर में प्रदर्शन किया। मार्केट कमेटी कार्यालय के साथ लघु सचिवालय में धरना देकर धान की दोबारा खरीद शुरू करवाने की मांग की। किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि दो दिन से धान की खरीद बंद होने से इसका सीधा असर किसान पर पड़ रहा है। केंद्र सरकार के फैसले के कारण यह हुआ है। मौसम खराब है, धान खुले आसमान के नीचे। सरकार पर फर्क नहीं पड़ रहा है। गेहूं, धान बाजरे की खरीद के समय लगातार किसान को तंग किया जा रहा है। संयुक्त किसान मोर्चा इस मुद्दे पर बैठक कर आगामी रणनीति को लेकर फैसला लेगा। खरखौदा अनाज मंडी के प्रधान नरेश ने कहा कि निर्यातक ने धान की खरीद बंद कर दी है। केंद्र सरकार की इस नीति के चलते पाकिस्तान को ही फायदा होगा, क्योंकि भारत से धान नहीं मिलने पर पाकिस्तान का धान खरीद लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि खरीद नहीं होने से मंडी में किसान का धान खराब हो जाएगा। किसानों ने अपना मांगपत्र नायब तहसीलदार अशोक कुमार को सौंपा, मंगलवार को एसडीएम डाॅ. अनमोल भी किसानों से बात करेंगी।
मंडी में 50 हजार क्विंटल धान, बूंदाबांदी होने पर तिरपाल से ढके
गोहाना में जींद रोड स्थित नई अनाज मंडी में धान की खरीद बंद होने से किसान परेशान हैं। मंडी में करीब 50 हजार क्विंटल धान खुले में पड़ा हुआ है। बूंदाबांदी के चलते आढ़तियों व किसानों ने धान को नमी से बचाव करने के लिए तिरपाल से ढकना पड़ा। मंडी के प्रधान विनोद सहरावत ने बताया कि मंडी में अब तक करीब 4.07 लाख क्विंटल धान की आवक हो चुकी है। धान का निर्यात बंद होने से व्यापारियों ने धान की खरीद नहीं की है। किसानों का कहना है कि खुले में फसल बारिश में भीगने से दाने का रंग काला हो जाएगा, जिससे खरीद शुरू होने पर फसल के उचित भाव नहीं मिलेंगे।
आढ़तियों और ट्रक यूनियन के सदस्यों में बनी सहमति
ट्रक यूनियन के प्रधान बलजीत सिंह मलिक ने बताया कि आढ़तियों के साथ बैठक में निर्णय लिया गया है कि नई अनाज मंडी में ट्रक यूनियन की गाड़ियों से फसल का उठान किया जाएगा। यदि समय पर ट्रक यूनियन की गाड़ी उपलब्ध नहीं होती है तो आढ़ती बाहर से गाड़ी मंगवा सकते हैं। इस पर आढ़तियों ने सहमति जताई।
निर्यातकों ने अपनी मांगों को लेकर दो दिन खरीद बंद रखी है। बारिश के मौसम को देखते हुए आढ़तियों को धान की फसल भीगने से बचाव के लिए जरूरी प्रबंध करने को कहा है। -ज्योति, सचिव, मार्केट कमेटी, सोनीपत।

फोटो 17. सोनीपत की नई अनाज मंडी में आसमान के नीचे पड़ी धान की ढेरियां। संवाद

फोटो 17. सोनीपत की नई अनाज मंडी में आसमान के नीचे पड़ी धान की ढेरियां। संवाद