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किसान आत्महत्या मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा

Fri, 03 Jun 2022 01:12 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Fri, 03 Jun 2022 01:12 AM IST
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Farmer suicide case reaches Human Rights Commission
जमीन के विवाद में कोर्ट परिसर के अंदर जहर खाकर युवा किसान के जान देने के मामला अब मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। परिजनों की ओर से किसान के दोस्त आशीष ने मानवाधिकार आयोग में इसकी शिकायत दी है। उसने जहर खाने के बाद उससे बातचीत वाली वीडियो भी मानवाधिकार आयोग को सौंपी हैं। पुलिस ने जांच को तेज कर दिया है।
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गांव शहजादपुर के किसान सुनील सिंह (24) ने ऋषि नगर के रहने वाले इंद्रपाल पर अपनी जमीन के रिकॉर्ड में छेड़खानी कराकर ऋण लेने का आरोप लगाया था। उन्होंने बताया था कि वह अपनी साढ़े तीन एकड़ पुश्तैनी जमीन पर मालिकाना हक पाने के लिए लगातार लड़ाई लड़ रहे हैं, लेकिन उनको हक नहीं मिल सका। जिससे वह हताश हो गया है। उन्होंने पटवारी रजिस्ट्ररों में छेड़खानी का आरोप लगाया था। वह सीएम विंडो से लेकर परिवाद एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में मंत्री मूलचंद शर्मा तक से शिकायत कर चुके हैं। उसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं होने पर सुनील ने सोमवार को तहसीलदार के कोर्ट परिसर में जहर निगल लिया था। उनको पहले सामान्य अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां से हालत गंभीर होने पर खानपुर मेडिकल कालेज अस्पताल में रेफर कर दिया था। वहां पर मंगलवार को उनकी मौत हो गई थी। मौत के बाद आठ लोगों के खिलाफ आत्महत्या को विवश का मुकदमा दर्ज किया गया। जिसमें ऋषि नगर के इंद्रपाल, उसके बेटे विनोद, उनके रिश्तेदार विजय, प्रवीन और गांव शहजादपुर के वेदप्रकाश, हरिओम, अनिल व संजय को नामजद किया गया है। पुलिस को उसके पास से दो पेज का सुसाइड नोट मिला था। पुलिस मामले में अभी जांच कर रही है। अभी तक इस मामले में किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
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मृतक किसान सुनील सिंह के दोस्त आशीष कुमार ने इस मामले की शिकायत मानवाधिकार आयोग से की है। उन्होंने कहा कि सुनील कुमार को जिम्मेदार अधिकारियों ने उचित व्यवहार नहीं करने के चलते ही आत्महत्या करने को विवश होना पड़ा। मानवाधिकार आयोग की देखरेख में ही इस मामले की निष्पक्ष जांच हो सकती है।
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