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Sonipat News: जमीन का फर्जी वसीयतनामा बनाया, फरार आरोपी पर 20 हजार इनाम घोषित
Sat, 12 Apr 2025 01:01 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 12 Apr 2025 01:01 AM IST
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सोनीपत। बहालगढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल के पास स्थित करीब 12 एकड़ जमीन का फर्जी वसीयतनामा तैयार करने के मामले में फरार आरोपी पर विजिलेंस ने 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
मामले में हरियाणा राज्य चौकसी ब्यूरो की जांच में सोनीपत के राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई थी। उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 12 एकड़ जमीन के असली मालिक को दरकिनार कर फर्जी वारिसों के नाम पर बार-बार इंतकाल दर्ज कर दिए थे। इस मामले में एक आरोपी विजय लंबे समय से भूमिगत है। झज्जर निवासी प्रवेश ने 28 अक्तूबर, 2020 को वित्तायुक्त को शिकायत देकर तत्कालीन जिला राजस्व अधिकारी, एसके ब्रांच कानूनगो और तहसील कार्यालय के अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामले की जांच एडीजीपी सीआईडी पंचकूला के निर्देश पर डीएसपी मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक से करवाई गई थी।
जांच में सामने आया था कि विवादित जमीन गांव सुल्तानपुर, सोनीपत में स्थित है। यह बहालगढ़ रोड पर निजी अस्पताल के पास है। वर्ष 1966 में यह जमीन मदन मोहन ने खरीदी थी, जिसका वैध इंतकाल 1970 में दर्ज हुआ था। मदन मोहन की मृत्यु के बाद वर्ष 2006 में यह जमीन उनकी पत्नी संतोष और बेटे नरेंद्र अग्रवाल के नाम विरासत में दर्ज हुई। अब भी दिल्ली के पीतमपुरा निवासी नरेंद्र अग्रवाल ही इस जमीन के मालिक हैं। मगर जमीन की कीमत और स्थान को देखते हुए भूमाफियाओं ने फर्जी वारिस खड़े कर खुद को मदन मोहन का उत्तराधिकारी बताकर झूठे वसीयतनामा के आधार पर राजस्व विभाग से कब्जा दिलवाने का प्रयास करते रहे। राज्य चौकसी ब्यूरो की सिफारिश के बाद भादंसं की धाराएं 167, 218, 420, 467, 468, 471 व 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। थाना राज्य चौकसी ब्यूरो, रोहतक में मुकदमा संख्या 5, दिनांक 8 दिसंबर 2021 को दर्ज किया गया।
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पांच बार हो चुका जमीन का इंतकाल
मामले की जांच में सामने आया कि वर्ष 2006 से अब तक पांच बार इस जमीन का इंतकाल हो चुका है। इनमें से कई फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुए। राजस्व अधिकारियों ने बिना किसी वैध प्रमाण के केवल कागजी खानापूर्ति के आधार पर नाम दर्ज किए और असली मालिक को सुने बिना फैसले कर दिए। इससे राजस्व अधिकारियों की नीयत और भूमाफिया से मिलीभगत पर सवाल खड़े होते गए।
मामले में दो की हो चुकी गिरफ्तार, तीसरे पर इनाम घोषित
फर्जीवाड़े के मामले में दो आरोपियों ताराचंद व प्रवेश को एसीबी रोहतक गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में तीसरे आरोपी बहादुरगढ़ निवासी विजय की गिरफ्तारी के लिए उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इन तीनों आरोपियों पर ही जमीन के फर्जी मालिक तैयार कर वसीयतनामे तैयार करवाने के आरोप है। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपी का सुराग देने वाले को 20 हजार रुपये इनाम में दिए जाएंगे।
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मामले में हरियाणा राज्य चौकसी ब्यूरो की जांच में सोनीपत के राजस्व अधिकारियों की मिलीभगत सामने आई थी। उन्होंने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 12 एकड़ जमीन के असली मालिक को दरकिनार कर फर्जी वारिसों के नाम पर बार-बार इंतकाल दर्ज कर दिए थे। इस मामले में एक आरोपी विजय लंबे समय से भूमिगत है। झज्जर निवासी प्रवेश ने 28 अक्तूबर, 2020 को वित्तायुक्त को शिकायत देकर तत्कालीन जिला राजस्व अधिकारी, एसके ब्रांच कानूनगो और तहसील कार्यालय के अन्य अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। मामले की जांच एडीजीपी सीआईडी पंचकूला के निर्देश पर डीएसपी मुख्यमंत्री उड़नदस्ता रोहतक से करवाई गई थी।
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जांच में सामने आया था कि विवादित जमीन गांव सुल्तानपुर, सोनीपत में स्थित है। यह बहालगढ़ रोड पर निजी अस्पताल के पास है। वर्ष 1966 में यह जमीन मदन मोहन ने खरीदी थी, जिसका वैध इंतकाल 1970 में दर्ज हुआ था। मदन मोहन की मृत्यु के बाद वर्ष 2006 में यह जमीन उनकी पत्नी संतोष और बेटे नरेंद्र अग्रवाल के नाम विरासत में दर्ज हुई। अब भी दिल्ली के पीतमपुरा निवासी नरेंद्र अग्रवाल ही इस जमीन के मालिक हैं। मगर जमीन की कीमत और स्थान को देखते हुए भूमाफियाओं ने फर्जी वारिस खड़े कर खुद को मदन मोहन का उत्तराधिकारी बताकर झूठे वसीयतनामा के आधार पर राजस्व विभाग से कब्जा दिलवाने का प्रयास करते रहे। राज्य चौकसी ब्यूरो की सिफारिश के बाद भादंसं की धाराएं 167, 218, 420, 467, 468, 471 व 120बी के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। थाना राज्य चौकसी ब्यूरो, रोहतक में मुकदमा संख्या 5, दिनांक 8 दिसंबर 2021 को दर्ज किया गया।
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पांच बार हो चुका जमीन का इंतकाल
मामले की जांच में सामने आया कि वर्ष 2006 से अब तक पांच बार इस जमीन का इंतकाल हो चुका है। इनमें से कई फर्जी दस्तावेजों के आधार पर हुए। राजस्व अधिकारियों ने बिना किसी वैध प्रमाण के केवल कागजी खानापूर्ति के आधार पर नाम दर्ज किए और असली मालिक को सुने बिना फैसले कर दिए। इससे राजस्व अधिकारियों की नीयत और भूमाफिया से मिलीभगत पर सवाल खड़े होते गए।
मामले में दो की हो चुकी गिरफ्तार, तीसरे पर इनाम घोषित
फर्जीवाड़े के मामले में दो आरोपियों ताराचंद व प्रवेश को एसीबी रोहतक गिरफ्तार कर चुकी है। मामले में तीसरे आरोपी बहादुरगढ़ निवासी विजय की गिरफ्तारी के लिए उस पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इन तीनों आरोपियों पर ही जमीन के फर्जी मालिक तैयार कर वसीयतनामे तैयार करवाने के आरोप है। एसीबी अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपी का सुराग देने वाले को 20 हजार रुपये इनाम में दिए जाएंगे।