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किसान आंदोलन से 40 देशों में थमा सामान का निर्यात, व्यापारिक रिश्ते हो रहे खराब

Sat, 12 Dec 2020 01:55 PM IST
रोहतक ब्यूरो अंकित चौहान, सोनीपत
अंकित चौहान, सोनीपत Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Sat, 12 Dec 2020 01:55 PM IST
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exclusive: Export of goods stopped in 40 countries due to kishan andolan, deteriorating trade relations
गुजरते ट्रक - फोटो : amar ujala

किसान आंदोलन के कारण उद्योग ठप होने से 40 से ज्यादा देशों में सामान का निर्यात नहीं हो पा रहा है। कुंडली औद्योगिक क्षेत्र की फैक्टरी से बर्तन, स्वास्थ्य उपकरण, दवाई, एलईडी, प्लास्टिक उपकरण समेत अन्य सामान विदेशों में निर्यात होता है। किसान आंदोलन के कारण सामान फैक्टरी से बाहर नहीं निकल पाने के कारण निर्यात नहीं हो रहा है तो कच्चा माल भी नहीं आता है। ऐसे में उद्यमी भी फंस गए हैं और उनको कोई रास्ता नहीं दिख रहा है। क्योंकि वह अपने देश के ग्राहकों को किसी तरह समझा रहे हैं, लेकिन अन्य देशों में समझाने में भी परेशानी हो रही है। जिससे कई साल पुराने व्यापारिक रिश्ते भी दरकते दिख रहे है और इसका बड़ा नुकसान मल्टीनेशनल कंपनियों को होता दिख रहा है।

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कृषि कानूनों को रद्द कराने की मांग को लेकर किसान नेशनल हाईवे 44 के सिंघु बॉर्डर पर धरना देकर बैठे हुए हैं। किसानों ने सिंघु बॉर्डर से लेकर हरियाणा की ओर डेरा डाला हुआ है और उससे कुंडली औद्योगिक क्षेत्र पूरी तरह से बंद हो गया है। इसके अलावा नाथूपुर सबौली का औद्योगिक क्षेत्र की आवाजाही भी बंद है। क्योंकि वहां से पहले नरेला होते हुए दिल्ली पहुंच रहे थे, लेकिन उसे भी बंद करा दिया गया है। ऐसे में कुंडली व उससे लगते नाथूपुर सबौली औद्योगिक क्षेत्र में ट्रांसपोर्ट बंद है और वहां से सामान के वाहन नहीं निकल रहे है तो वहां वाहन आते भी नहीं है।
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इससे केवल अपने ही देश में सामान की सप्लाई प्रभावित नहीं हुई है, बल्कि 40 से ज्यादा देशों में निर्यात थम गया है। क्योंकि कुंडली व नाथूपुर सबौली औद्योगिक क्षेत्र से स्टील व अन्य धातुओं के उच्च स्तर के बर्तन, स्वास्थ्य उपकरण, दवाइयां, प्लास्टिक के उपकरण विदेशों में सप्लाई होते हैं। जिनमें अमेरिका, फ्रांस, जर्मनी, इजरायल, यूके, यूएई, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, इटली, ग्रीस, वेनेजुएला, तुर्की, थाईलैंड, ताईवान, स्विट्जरलैंड, स्पेन, सिंगापुर, सऊदी अरब, न्यूजीलैंड, मलेशिया, इटली, इंडोनेशिया आदि शामिल है। उद्यमियों के अनुसार इन सभी देशों में किसान आंदोलन के कारण सामान निर्यात नहीं हो रहा है और यह भी नहीं पता कि कब तक यह शुरू हो सकेगा।
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आंदोलन से निर्यात नहीं होने की बात सुनकर विदेशी अचंभित, रिश्ते भी बिगड़ने लगे
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र एसोसिएशन के अध्यक्ष सुभाष गुप्ता के अनुसार यहां से सामान का निर्यात बंद होने पर उद्यमी जब विदेश में बताते हैं कि किसान आंदोलन के कारण ऐसा हो रहा है तो वह इस बात को सुनकर चौंक जाते हैं। वह इस बात पर विश्वास ही नहीं करते हैं कि किसान आंदोलन के कारण भी फैक्टरी बंद हो सकती है। अपने देश के ग्राहकों को किसी तरह से समझा दिया जाता है। लेकिन विदेश वालों को समझाना मुश्किल होता है और उससे कई साल से चल रहे व्यापारिक रिश्ते भी बिगड़ते दिख रहे हैं। वहीं अभी यह पता नहीं चल रहा है कि यह आंदोलन कब तक चलेगा और उद्यमियों को कब तक परेशानी झेलनी पड़ेगी। उद्योग चलने के बाद वह माल लेंगे या नहीं, इसपर भी अभी संशय है, क्योंकि जब माल सप्लाई करने की स्थिति में होंगे, इस बारे में तभी बातचीत होगी।

फैक्टरी में सामान रखने तक की जगह नहीं, पार्कों में रखना पड़ा
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र की फैक्टरी में इस तरह के हालात हो गए हैं कि वहां सामान इतना ज्यादा बन गया है कि उसे अंदर रखने की जगह नहीं है। इसलिए उसको पार्क तक में रखवाना पड़ रहा है। पहले माल तैयार होकर जाता रहता था और उसी आधार पर बनता रहता था। लेकिन अब पहले से आए हुए कच्चे माल से सामान बनवा दिया गया है तो यहां से बना हुआ सामान सप्लाई नहीं हुआ है। इसका असर भी काफी पड़ रहा है।

गांवों के रास्ते से नहीं निकल सकते कंटेनर
कुंडली औद्योगिक क्षेत्र के पास के गांवों से छोटे वाहन निकल सकते हैं, लेकिन विदेशों में निर्यात के लिए सामान कंटेनर में भरकर भेजना होता है। इसलिए उन गांवों से कंटेनर नहीं निकल सकते हैं। उद्यमी कहते हैं कि गांवों में कुछ जगह रास्ते टूटे हुए हैं तो वहां बिजली के तार काफी नीचे है। अगर उद्यमियों की प्रशासन कुछ मदद करे तो स्थिति कुछ सुधर सकती है। प्रशासन रास्तों को ठीक कराने के साथ ही बिजली की लाइन को सही करा दे तो उद्यमियों के वाहन आराम से निकल सकते है और उससे थोड़ी राहत मिल सकती है।


किसान आंदोलन के कारण काफी नुकसान हो रहा है और फैक्टरी मालिकों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। प्रशासन को उद्यमियों का सहयोग करना चाहिए, जिससे उन्हें इस समय कुछ राहत मिल सके। क्योंकि हमारे यहां से काफी देशों में सामान निर्यात होता है और उसपर भी बड़ा असर पड़ रहा है। ऐसा कब तक रहेगा, यह भी कोई नहीं बता सकता है। इसलिए प्रशासन को कोई कदम उठाना होगा।


- पवन कंसल, उद्यमी

हमारी फैक्टरी में बनने वाले स्वास्थ्य उपकरण कैनुला, खून स्थानांतरण वाली ट्यूब, डिस्पोजेबल ट्यूब आदि 40 से ज्यादा देशों में निर्यात होते हैं। लेकिन किसान आंदोलन के कारण निर्यात पूरी तरह से बंद है और इस समय काफी परेशानी झेलनी पड़ रही है। जिनके ऑर्डर है, वह लगातार बात कर रहे हैं। लेकिन अभी यह नहीं पता कि कब तक आंदोलन चलेगा और ऐसे में उनको कोई जवाब भी नहीं दिया जा रहा है।
- तुषार आनंद, उद्यमी

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