इंजीनियर बनने के ख्वाब पर संकट, हरियाणा के 167 कॉलेजों में प्रवेश पर लग सकती रोक
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प्रदेश के 174 इंजीनियरिंग कॉलेजों में एडमिशन पर अगले शिक्षण सत्र से रोक लग सकती है। क्योंकि यह 167 कॉलेज हरियाणा टेक्निकल एजुकेशन सोसायटी का एडमिशन डाटा मैनेजमेंट फीस का 50 लाख रुपये से ज्यादा दबाकर बैठे हुए हैं।
इस कारण ही प्रमुख सचिव ने ज्वाइंट डायरेक्टर से इन कालेजों को नोटिस जारी कराया है और इनको फीस जमा नहीं करने पर 2020-21 के सत्र की काउंसिलिंग से बाहर कर दिया जाएगा। इस तरह प्रदेश के 167 इंजीनियरिंग कॉलेजों पर फीस जमा नहीं करने पर ताला भी लग सकता है।
हरियाणा स्टेट टेक्निकल एजुकेशन सोसायटी ने वर्ष 2016 में फैसला लिया था कि सभी कॉलेजों को 200 रुपये प्रति छात्र के हिसाब से एडमिशन डाटा मैनेजमेंट फीस जमा करानी होगी। यह फीस सेल्फ फाइनेंस कॉलेजों के साथ ही एडिड कालेजों की बिना एडिड वाली ब्रांच में एडमिशन होने पर देनी होगी और यह सेंट्रेलाइज एडमिशन के साथ ही कालेज लेवल के एडमिशन पर देनी होगी।
यह नियम 2016 से लागू कर दिया गया था और 2016-17 के सत्र में होने वाले एडमिशन पर भी 200 रुपये प्रति छात्र सोसायटी में जमा कराना था। उसके बावजूद कालेजों ने 2016 से अभी तक फीस जमा नहीं कराई।
इस कारण ही कुछ कालेजों पर 5 लाख रुपये भी बकाया है तो जिस कालेज में एडमिशन नाममात्र के हुए हैं, उनपर 10 हजार रुपये तक भी बकाया है। इस तरह से कालेजों पर सोसायटी का लगभग 50 लाख रुपये से ज्यादा बकाया है। इन सभी कालेजों को टेक्निकल एजुकेशन के प्रमुख सचिव अंकुर गुप्ता के निर्देश पर ज्वाइंट डायरेक्टर ने नोटिस जारी कर दिया है, जिससे इन कालेजों को फीस जमा करानी होगी।
अब फीस जमा नहीं कराई तो 2020-21 में नहीं कर सकेंगे एडमिशन
प्रमुख सचिव की ओर से जारी कराए गए पत्र में साफ कर दिया गया है कि अगर कालेज अपनी बकाया फीस इस महीने में जमा नहीं कराते हैं तो उनको 2020-21 की काउंसिलिंग में शामिल नहीं किया जाएगा। जिससे इन कालेजों को एक भी एडमिशन नहीं मिलेगा और इन परिस्थितियों में कालेज पर ताला भी लग सकता है। इस तरह कॉलेजों के लिए फीस जमा नहीं करने पर परेशानी खड़ी हो सकती है तो छात्रों को इन कॉलेजों में एडमिशन नहीं मिल सकेगा।