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एशियन गेम्स में ब्रांज मेडल वाले को अर्जुन अवॉर्ड, मुझे सिल्वर मेडल और ओलंपिक खेलने पर भी नहीं, कोर्ट जाऊंगी : दीपिका

Tue, 20 Aug 2019 01:03 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Tue, 20 Aug 2019 01:03 AM IST
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दीपिका ठाकुर - फोटो : Sonipat
अंकित चौहान
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सोनीपत। जहां पिछले साल पहलवान बजरंग पूनिया को खेलरत्न नहीं दिए जाने के बाद अवॉर्ड कमेटी पर खूब आरोप लगे थे। वहीं इस बार अर्जुन अवॉर्ड को लेकर विवाद खड़ा हो गया है और भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान दीपिका ठाकुर ने अवॉर्ड कमेटी पर भेदभाव का आरोप लगाया है। दीपिका ठाकुर ने सवाल उठाया है कि एशियन गेम्स में ब्रांज मेडल जीतने वाली हॉकी टीम के खिलाड़ी को अर्जुन अवॉर्ड दिया गया है तो उसे सिल्वर मेडल जीतने के साथ ओलंपिक तक खेलने पर क्यों नहीं मिला। इसके साथ ही खेल मंत्रालय के नियम के अनुसार किसी भी टीम इवेंट में एक को अवॉर्ड नहीं मिल सकता है और महिला व पुरुष दोनों को मिलना चाहिए। अपने पूरे रिकार्ड व नियमों के साथ दीपिका ने मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई है और वहां से न्याय नहीं मिलने पर कोर्ट जाने की चेतावनी दी है।
अर्जुन अवॉर्ड के लिए भारतीय महिला हॉकी टीम की कप्तान रहीं दीपिका ठाकुर ने भी आवेदन किया हुआ था। लेकिन हॉकी में पुरुष टीम के चिंगलेनसाना को अर्जुन अवॉर्ड दिया गया है और दीपिका ठाकुर के आवेदन को नकार दिया गया है। जिसपर दीपिका ठाकुर ने नाराजगी जताते हुए अवॉर्ड कमेटी पर भेदभाव का आरोप लगाया है। दीपिका ने कहा कि वह देश के लिए 250 मैच खेल चुकी हैं और लंबे समय तक भारतीय महिला हॉकी टीम की उप कप्तान रही हैं तो वह कई बार कप्तान भी रही हैं। भारतीय महिला हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2018 में सिल्वर मेडल तो 2014 में ब्रांज मेडल जीता है और वह दोनों बार टीम में खेलते हुए अहम भूमिका निभाई है। वह रियो ओलंपिक में टीम के लिए खेलीं थीं तो उसे 2015 में बेस्ट प्लेयर व 2014 में बेस्ट डिफेंडर का अवॉर्ड मिल चुका है। इनके अलावा भी वह वर्ल्ड कप, कॉमनवेल्थ गेम्स, एशिया कप, एशियन चैंपियन ट्राफी आदि में खेल चुकी है और इस समय भी टीम के लिए खेल रही है। इन सभी उपलब्धियों को लेकर उसने अर्जुन अवॉर्ड के लिए आवेदन किया था। लेकिन एशियन गेम्स 2018 में ब्रांज मेडल जीतने वाली पुरुष टीम के चिंगलेनसाना को अवॉर्ड दिया गया। उसका आरोप है कि चिंगलेनसाना को उत्तर पूर्व का होने के कारण अवॉर्ड दिया गया है। उसने अपनी उपलब्धियों को लेकर मंत्रालय में शिकायत भेजी है।
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खेल मंत्रालय के नियमानुसार दो अवॉर्ड मिलने चाहिए, कोर्ट भी जाऊंगी
भारतीय महिला हॉकी टीम की पूर्व कप्तान दीपिका ठाकुर ने कहा कि खेल मंत्रालय के नियम में साफ लिखा हुआ है कि किसी भी टीम इवेंट में एक को अवॉर्ड नहीं दिया जा सकता है। टीम इवेंट में महिला व पुरुष दोनों को अवॉर्ड दिया जाना चाहिए। केवल एक को उस परिस्थिति में अवॉर्ड मिल सकता है, जब महिला या पुरुष में किसी का आवेदन नहीं आया हो। इस तरह भी अवॉॅर्ड देने में नियमों की अनदेखी की गई है और मंत्रालय न्याय नहीं मिलने पर दीपिका ने कोर्ट में मामला लेकर जाने की चेतावनी दी है, जिसमें खेल मंत्रालय का नियम व अपनी उपलब्धियों को रखा जाएगा।
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