{"_id":"6150cabf8ebc3edac41ded30","slug":"everything-closed-today-except-emergency-services-skm-sonipat-news-rtk6252212183","type":"story","status":"publish","title_hn":"आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर आज सब कुछ बंद : एसकेएम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर आज सब कुछ बंद : एसकेएम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कुंडली/सोनीपत। एसकेएम (संयुक्त किसान मोर्चा) ने कहा कि सोमवार का भारत बंद के दौरान आपातकालीन सेवाओं को छोडकर देशभर में सब कुछ बंद रहेगा। बंद के दौरान पूर्ण शांति का आह्वान किया गया है। एसकेएम ने सभी भारतीयों से बंद में शामिल होने व अन्नदाताओं के प्रति समर्थन जताने की मांग की है।
एसकेएम समन्यव समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. दर्शनपाल ने रविवार को कुंडली बॉर्डर पर बातचीत में बताया कि 27 सितंबर, 2020 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किसान विरोधी 3 कृषि कानूनों को सहमति दी थी और लागू किया था। ऐसे में अब 27 सितंबर सोमवार सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक भारत बंद रखा जाएगा। किसान संगठनों ने श्रम संगठनों सहित अपने समर्थकों के साथ यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी योजना बनाई है कि आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर, देशभर में सभी कार्य स्थगित रहे।
डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश सरकार ने एसकेएम के बंद के आह्वान पर अपना समर्थन व्यक्त किया और घोषणा की कि राज्य सड़क परिवहन की बसों को 26 तारीख की रात से 27 तारीख की दोपहर तक सड़कों से दूर रखा जाएगा। आंध्र प्रदेश सरकार ने पहले भी किसान आंदोलन को ऐसा समर्थन दिया था। केरल में सत्ताधारी एलडीएफ ने भी 27 तारीख को हड़ताल का समर्थन किया है। पंजाब के सीएम ने भी अपना समर्थन दिया है।
विज्ञापन
एसकेएम ने भारत बंद में इन दलों से समर्थन मिलने का किया दावा
एसकेएम ने कहा कि अब तक माकपा, भाकपा, फारवर्ड ब्लॉक, समाजवादी पार्टी, भाकपा माले (लिबरेशन), भाकपा माले न्यू डेमोक्रेसी, एसयूसीआई (सी), एमसीपीआई (यू), भारतीय क्रांतिकारी मार्क्सवादी पार्टी के अलावा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, आप, सपा, तेदेपा, जनता दल सेक्युलर, बसपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, द्रमुक, शियद, शियद-संयुक्त, वाईएसआरसीपी, झामुमो, राजद, स्वराज इंडिया और अन्य दलों ने भारत बंद को अपना समर्थन दिया। बंद के दिन 27 सितंबर को केंद्रीय श्रम संगठनों ने नई दिल्ली के जंतर मंतर पर सुबह 11 बजे एक विरोध रैली का आयोजन किया जाएगा। ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन की कई बार एसोसिएशनों और स्थानीय इकाइयों ने भी अपना समर्थन दिया है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अपने बयान के लिए मांगे माफी
डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि हरियाणा सरकार का सुप्रीम कोर्ट से कहना कि वह किसानों को सड़कों से नाकेबंदी हटाने के लिए राजी करेगी, यह हास्यास्पद है। हरियाणा सरकार जानती है कि हरियाणा पुलिस और दिल्ली पुलिस ने नाकेबंदी की है जबकि किसानों ने विरोध मोर्चों पर दोनों तरफ की सड़कों को यातायात के लिए मुक्त कर रखा है। वहीं, एसकेएम ने कहा कि हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ विरोध करने वाले किसानों के एक लोकप्रिय किसान नेता को गुंडा बता रहे थे। एसकेएम इसकी निंदा करता है और उनसे अपना बयान वापस लेने और माफी मांगने की मांग करता है।
विज्ञापन
एसकेएम समन्यव समिति के वरिष्ठ सदस्य डॉ. दर्शनपाल ने रविवार को कुंडली बॉर्डर पर बातचीत में बताया कि 27 सितंबर, 2020 को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने किसान विरोधी 3 कृषि कानूनों को सहमति दी थी और लागू किया था। ऐसे में अब 27 सितंबर सोमवार सुबह 6 बजे से शाम 4 बजे तक भारत बंद रखा जाएगा। किसान संगठनों ने श्रम संगठनों सहित अपने समर्थकों के साथ यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी योजना बनाई है कि आपातकालीन सेवाओं को छोड़कर, देशभर में सभी कार्य स्थगित रहे।
विज्ञापन
डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के नेतृत्व वाली आंध्र प्रदेश सरकार ने एसकेएम के बंद के आह्वान पर अपना समर्थन व्यक्त किया और घोषणा की कि राज्य सड़क परिवहन की बसों को 26 तारीख की रात से 27 तारीख की दोपहर तक सड़कों से दूर रखा जाएगा। आंध्र प्रदेश सरकार ने पहले भी किसान आंदोलन को ऐसा समर्थन दिया था। केरल में सत्ताधारी एलडीएफ ने भी 27 तारीख को हड़ताल का समर्थन किया है। पंजाब के सीएम ने भी अपना समर्थन दिया है।
विज्ञापन
एसकेएम ने भारत बंद में इन दलों से समर्थन मिलने का किया दावा
एसकेएम ने कहा कि अब तक माकपा, भाकपा, फारवर्ड ब्लॉक, समाजवादी पार्टी, भाकपा माले (लिबरेशन), भाकपा माले न्यू डेमोक्रेसी, एसयूसीआई (सी), एमसीपीआई (यू), भारतीय क्रांतिकारी मार्क्सवादी पार्टी के अलावा भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस, आप, सपा, तेदेपा, जनता दल सेक्युलर, बसपा, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी, द्रमुक, शियद, शियद-संयुक्त, वाईएसआरसीपी, झामुमो, राजद, स्वराज इंडिया और अन्य दलों ने भारत बंद को अपना समर्थन दिया। बंद के दिन 27 सितंबर को केंद्रीय श्रम संगठनों ने नई दिल्ली के जंतर मंतर पर सुबह 11 बजे एक विरोध रैली का आयोजन किया जाएगा। ऑल इंडिया लॉयर्स यूनियन की कई बार एसोसिएशनों और स्थानीय इकाइयों ने भी अपना समर्थन दिया है।
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अपने बयान के लिए मांगे माफी
डॉ. दर्शनपाल ने कहा कि हरियाणा सरकार का सुप्रीम कोर्ट से कहना कि वह किसानों को सड़कों से नाकेबंदी हटाने के लिए राजी करेगी, यह हास्यास्पद है। हरियाणा सरकार जानती है कि हरियाणा पुलिस और दिल्ली पुलिस ने नाकेबंदी की है जबकि किसानों ने विरोध मोर्चों पर दोनों तरफ की सड़कों को यातायात के लिए मुक्त कर रखा है। वहीं, एसकेएम ने कहा कि हरियाणा के भाजपा अध्यक्ष ओमप्रकाश धनखड़ विरोध करने वाले किसानों के एक लोकप्रिय किसान नेता को गुंडा बता रहे थे। एसकेएम इसकी निंदा करता है और उनसे अपना बयान वापस लेने और माफी मांगने की मांग करता है।