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Sonipat News: मिर्गी रोगी को जिला अस्पताल में मिल रही मर्ज की दवा, जांच के लिए जाना पड़ रहा पीजीआईएमएस
Sun, 17 Nov 2024 03:29 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sun, 17 Nov 2024 03:29 AM IST
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सोनीपत। मिर्गी रोगी को जिला अस्पताल में मर्ज की दवा मिल रही है, लेकिन मशीन से मस्तिष्क की जांच कराने के लिए पीजीआईएमएस रोहतक भेजा जा रहा है। मनोरोग ओपीडी में रोजाना 30 से 40 दौरे के मरीज उपचार कराने के लिए पहुंच रहे हैं। मनोरोग विशेषज्ञ की ओर से मिर्गी से बचाव के लिए मरीजों को एहतियात बरतने की सलाह दी जा रही है। अगर जिला अस्पताल में इलेक्ट्रोएन्सेफलोग्राम (ईईजी) उपलब्ध हो जाए तो मिर्गी व दौरे के रोगियों को इलाज में मदद मिल सकेगी।
अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 30 से 40 मरीज मिर्गी व दौरे से संबंधित पहुंच रहे हैं। अस्पताल में मरीजों का उपचार किया जाता है, लेकिन मस्तिष्क की विद्युत जांच कराने के लिए पीजीआईएमएस रोहतक भेजा जा रहा है। ओपीडी में आने वाले मरीजों की शुरुआत जांच करने के लिए सीटी स्कैन कराया जा रहा है। अगर मरीज का शुगर लेवल (मधुमेह स्तर) कम है तो मरीजों की एक साल के लिए दवा शुरू कराई जाती है। अगर शुगर लेवल ज्यादा है तो मिर्गी या दौरे के मरीज को ईईजी मशीन से मस्तिष्क की विद्युत जांच कराने के लिए पीजीआईएमएस रोहतक भेज दिया जाता है। उसके बाद तीन साल के लिए दवा का कोर्स कराया जाता है। कोर्स पूरा होने के बाद अगर दोबारा से मिर्गी आती है तो पांच साल के लिए दवा दी जाती है। उसके बावजूद कोई मरीज ठीक नहीं होता है उसे जीवनभर के लिए दवा लेने पड़ती है।
राष्ट्रीय मिर्गी दिवस हर साल 17 नवंबर को मनाया जाता है। मिर्गी भी कई तरह की होती हैं। कई बार एमआरआई जांच में भी दिमाग में हो रही गड़बड़ी के बारे में पता नहीं चल पाता है। ईईजी मशीन का इस्तेमाल मस्तिष्क की चोटों, नींद संबंधी विकारों, मिर्गी और अन्य मस्तिष्क की स्थितियों के निदान के लिए किया जाता है। ईईजी से स्मृति हानि और बेहोशी जैसे लक्षणों के कारणों का भी पता चलता है। यह कोमा में पड़े किसी व्यक्ति की मस्तिष्क गतिविधि भी दिखा सकता है।
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चिकित्सक डॉ. संदीप आंतिल ने बताया कि लोगों को मिर्गी से बचाव के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है। मरीजों को ज्यादा से ज्यादा नींद लेना चाहिए। तनाव को कम करना बहुत जरूरी है। समय पर दवाएं लेकर मिर्गी का इलाज पूरा करना चाहिए। मिर्गी एक लाइलाज बीमारी नहीं है।
नागरिक अस्पताल में मिर्गी के मरीजों का इलाज उपलब्ध है। मस्तिष्क की विद्युत जांच के लिए मरीजों को पीजीआई भेजा जाता है। मिर्गी के मरीजों को चिकित्सक के परामर्श लेकर इलाज ले तो लोग जल्द इस बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं।
- डॉ. संदीप आंतिल, मनोरोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल
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अस्पताल की ओपीडी में रोजाना 30 से 40 मरीज मिर्गी व दौरे से संबंधित पहुंच रहे हैं। अस्पताल में मरीजों का उपचार किया जाता है, लेकिन मस्तिष्क की विद्युत जांच कराने के लिए पीजीआईएमएस रोहतक भेजा जा रहा है। ओपीडी में आने वाले मरीजों की शुरुआत जांच करने के लिए सीटी स्कैन कराया जा रहा है। अगर मरीज का शुगर लेवल (मधुमेह स्तर) कम है तो मरीजों की एक साल के लिए दवा शुरू कराई जाती है। अगर शुगर लेवल ज्यादा है तो मिर्गी या दौरे के मरीज को ईईजी मशीन से मस्तिष्क की विद्युत जांच कराने के लिए पीजीआईएमएस रोहतक भेज दिया जाता है। उसके बाद तीन साल के लिए दवा का कोर्स कराया जाता है। कोर्स पूरा होने के बाद अगर दोबारा से मिर्गी आती है तो पांच साल के लिए दवा दी जाती है। उसके बावजूद कोई मरीज ठीक नहीं होता है उसे जीवनभर के लिए दवा लेने पड़ती है।
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राष्ट्रीय मिर्गी दिवस हर साल 17 नवंबर को मनाया जाता है। मिर्गी भी कई तरह की होती हैं। कई बार एमआरआई जांच में भी दिमाग में हो रही गड़बड़ी के बारे में पता नहीं चल पाता है। ईईजी मशीन का इस्तेमाल मस्तिष्क की चोटों, नींद संबंधी विकारों, मिर्गी और अन्य मस्तिष्क की स्थितियों के निदान के लिए किया जाता है। ईईजी से स्मृति हानि और बेहोशी जैसे लक्षणों के कारणों का भी पता चलता है। यह कोमा में पड़े किसी व्यक्ति की मस्तिष्क गतिविधि भी दिखा सकता है।
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चिकित्सक डॉ. संदीप आंतिल ने बताया कि लोगों को मिर्गी से बचाव के लिए एहतियात बरतने की सलाह दी जाती है। मरीजों को ज्यादा से ज्यादा नींद लेना चाहिए। तनाव को कम करना बहुत जरूरी है। समय पर दवाएं लेकर मिर्गी का इलाज पूरा करना चाहिए। मिर्गी एक लाइलाज बीमारी नहीं है।
नागरिक अस्पताल में मिर्गी के मरीजों का इलाज उपलब्ध है। मस्तिष्क की विद्युत जांच के लिए मरीजों को पीजीआई भेजा जाता है। मिर्गी के मरीजों को चिकित्सक के परामर्श लेकर इलाज ले तो लोग जल्द इस बीमारी से छुटकारा पा सकते हैं।
- डॉ. संदीप आंतिल, मनोरोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल