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Sonipat News: ठेका कंपनी के कर्मचारी चार साल तक रेलवे स्टेशन को रखेंगे चकाचक
Thu, 04 May 2023 12:52 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 04 May 2023 12:52 AM IST
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फोटो 01: सोनीपत रेलवे स्टेशन पर आधुनिक मशीन से सफाई करता कर्मचारी। संवाद
सोनीपत। दिल्ली मंडल के सोनीपत स्टेशन को आधुनिक बनाने के लिए रेलवे भरसक प्रयास कर रहा है। एक ओर जहां आधुनिक सुविधाएं बढ़ाई जा रही हैं, वहीं सोनीपत स्टेशन को स्वच्छ बनाने के लिए 3 आधुनिक मशीनों व 16 कर्मचारियों का सहारा लिया जा रहा है। रेलवे ने चार वर्ष के लिए निजी कंपनी को सफाई का ठेका दिया है। ठेकेदार जरूरत के हिसाब से मशीनों व कर्मचारियों को बढ़ा सकेगा। सोनीपत स्टेशन पर सफाई का कार्य रेलवे बोर्ड की नीति के आधार पर किया जाएगा।
रेलवे ने सोनीपत स्टेशन की तस्वीर बदलने के लिए कवायद शुरू कर दी है। आदर्श स्टेशनों में शुमार ए ग्रेड श्रेणी में शामिल सोनीपत स्टेशन को अब स्वच्छता की रैंकिग में भी अव्वल लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत स्टेशन पर सफाई व्यवस्था का जिम्मा एक निजी कंपनी को चार वर्ष के लिए सौंपा गया है। ठेकेदार के 16 कर्मचारियों ने 3 मशीनों के साथ स्टेशन को साफ-सुथरा बनाने के लिए काम शुरू कर दिया है। फरवरी 2023 तक कर्मचारियों की कमी के चलते सोनीपत स्टेशन पर सफाई व्यवस्था का अभाव था। हर समय कचरा फैला रहता था। स्टेशन परिसर की सफाई का जिम्मा केवल दो कर्मचारियों पर ही था। वह कर्मचारी भी पक्के नहीं थे। ऐसे में यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
स्वच्छता के बिना फीकी थी सुविधाएं
दैनिक यात्री रमेश कुमार, जोगिंद्र सिंह, सुभाष, विक्रम सिंह, कार्तिक व जीतपाल का कहना है कि सोनीपत स्टेशन से दिल्ली व अंबाला रूट पर रोजाना करीब 40 हजार से अधिक यात्री आवागमन करते हैं। जिनकी सुविधा के लिए स्वचालित सीढिय़ां, ऑटोमेटिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की व्यवस्था की जा रही है। रिटायरिंग रूम, प्रतीक्षालय कक्ष, वर्टिकल गार्डन व दोनों ओर पार्किंग की सुविधा दी गई है, लेकिन स्वच्छता के बिना यह सभी सुविधाएं फीकी पड़ रही थी। 16 दिसंबर को रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल के निरीक्षण से पहले स्टेशन के सुंदरीकरण करने के लिए 60 लाख रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन उनके निरीक्षण के 15 दिन बाद ही स्टेशन की सफाई व्यवस्था चरमरा गई थी।
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30 अक्तूबर 2022 को खत्म हो गया था ठेका
स्टेशन परिसर में कई जगह कूड़े के ढेर लगे रहते थे। शौचालय की भी नियमित सफाई न होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। कोरोना काल से पहले सोनीपत स्टेशन पर ठेकेदारी के तहत करीब 16 कर्मचारी सफाई व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे। 30 अक्तूबर 2022 को सफाई का ठेका खत्म हो गया था। इसके बाद अधिकारियों को स्टेशन की सफाई व्यवस्था के लिए कोई ठेकेदार नहीं मिल रहा था। अब चार वर्ष के लिए ठेका होने से स्टेशन पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त होगी।
सोनीपत स्टेशन की सफाई व्यवस्था के लिए चार वर्ष के लिए ठेका दिया गया है। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ठेकेदार अपनी जरूरत के अनुसार मशीनें व कर्मचारी लगाएगा। सफाई का कार्य रेलवे बोर्ड की नीति के अनुसार किया जाएगा। रेलवे की ओर से यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अजय माइकल, जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर रेलवे, दिल्ली मंडल
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रेलवे ने सोनीपत स्टेशन की तस्वीर बदलने के लिए कवायद शुरू कर दी है। आदर्श स्टेशनों में शुमार ए ग्रेड श्रेणी में शामिल सोनीपत स्टेशन को अब स्वच्छता की रैंकिग में भी अव्वल लाने का प्रयास किया जा रहा है। जिसके तहत स्टेशन पर सफाई व्यवस्था का जिम्मा एक निजी कंपनी को चार वर्ष के लिए सौंपा गया है। ठेकेदार के 16 कर्मचारियों ने 3 मशीनों के साथ स्टेशन को साफ-सुथरा बनाने के लिए काम शुरू कर दिया है। फरवरी 2023 तक कर्मचारियों की कमी के चलते सोनीपत स्टेशन पर सफाई व्यवस्था का अभाव था। हर समय कचरा फैला रहता था। स्टेशन परिसर की सफाई का जिम्मा केवल दो कर्मचारियों पर ही था। वह कर्मचारी भी पक्के नहीं थे। ऐसे में यात्रियों को परेशानी झेलनी पड़ रही थी।
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स्वच्छता के बिना फीकी थी सुविधाएं
दैनिक यात्री रमेश कुमार, जोगिंद्र सिंह, सुभाष, विक्रम सिंह, कार्तिक व जीतपाल का कहना है कि सोनीपत स्टेशन से दिल्ली व अंबाला रूट पर रोजाना करीब 40 हजार से अधिक यात्री आवागमन करते हैं। जिनकी सुविधा के लिए स्वचालित सीढिय़ां, ऑटोमेटिक इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की व्यवस्था की जा रही है। रिटायरिंग रूम, प्रतीक्षालय कक्ष, वर्टिकल गार्डन व दोनों ओर पार्किंग की सुविधा दी गई है, लेकिन स्वच्छता के बिना यह सभी सुविधाएं फीकी पड़ रही थी। 16 दिसंबर को रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल के निरीक्षण से पहले स्टेशन के सुंदरीकरण करने के लिए 60 लाख रुपये खर्च किए गए थे, लेकिन उनके निरीक्षण के 15 दिन बाद ही स्टेशन की सफाई व्यवस्था चरमरा गई थी।
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30 अक्तूबर 2022 को खत्म हो गया था ठेका
स्टेशन परिसर में कई जगह कूड़े के ढेर लगे रहते थे। शौचालय की भी नियमित सफाई न होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ता था। कोरोना काल से पहले सोनीपत स्टेशन पर ठेकेदारी के तहत करीब 16 कर्मचारी सफाई व्यवस्था की कमान संभाले हुए थे। 30 अक्तूबर 2022 को सफाई का ठेका खत्म हो गया था। इसके बाद अधिकारियों को स्टेशन की सफाई व्यवस्था के लिए कोई ठेकेदार नहीं मिल रहा था। अब चार वर्ष के लिए ठेका होने से स्टेशन पर सफाई व्यवस्था दुरुस्त होगी।
सोनीपत स्टेशन की सफाई व्यवस्था के लिए चार वर्ष के लिए ठेका दिया गया है। सफाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए ठेकेदार अपनी जरूरत के अनुसार मशीनें व कर्मचारी लगाएगा। सफाई का कार्य रेलवे बोर्ड की नीति के अनुसार किया जाएगा। रेलवे की ओर से यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के प्रयास किए जा रहे हैं।
अजय माइकल, जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर रेलवे, दिल्ली मंडल