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Sonipat News: अमेरिका से पोस्ट डॉक्टरेट करेंगी डॉ. ज्योति, प्रतिवर्ष मिलेगी 36 लाख रुपये छात्रवृत्ति

Thu, 08 Feb 2024 11:58 PM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Thu, 08 Feb 2024 11:58 PM IST
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Dr. Jyoti will do post doctorate from America, will get scholarship of Rs 36 lakh per year
डीसीआरयूएसटी के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह व अन्य के साथ प्रमाणपत्र दिखाती छात्रा डॉ. ज्योति
सोनीपत। दीनबंधु छोटूराम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (डीसीआरयूएसटी) मुरथल की छात्रा डाॅ. ज्योति लोहचब अब अमेरिका से पोस्ट डॉक्टरेट करेंगी। ज्योति को शोध कार्य के दौरान अमेरिका से प्रतिवर्ष लगभग 36 लाख रुपये की छात्रवृत्ति मिलेगी। इस उपलब्धि पर कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, विभागाध्यक्ष व प्राध्यापकों ने उनको बधाई दी है।
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डीसीआरयूएसटी की छात्रा डॉ. ज्योति लोहचब अब अमेरिका की लुसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी में फाइबर ऑपटिक पर शोध कार्य करेंगी। ज्योति ने विश्वविद्यालय के भौतिकी विभाग से एमएससी की। एमएससी के दौरान ही उन्होंने प्रोजेक्ट पर सफल कार्य किया। ज्योति लोहचब ने प्रो. सतीश खासा के निर्देशन में कार्य किया। अपनी सफलता के लिए ज्योति लोहचब ने प्रो. रजनी शुक्ला, प्रो.सतीश खासा, प्रो. पवन राणा, डाॅ. आशिमा, डाॅ. अशोक, डाॅ. सुरेंद्र दूहन, डाॅ. रविंद्र व डाॅ. प्रदीप सिंह ने भी मार्गदर्शन किया। इसके कारण वह आज सफलता प्राप्त कर सकीं।
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पोस्ट डॉक्टरेट के लिए किया था आवेदन

डाॅ. ज्योति लोहचब ने अमेरिका की लुसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी में पोस्ट डॉक्टरेट के लिए आवेदन किया था। विश्वविद्यालय ने ज्योति लोहचब की तरफ से किए गए शोध कार्य का बारीकी से निरीक्षण किया। इसके बाद विश्वविद्यालय ने ज्योति का साक्षात्कार लिया। साक्षात्कार के बाद ज्योति का चयन अमेरिका की लुसियाना स्टेट यूनिवर्सिटी में क्राफ्ट एंड हाकिंग डिपार्टमेंट ऑफ पेट्रोलियम इंजीनियरिंग में हो गया।
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शोध कार्य के आधार पर किया जाता है चयन
डीसीआरयूएसटी के कुलपति प्रो. श्रीप्रकाश सिंह ने कहा कि वर्तमान समय प्रतिस्पर्धा का है। विश्वविद्यालय का पाठ्यक्रम इस प्रकार से बनाया गया है जिसमें स्नातकोत्तर के दौरान ही विद्यार्थियों को शोध करने के अवसर मिलने प्रारंभ हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि जब किसी विद्यार्थी या शोधार्थी का चयन किसी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में होता है तो देखा जाता है कि विद्यार्थी का शोध कार्य कैसा है। विद्यार्थी का चयन उसके शोध कार्य के आधार पर ही किया जाता है।

वर्जन
विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों का वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय में छात्रवृत्ति के साथ चयन होना प्रदेश व विश्वविद्यालय के लिए गौरव का विषय है। ज्योति से विश्वविद्यालय के दूसरे विद्यार्थियों को भी प्रेरणा मिलेगी। हमारी प्राथमिकता गुणवत्तापरक शोध पर है। अच्छे शोध कार्य के लिए विश्वविद्यालय पॉलिसी बना रहा है, ताकि शोधार्थियों को प्रोत्साहन मिल सके। शैक्षणिक परिषद की बैठक में पास होते ही इसे लागू कर दिया जाएगा।-प्रो. श्रीप्रकाश सिंह, कुलपति, डीसीआरयूएसटी, मुरथल।
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