{"_id":"68b9f95af8ec7a8b3a026351","slug":"dont-care-about-life-care-about-belongings-sonipat-news-c-197-1-snp1001-141759-2025-09-05","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: जान की नहीं, सामान की परवाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: जान की नहीं, सामान की परवाह
Fri, 05 Sep 2025 02:10 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 05 Sep 2025 02:10 AM IST
विज्ञापन
फोटो 35: सोनीपत के मनौली टोंकी स्थित यमुना घाट पर प्रभावित लोगों को खाद्य सामग्री वितरित करते क
सोनीपत। हथिनी कुंड बैराज से यमुना में छोड़े गए पानी और लगातार हो रही बारिश ने जिले के खादर क्षेत्र में 10 हजार एकड़ में फसलें बर्बाद हो गई हैं। कई गांवों के लोगों का जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मनौली टोंकी गांव में स्थिति परेशान करने वाली है। पीने से घिर चुके घर को ग्रामीण नहीं छोड़ना चाह रहे हैं। पानी से भर चुके घरों में ही रहकर सामान की हिफाजत कर रहे हैं।
प्रशासन की ओर से राहत कैंप और टेंट लगाए जाने के बावजूद कई लोग सामान की चिंता करते हुए जान जोखिम में डालकर घरों में रह रहे हैं। वीरवार को भी यमुना के जलस्तर में कमी दर्ज की गई मगर प्रभावित लोगों की परेशानी अभी भी कम नहीं हुई है।
यमुना के किनारे वाले गांवों में सब्जियों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही खेतों की उपजाऊ मिट्टी भी नदी में बह जाने से आने वाली बुवाई पर संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
यमुना का पानी बेगा, रसूलपुर, ग्यासपुर, चंदौली, पबनेरा, मनौली टोंकी और जाजल टोंकी समेत कई गांवों के खेतों में घुस गया है। गांव के बाहरी क्षेत्र और खेतों में पानी भरने से ग्रामीणों का सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है।
सामाजिक संगठन भी कर रहे सेवा कार्य
राहत कार्यों में सामाजिक संगठन भी सक्रिय हैं। करणी सेना की युवा टीम हर रोज प्रभावित परिवारों तक पहुंचकर मदद कर रही है। करणी सेना के प्रदेश महामंत्री दीपक चौहान ने बताया कि पीड़ित परिवारों को खाने-पीने का सामान वितरित किया गया है। संगठन की पहल पर प्रशासन ने गांव में टेंट और स्वास्थ्य कैंप भी स्थापित किए हैं। संगठन ने लोगों से अपील की कि वह पानी से भरे मकानों को छोड़कर शिविर में शरण लें ताकि किसी हादसे का शिकार होने से बचा जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मकान गिरने से कोई अनहोनी हुई तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। राहत कार्यों में गोसेवक सिद्धार्थ राजपूत, शोर वर्मा, डॉक्टर रविंद्र, राहुल चौहान सहित अन्य कार्यकर्ता भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
विज्ञापन
प्रशासन की ओर से राहत कैंप और टेंट लगाए जाने के बावजूद कई लोग सामान की चिंता करते हुए जान जोखिम में डालकर घरों में रह रहे हैं। वीरवार को भी यमुना के जलस्तर में कमी दर्ज की गई मगर प्रभावित लोगों की परेशानी अभी भी कम नहीं हुई है।
विज्ञापन
यमुना के किनारे वाले गांवों में सब्जियों की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। इससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान पहुंचा है। इसके साथ ही खेतों की उपजाऊ मिट्टी भी नदी में बह जाने से आने वाली बुवाई पर संकट खड़ा हो गया है।
विज्ञापन
यमुना का पानी बेगा, रसूलपुर, ग्यासपुर, चंदौली, पबनेरा, मनौली टोंकी और जाजल टोंकी समेत कई गांवों के खेतों में घुस गया है। गांव के बाहरी क्षेत्र और खेतों में पानी भरने से ग्रामीणों का सामान्य जीवन प्रभावित हुआ है।
सामाजिक संगठन भी कर रहे सेवा कार्य
राहत कार्यों में सामाजिक संगठन भी सक्रिय हैं। करणी सेना की युवा टीम हर रोज प्रभावित परिवारों तक पहुंचकर मदद कर रही है। करणी सेना के प्रदेश महामंत्री दीपक चौहान ने बताया कि पीड़ित परिवारों को खाने-पीने का सामान वितरित किया गया है। संगठन की पहल पर प्रशासन ने गांव में टेंट और स्वास्थ्य कैंप भी स्थापित किए हैं। संगठन ने लोगों से अपील की कि वह पानी से भरे मकानों को छोड़कर शिविर में शरण लें ताकि किसी हादसे का शिकार होने से बचा जा सके। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मकान गिरने से कोई अनहोनी हुई तो इसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। राहत कार्यों में गोसेवक सिद्धार्थ राजपूत, शोर वर्मा, डॉक्टर रविंद्र, राहुल चौहान सहित अन्य कार्यकर्ता भी सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।

फोटो 35: सोनीपत के मनौली टोंकी स्थित यमुना घाट पर प्रभावित लोगों को खाद्य सामग्री वितरित करते क