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Sonipat News: चिकित्सक ने लिया वीआरएस, चर्म रोग का नहीं मिलेगा इलाज
Sat, 04 Jul 2026 07:11 PM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 04 Jul 2026 07:11 PM IST
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फोटो : डॉ. राजेश सिंघल।
संवादन्यूज एजेंसी
सोनीपत। जिला नागरिक अस्पताल में अब चर्म रोगियों को इलाज नहीं मिलेगा। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सिंघल ने वीरवार को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली। वह दो वर्ष पहले पदोन्नत होकर एसएमओ बने थे। वह फिलहाल जुआं के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) थे। वह सप्ताह में दो दिन जिला अस्पताल में ओपीडी लगा रहे थे।
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश सिंघल वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) जुलाई-2024 में पदोन्नत हो गए थे। स्वास्थ्य विभाग ने उनको गांव जुआं स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में नियुक्त किया था। उसके बाद वह जिला अस्पताल में सप्ताह में दो दिन ओपीडी लगा रहे थे।
जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना दाद, खाज व खुजली मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश सिंघल की ओपीडी 200 से ज्यादा होती है। उनके वीआरएस लेने के बाद अब वह जिला नागरिक अस्पताल में सेवाएं नहीं दे पाएंगे।
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ऐसे में अस्पताल में उपचार कराने वाले चर्म रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उनके स्थान पर अस्पताल में दूसरे चर्म रोग विशेषज्ञ को नहीं लगाया गया है।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सिंघल ने वर्ष 2003 में स्वास्थ्य विभाग में ज्वाइन किया था। उनकी पहली नियुक्ति रोहतक में हुई थी। उसके बाद वह पानीपत, झज्जर व फिर पानीपत में सेवाएं दी थी। अब वह लंबे समय से सोनीपत में डॉ. राजेश सिंघल सेवाएं दे रहे थे।
पांच माह पहले डॉ. अनविता कौशिक ने लिया था वीआरएस
पांच माह पहले बढ़खालासा की एसएमओ डॉ. अनविता कौशिक ने वीआरएस लिया था। उन्होंने 12 फरवरी को एसएमओ के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। उसके पांच महीने के अंदर अब एसएमओ डॉ. राजेश सिंघल ने वीआरएस ली है।
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सोनीपत। जिला नागरिक अस्पताल में अब चर्म रोगियों को इलाज नहीं मिलेगा। वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सिंघल ने वीरवार को स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) ले ली। वह दो वर्ष पहले पदोन्नत होकर एसएमओ बने थे। वह फिलहाल जुआं के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) थे। वह सप्ताह में दो दिन जिला अस्पताल में ओपीडी लगा रहे थे।
चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश सिंघल वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी (एसएमओ) जुलाई-2024 में पदोन्नत हो गए थे। स्वास्थ्य विभाग ने उनको गांव जुआं स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में नियुक्त किया था। उसके बाद वह जिला अस्पताल में सप्ताह में दो दिन ओपीडी लगा रहे थे।
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जिला नागरिक अस्पताल में रोजाना दाद, खाज व खुजली मरीज पहुंचते हैं। अस्पताल में चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश सिंघल की ओपीडी 200 से ज्यादा होती है। उनके वीआरएस लेने के बाद अब वह जिला नागरिक अस्पताल में सेवाएं नहीं दे पाएंगे।
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ऐसे में अस्पताल में उपचार कराने वाले चर्म रोगियों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा। उनके स्थान पर अस्पताल में दूसरे चर्म रोग विशेषज्ञ को नहीं लगाया गया है।
वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश सिंघल ने वर्ष 2003 में स्वास्थ्य विभाग में ज्वाइन किया था। उनकी पहली नियुक्ति रोहतक में हुई थी। उसके बाद वह पानीपत, झज्जर व फिर पानीपत में सेवाएं दी थी। अब वह लंबे समय से सोनीपत में डॉ. राजेश सिंघल सेवाएं दे रहे थे।
पांच माह पहले डॉ. अनविता कौशिक ने लिया था वीआरएस
पांच माह पहले बढ़खालासा की एसएमओ डॉ. अनविता कौशिक ने वीआरएस लिया था। उन्होंने 12 फरवरी को एसएमओ के पद से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ले ली थी। उसके पांच महीने के अंदर अब एसएमओ डॉ. राजेश सिंघल ने वीआरएस ली है।