{"_id":"660dba5317c2ae9614022ffa","slug":"difficulty-in-selling-mustard-farmers-closed-the-gate-of-grain-market-sonipat-news-c-197-1-snp1003-116258-2024-04-04","type":"story","status":"publish","title_hn":"Sonipat News: सरसों बेचने में आ रही परेशानी, किसानों ने अनाज मंडी का गेट किया बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Sonipat News: सरसों बेचने में आ रही परेशानी, किसानों ने अनाज मंडी का गेट किया बंद
Thu, 04 Apr 2024 01:51 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Thu, 04 Apr 2024 01:51 AM IST
विज्ञापन
सोनीपत/गन्नौर। जिले की मंडियों में पंजीकृत किसानों की सरसों की खरीद प्रक्रिया बुधवार को जारी रही। गन्नौर में सरसों बेचने में आ रही परेशानी के विरोध में किसानों ने मंडी का गेट बंद रखा। उन्होंने एक घंटे तक धरना दिया और मार्केट कमेटी के सचिव को ज्ञापन सौंपा। वहीं जिले की मंडियों में 4297 क्विंटल सरसों की खरीद हुई, इनमें सबसे ज्यादा गन्नौर मंडी में 1469 क्विंटल सरसों खरीदी गई।
किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के युवा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पहल के नेतृत्व में मंडी के गेट पर धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मंडी के गेट पर ताला लगाने की सूचना पर गन्नौर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मार्केट कमेटी सचिव को बुलाया, तब जाकर किसानों ने गेट खोला। किसानों का आरोप था कि मंडी में कमीशन लेकर सरसों को पास किया जा रहा है। कुछ किसानों से सरकारी रेट पर सरसों खरीदने के नाम पर सरसों या पैसे लिए जा रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने मार्केट कमेटी सचिव को लिखित शिकायत सौंपी।
भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष विरेंद्र पहल ने बताया कि मंडी में कुछ आढ़ती किसानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पिछले साल भी यह मामला सामने आया था। उन्होंने सरकार से मेरी फसल मेरा ब्याेरा पोर्टल अनिश्चितकाल के लिए खोलने और किसानों को आ रही समस्याओं का समाधान करवाने की मांग की है। विरेंद्र पहल ने कहा कि अगर सरकार मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है तो जिलेभर में वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
सरसों खरीद के बाद किसानों को 5.91 करोड़ रुपये का भुगतान किया
जिले की मंडियों में हैफेड की ओर से अब तक 17 हजार क्विंटल से ज्यादा सरसों खरीदी जा चुकी है। इसमें से 10 हजार क्विंटल सरसों का उठान किया गया है और किसानों को 5.91 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। मंडियों में रोजाना सरसों की आवक व खरीद प्रक्रिया जारी है। जिले की मंडियों में बुधवार को 4297 क्विंटल से ज्यादा की खरीद की गई। इसमें गन्नौर मंडी में 1469 क्विंटल, सोनीपत मंडी में 1265 क्विंटल, गोहाना मंडी में 1163 क्विंटल और खरखौदा मंडी में 300 क्विंटल की सरसों की खरीद की गई। अधिकारियों ने किसानों को फसल सुखाकर लाने की अपील की।
प्रदेश में सबसे ज्यादा खरीद गन्नौर मंडी में हो रही है। वहीं नियम अनुसार जिस सरसों की फसल में नमी है, फसल को सुखाने के बाद खरीद की जा रही है। किसानों की ओर से लगाए जा रहे आरोप गलत हैं।
उमाकांत शर्मा, जिला प्रबंधक, हैफेड
विज्ञापन
किसानों ने भारतीय किसान यूनियन (चढूनी) के युवा जिलाध्यक्ष वीरेंद्र पहल के नेतृत्व में मंडी के गेट पर धरना दिया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। मंडी के गेट पर ताला लगाने की सूचना पर गन्नौर थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने मार्केट कमेटी सचिव को बुलाया, तब जाकर किसानों ने गेट खोला। किसानों का आरोप था कि मंडी में कमीशन लेकर सरसों को पास किया जा रहा है। कुछ किसानों से सरकारी रेट पर सरसों खरीदने के नाम पर सरसों या पैसे लिए जा रहे हैं। इस संबंध में उन्होंने मार्केट कमेटी सचिव को लिखित शिकायत सौंपी।
विज्ञापन
भाकियू के युवा जिलाध्यक्ष विरेंद्र पहल ने बताया कि मंडी में कुछ आढ़ती किसानों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। पिछले साल भी यह मामला सामने आया था। उन्होंने सरकार से मेरी फसल मेरा ब्याेरा पोर्टल अनिश्चितकाल के लिए खोलने और किसानों को आ रही समस्याओं का समाधान करवाने की मांग की है। विरेंद्र पहल ने कहा कि अगर सरकार मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है तो जिलेभर में वह आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
विज्ञापन
सरसों खरीद के बाद किसानों को 5.91 करोड़ रुपये का भुगतान किया
जिले की मंडियों में हैफेड की ओर से अब तक 17 हजार क्विंटल से ज्यादा सरसों खरीदी जा चुकी है। इसमें से 10 हजार क्विंटल सरसों का उठान किया गया है और किसानों को 5.91 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया है। मंडियों में रोजाना सरसों की आवक व खरीद प्रक्रिया जारी है। जिले की मंडियों में बुधवार को 4297 क्विंटल से ज्यादा की खरीद की गई। इसमें गन्नौर मंडी में 1469 क्विंटल, सोनीपत मंडी में 1265 क्विंटल, गोहाना मंडी में 1163 क्विंटल और खरखौदा मंडी में 300 क्विंटल की सरसों की खरीद की गई। अधिकारियों ने किसानों को फसल सुखाकर लाने की अपील की।
प्रदेश में सबसे ज्यादा खरीद गन्नौर मंडी में हो रही है। वहीं नियम अनुसार जिस सरसों की फसल में नमी है, फसल को सुखाने के बाद खरीद की जा रही है। किसानों की ओर से लगाए जा रहे आरोप गलत हैं।
उमाकांत शर्मा, जिला प्रबंधक, हैफेड