दातौली गांव में छह दिनों से श्रीरामलीला का मंचन किया जा रहा है। श्रीरामलीला के सातवें दिन डॉ. श्रवण व ओमप्रकाश ने रिबन काटकर कार्यक्रम की शुरुआत की। इस दौरान कलाकारों द्वारा राम सुग्रीव मिलन, बाली वध, हनुमान का लंका गमन का मंचन किया गया।
कलाकारों ने दिखाया कि सीता की खोज में राम वन-वन घूमते हुए ऋषिमुख पर्वत पर पहुंच गए। वहां पर राम और लक्ष्मण को देखकर सुग्रीव के मन में शंका हुई। वह हनुमान को भेजते हैं। हनुमान ब्राह्मण का रूप धरकर भगवान श्रीराम व लक्ष्मण के पास गए। इसके बाद प्रभु राम ने अपना परिचय दिया और वन में भ्रमण करने के कारणों के बारे में बताया। इसके बाद हनुमान ने उनके चरण पकड़ लिए। यह दृश्य देखकर दर्शक भावुक हो गए। इसके बाद रामलीला मंच पर सुग्रीव बाली युद्ध, बली वध, सुग्रीव का राजतिलक, हनुमान का लंका गमन, माता सीता को श्रीराम की अंगूठी दिखाकर रामदूत होने का परिचय का मंचन किया गया। मंच संचालन अरुण गोस्वामी द्वारा किया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि जीटी रोड चौकी इंचार्ज जितेंद्र कुमार पहुंचे। इस दौरान निदेशक प्रदीप पाराशर, सह निदेशक अनिल गोस्वामी, गुरुजी कालू पंडित, अजीत भारद्वाज, राहुल पाराशर ने मार्गदर्शन किया।