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Sonipat News: होली के दिन भक्ति के रंग में रंगे श्रद्धालु
Fri, 06 Mar 2026 02:00 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Fri, 06 Mar 2026 02:00 AM IST
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फोटो : जीटी रोड स्थित ऋषि चैतन्य आश्रम में आयोजित संकीर्तन के दौरान झूमते साधक। स्रोत: पाठक
गन्नौर। जीटी रोड स्थित ऋषि चैतन्य आश्रम में होली पर्व संकीर्तन के साथ मनाया गया। आनंदमूर्ति गुरु मां के सान्निध्य में आयोजित संकीर्तन के दौरान बड़ी संख्या में साधक आध्यात्मिक रंगों में सराबोर हो गए।
गुरु मां ने सगुण और निर्गुण भक्ति के संगम पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि होली केवल श्रीकृष्ण की लीलीओं का पर्व ही नहीं बल्कि महादेव, श्रीराम-सीता और भक्त प्रहलाद की आस्था से भी जुड़ा हुआ है। गुरु मां ने आधुनिक जीवन में आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने के लिए साधकों को व्यावहारिक सुझाव भी दिए।
उन्होंने कहा कि सुबह भोर में एक घंटा स्वयं के लिए निकालकर नंगे पैर घास पर चलना, प्राणायाम और मंत्र जप करना मन को शांति देता है। वहीं रात को सोने से पहले कुछ समय स्क्रीन से दूर रहकर ध्यान और शांत संगीत सुनने से मानसिक शांति मिलती है।
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सत्संग के अंत में संकीर्तन का आयोजन हुआ जिसमें फागुन के दिन चार होरी खेल मना रे और आजो म्हारे देस जैसे भजनों पर श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। पूरा आश्रम प्रेम, वैराग्य और भक्ति के रंगों से सराबोर नजर आया।
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गुरु मां ने सगुण और निर्गुण भक्ति के संगम पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि होली केवल श्रीकृष्ण की लीलीओं का पर्व ही नहीं बल्कि महादेव, श्रीराम-सीता और भक्त प्रहलाद की आस्था से भी जुड़ा हुआ है। गुरु मां ने आधुनिक जीवन में आध्यात्मिक संतुलन बनाए रखने के लिए साधकों को व्यावहारिक सुझाव भी दिए।
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उन्होंने कहा कि सुबह भोर में एक घंटा स्वयं के लिए निकालकर नंगे पैर घास पर चलना, प्राणायाम और मंत्र जप करना मन को शांति देता है। वहीं रात को सोने से पहले कुछ समय स्क्रीन से दूर रहकर ध्यान और शांत संगीत सुनने से मानसिक शांति मिलती है।
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सत्संग के अंत में संकीर्तन का आयोजन हुआ जिसमें फागुन के दिन चार होरी खेल मना रे और आजो म्हारे देस जैसे भजनों पर श्रद्धालु भक्ति में झूम उठे। पूरा आश्रम प्रेम, वैराग्य और भक्ति के रंगों से सराबोर नजर आया।