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Sonipat: अंतरराष्ट्रीय बागवानी मंडी में मुख्यमंत्री ने 2600 करोड़ के विकास कार्यों की रखी आधारशिला
Sun, 11 Jun 2023 09:26 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 11 Jun 2023 09:26 PM IST
सार
एशिया की सबसे बड़ी अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मंडी 537 एकड़ में बन रही है। इसके दूसरे चरण का शुभारंभ किया गया। दो साल में काम पूरे होंगे। सरकार गन्नौर क्षेत्र में सब्जी उगाने वाले किसानों को तीन साल तक पांच हजार रुपये सब्सिडी देगी।
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गन्नौर में सीएम आज करेंगे विकास कार्यो का शिलान्यास।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी।
विस्तार
मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने कहा कि गन्नौर में बनने वाली अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मंडी प्रदेश के किसानों के जीवन में नई क्रांति लेकर आएगी। सब्जी उत्पादक किसानों के लिए आय दोगुनी ही नहीं, बल्कि तीन गुना हो सकेगी। इसके विकास पर 2600 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं। इसका काम दो साल में पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि गन्नौर क्षेत्र में सब्जी उगाने वाले किसानों को तीन साल तक पांच हजार रुपये सब्सिडी दी जाएगी।
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वह रविवार को गन्नौर में बनने वाली अंतरराष्ट्रीय फल, फूल एवं बागवानी मंडी में दूसरे चरण के विकास कार्यों के शुभारंभ पर संबोधित कर रहे थे। साथ ही उन्होंने प्रदेश में करीब 55 करोड़ की लागत से बनने वाली विभिन्न छह विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी। मुख्यमंत्री ने कहा कि गन्नौर में देश की नहीं, बल्कि एशिया की सबसे बड़ी मंडी बनेगी।
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इससे उत्तर भारत के राज्यों के क्रेता-विक्रेताओं को विशेष लाभ मिलेगा। दिल्ली के आजादपुर के बेहतरीन विकल्प के रूप में यह मंडी तैयार होगी, जिसमें हर प्रकार की सुविधाएं मुहैया होंगी। मंडी किसानों की आत्मनिर्भर बनाने के साथ प्रदेश को भी आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ाएगी। प्रदेश की आर्थिक स्थिति मजबूती होगी।
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उत्तर प्रदेश, पंजाब, जम्मू एवं कश्मीर व उत्तराखंड समेत अन्य राज्यों के किसान-व्यापारी होंगे लाभान्वित
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों की आय बढ़ाने के लक्ष्य की पूर्ति में मंडी की विशेष भूमिका रहेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि इसमें तीन हजार करोड़ रुपये की लागत से कार्यों को विस्तार दिया जाएगा, जबकि 2600 करोड़ रुपये के टेंडर के कार्यों को दो वर्ष में पूरा कर लिया जाएगा। हरियाणा के साथ उत्तर प्रदेश, पंजाब, जम्मू एवं कश्मीर और उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों के किसान-व्यापारी मंडी का लाभ उठा सकेंगे। मुख्यमंत्री ने किसानों को सब्जी उत्पादन के लिए प्रोत्साहित किया।
उन्होंने गन्नौर खंड के सब्जी उत्पादकों के लिए घोषणा की कि सब्जी उत्पादन करने वाले किसानों को तीन वर्ष तक पांच हजार रुपये प्रति एकड़ की दर से सब्सिडी दी जाएगी। जरूरत अनुसार इसके क्षेत्र व समय अवधि में वृद्धि भी की जा सकती है। उन्होंने बताया कि फिलहाल गन्नौर खंड में तीन हजार एकड़ में सब्जी उत्पादन किया जा रहा है। गन्नौर की 50 प्रतिशत कृषि भूमि पर सब्जी उगाने का लक्ष्य रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सूरजमुखी उत्पादक किसानों की समस्या को देखते हुए निर्णय लिया गया है कि कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में चार एकड़ में तेल निर्माण कारखाना स्थापित किया जाएगा। इसकी क्षमता 20 हजार मीट्रिक टन की होगी। सूरजमुखी के बीज से तेल व घी का निर्माण किया जाता है। उन्होंने कहा कि करनाल में महाराणा प्रताप बागवानी विश्वविद्यालय भी आगामी वर्ष शुरू हो जाएगा, जिससे किसानों को विशेष लाभ मिलेगा।
आवश्यकता होने पर मंडी के लिए अलग से भी स्टेशन का निर्माण किया जाएगा
बागवानी मंडी से मात्र एक किलोमीटर की दूरी पर गन्नौर का रेलवे स्टेशन है, जहां से फल-सब्जियों आदि उत्पादों को लाने व ले जाने की सुविधा रहेगी। आवश्यकता हुई तो मंडी के लिए अलग से भी स्टेशन का निर्माण किया जाएगा। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री जय प्रकाश दलाल ने कहा कि आर्थिक स्थिति के मामले में मंडी किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी। यहां सालाना 40 से 50 हजार करोड़ रुपये का कारोबार होगा। लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा।
प्रदेश सरकार के कार्यकाल में करीब 23 हजार करोड़ की राशि किसानों को अदा की जा चुकी है। इस दौरान सांसद रमेश कौशिक, विधायक निर्मल चौधरी, विधायक मोहन लाल बडौली, पूर्व मंत्री कविता जैन, एसीएस सुधीर राजपाल आदि मौजूद रहे।
छह विकास परियोजनाओं की रखी आधारशिला
मुख्यमंत्री ने 55 करोड़ की लागत से प्रदेश की छह अन्य परियोजनाओं की आधारशिला रखी। इनमें 495 लाख रुपये की लागत से भिवानी में बनाई जाने वाली सब्जी मार्केट, 1204.03 लाख की लागत से भिवानी के सिवानी में नई अनाज मंडी, 894.94 लाख की लागत से करनाल के असंध में मूनक खरीद केंद्र को सब यार्ड में विकसित करने व सिरसा में 2481.38 लाख की लागत से सब्जी मंडी, अनाज मंडी व लक्कड़ मंडी के विकास के लिए अतिरिक्त मंडी का निर्माण होगा। साथ ही सिरसा में 192.56 लाख की लागत से कंवरपुरा गांव में खरीद केंद्र का निर्माण और सिरसा में ही 224.47 लाख रुपये की लागत से शेरपुरा गांव में खरीद केंद्र के निर्माण कार्य का शिलान्यास किया।