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करोड़पति से अरबपति बना नगर निगम

Thu, 17 Sep 2015 01:01 AM IST
विजेंद्र कौशिक/अमर उजाला सोनीपत
विजेंद्र कौशिक/अमर उजाला सोनीपत Updated Thu, 17 Sep 2015 01:01 AM IST
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विकास की बाट जोह रहे सोनीपत शहर के लिए अच्छी खबर है। आपका नगर निगम बनने के दो माह में ही करोड़पति से अरबपति हो गया है। अब अधिकारी यह बहाना नहीं बना सकेंगे कि उनके पास फंड नहीं है। क्योंकि निगम में शामिल की गई 24 पंचायतों के एक अरब 60 करोड़ रुपये निगम के खाते में आ गए हैं। नगर परिषद के खाते में भी करोड़ों रुपये पहले से ही थे। ऐसे में अब बदहाल सीवरेज, सफाई, पार्कों की दयनीय हालत तथा लावारिस पशुओं की समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।

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छह जुलाई को प्रदेश सरकार ने नगर परिषद सोनीपत को नगर निगम का दर्जा दिया। साथ ही आसपास के 20 से अधिक गांवों को भी निगम में शामिल कर दिया। सोनीपत, मुरथल व राई ब्लॉक के शामिल किए गए उक्त गांवों की पंचायत पहले से ही करोड़पति थीं। इन पंचायतों के पास न केवल अपनी जमीन थी, बल्कि जीटी रोड के आसपास पंचायती जमीन एक्वायर होने से करोड़ों रुपये खाते में जमा थे। निगम में शामिल होते ही पंचायतों के खाते से यह पैसा अब निगम के खाते में आ गया है। हालांकि इसके लिए निगम आयुक्त एवं डीसी राजीव रत्न को सख्ती बरतनी पड़ी, क्योंकि कई पंचायतें आसानी से पैसा जमा नहीं करवा रही थीं। वहीं, निगम बनने से पहले नगर परिषद के खाते में 26 करोड़ 45 लाख रुपये की राशि जमा थी।
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कहां से आया कितना पैसा
पंचायत                राशि
मुकीनपुर               1 4 लाख 46 हजार
रायपुर                  1 6 करोड़ 52 लाख
बैयांपुर खुर्द              8 लाख 73 हजार
देवड़ू                  1 लाख 85 हजार
शाहपुर  तुर्क              6 करोड़ 82 लाख
जोशी चौहान              5 करोड़ 45 लाख
लिवान                  4 करोड़  63 लाख
लिवासपुर               15 लाख 85 हजार
खेवड़ा                   1 करोड़ 22 लाख
दिपालपुर                8 करोड़ 80 लाख
गढ़ शहजानपुर            9 करोड़ 3 लाख
फाजिलपुर              1 करोड़ 82 लाख
राई                   56 लाख 66 हजार
जाट जोशी              14 करोड़ 26 लाख
कुमासपुर               2 करोड़ 39 लाख
मुरथल              10 करोड़ 96 लाख
रेवली                   12 करोड़ 70 लाख
बैयांपुर               32 लाख 48 हजार
लहराड़ा                5 लाख 50 हजार
बहालगढ                4 7 लाख 11 हजार
असावरपुर                6 करोड़  57 लाख
जगदीशपुर                7 लाख  58 हजार
नांगल खुर्द                11 लाख 33 हजार
हरसाना कलां            33 लाख 86 हजार
नोट : राठधना गांव की पंचायत के खाते का पैसा विजिलेंस जांच के चलते अभी निगम के खाते में जमा नहीं हुआ है।

निगम का चाहिए अपना जेडटीओ और एटीपी

नगर निगम में अधिकारियों व कर्मचारियों की कमी से विकास कार्यों पर असर पड़ना संभव है। नगर निगम में दो दर्जन से ज्यादा गांवों के शामिल होने के बाद विकास कार्यों की रफ्तार पर असर पड़ रहा है। ऐसे में निगम की ओर से एक माह पहले वित्तायुक्त को पत्र भेजकर अधिकारियों की मांग की गई थी, लेकिन पंचायत चुनाव की आचार संहिता के चलते प्रक्रिया अटक गई है।
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ये चाहिए अधिकारी     वर्तमान में ये है संख्या
ज्वाइंट कमीश्नर    2    -    
जेडटीओ    1        -
डीटीपी    1        -
एटीपी     1        -
एसटीपी    1        -
अधीक्षण अभियंता    1    -
एक्सईएन    5        1
एमई    4        2
जेई    16        4
पटवारी 2        -
भवन निरीक्षक 2        1
हेड ड्राफ्ट्समैन    1        -
ड्राफ्ट्समैन    2        1
कंप्यूटर ऑपरेटर    20        -
क्लर्क    20        9
अकाउंटेंट    4        1
अकाउंट ऑफिसर    2        1
सीएओ    1        -
सेक्टर ऑफिसर    4        -
चपड़ासी    20        8
सफाई कर्मचारी    1004        420
सफाई निरीक्षक     4        1
सीएसआई    2        1

प्राथमिकताएं तय, जल्द करेंगे विकास कार्य शुरू
नगर निगम एरिया में विकास कार्य करवाने के लिए प्राथमिकताएं तय कर ली गई हैं। सीवरेज लाइन, सफाई, पार्कों की हालत सुधारने के साथ दो नए पार्क बनाने, लावारिस गोवंश के लिए गौशाला व नंदीघर बनाने का प्लान बनाया रहा है। निगम तो बन गया है, लेकिन अभी अधिकारी व कर्मचारी नहीं मिले हैं। पंचायत चुनाव की आचार संहिता के बाद अधिकारी व कर्मचारी मिलने की उम्मीद है। अब फंड की कमी नहीं है। जल्द काम शुरू कर दिए जाएंगे।

राजीव रत्न, डीसी एवं नगर निगम आयुक्त

विभाग मेरे पास, शहर के विकास की जिम्मेदारी बढ़ी
विधायक होने के नाते सोनीपत सिटी का विकास करवाना उनकी जिम्मेदारी थी। शहरी निकाय विभाग भी उनके पास है। ऐसे में शहर के विकास की दोहरी जिम्मेदारी आ गई है। निगम के फंड ही नहीं, प्रदेश सरकार के दूसरे स्रोत से भी फंड मंगवाकर विकास कार्य करवाए जाएंगे। -कविता जैन, शहरी निकाय मंत्री एवं विधायक

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