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Sonipat News: हनुमान के पराक्रम और लंकिनी संवाद का किया वर्णन
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फोटो : सोनीपत के मॉडल टाउन मं आयोजित सुंदरकांड पाठ, हरिनाम संकीर्तन और रामकथा सुनती महिला श्रद्
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सोनीपत। श्री राम परिवार सोनीपत की ओर से शनिवार देर शाम मॉडल टाउन स्थित संदीप जेटली के निवास पर सुंदरकांड पाठ, हरिनाम संकीर्तन एवं रामकथा का आयोजन किया गया। इसमें ओमप्रकाश अरोड़ा ने श्रीरामचरितमानस के लंका कांड में वर्णित हनुमान और लंकिनी के संवाद का प्रसंग सुनाया।
उन्होंने बताया कि समुद्र लांघकर लंका पहुंचने के बाद हनुमान ने राक्षसों की कड़ी सुरक्षा देखी और रात में प्रवेश के लिए सूक्ष्म रूप धारण किया। लंका की द्वारपालिका लंकिनी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। हनुमान के प्रहार से घायल होने के बाद उसे ब्रह्मा के वरदान की बात याद आई, जिसमें किसी बंदर के हाथों घायल होने को लंका में राक्षसों के अंत का संकेत बताया गया था। इसके बाद लंकिनी ने हनुमान को श्रीराम का दूत मानकर उन्हें लंका में प्रवेश की अनुमति दी।
ओमप्रकाश अरोड़ा ने कहा कि प्रभु श्रीराम की कृपा से हनुमान के लिए लंका जैसे अभेद्य दुर्ग में प्रवेश संभव हुआ। इस दौरान पवन सहगल, श्याम रहेजा, सूरज कांत, राकेश बहल, ललित बत्रा, महेश पांडे, रमाकांत, मुकेश आनंद, मेहरचंद और दिनेश अरोड़ा मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि समुद्र लांघकर लंका पहुंचने के बाद हनुमान ने राक्षसों की कड़ी सुरक्षा देखी और रात में प्रवेश के लिए सूक्ष्म रूप धारण किया। लंका की द्वारपालिका लंकिनी ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। हनुमान के प्रहार से घायल होने के बाद उसे ब्रह्मा के वरदान की बात याद आई, जिसमें किसी बंदर के हाथों घायल होने को लंका में राक्षसों के अंत का संकेत बताया गया था। इसके बाद लंकिनी ने हनुमान को श्रीराम का दूत मानकर उन्हें लंका में प्रवेश की अनुमति दी।
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ओमप्रकाश अरोड़ा ने कहा कि प्रभु श्रीराम की कृपा से हनुमान के लिए लंका जैसे अभेद्य दुर्ग में प्रवेश संभव हुआ। इस दौरान पवन सहगल, श्याम रहेजा, सूरज कांत, राकेश बहल, ललित बत्रा, महेश पांडे, रमाकांत, मुकेश आनंद, मेहरचंद और दिनेश अरोड़ा मौजूद रहे।
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