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पर्वतारोही नीतीश दहिया के शोक संतप्त परिवार को सांत्वना देने मटिंडू पहुंचे उप मुख्यमंत्री
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खरखौदा। हरियाणा के उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला शुक्रवार को पर्वतारोही नीतीश दहिया की मृत्यु पर शोकसभा में शामिल होकर शोक संतप्त परिवार को ढांढस बंधाने उनके निवास गांव मटिंडू पहुंचे। उन्होंने नीतीश के पिता राजबीर दहिया, माता सुनीता देवी, बहन मनीषा व नेहा से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना देते हुए हिम्मत दी कि वे इस दुख के समय में उनके साथ हैं। उप मुख्यमंत्री ने नीतीश दहिया की फोटो पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी और नीतीश के निधन पर शोक व्यक्त किया।
उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हमने अपने समाज का वो हीरा खोया है, जिसकी भरपाई करना बहुत ही मुश्किल है। नीतीश दहिया का सपना था कि वह विश्व की सबसे ऊंची छह छोटियों को फतह कर विश्व में देश के नाम एक इतिहास बनाएं। उनके इस साहस, देशप्रेम की भावना व बलिदान से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। नीतीश दहिया ने इतनी छोटी उम्र में विश्व की विभिन्न ऊंची चोटियों को फतह कर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया। उनके इस साहस को हम सभी हमेशा याद रखेंगे।
नीतीश के पिता राजबीर दहिया ने बताया कि वह पर्वतारोहण के साथ सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहता था। उसका प्रकृति के साथ अधिक जुड़ाव था इसलिए उसने इस क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण को लेकर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए। ग्रामीणों के साथ क्रांतिकारी नीतीश दहिया फाउंडेशन की शुरुआत की है जो हर वर्ष गांव में रक्तदान शिविर, पौधरोपण जैसे सामाजिक कार्यों का आयोजन करवाएगी। इस मौके पर पूर्व विधायक एवं जजपा के जिलाध्यक्ष पदम दहिया, पवन खरखौदा, सुरेंद्र बानिया, एसडीएम ज्योति मित्तल, पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन प्रशांत कौशिक व ग्रामीण मौजूद रहे।
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उप मुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने कहा कि हमने अपने समाज का वो हीरा खोया है, जिसकी भरपाई करना बहुत ही मुश्किल है। नीतीश दहिया का सपना था कि वह विश्व की सबसे ऊंची छह छोटियों को फतह कर विश्व में देश के नाम एक इतिहास बनाएं। उनके इस साहस, देशप्रेम की भावना व बलिदान से युवाओं को प्रेरणा लेनी चाहिए। नीतीश दहिया ने इतनी छोटी उम्र में विश्व की विभिन्न ऊंची चोटियों को फतह कर देश व प्रदेश का नाम रोशन किया। उनके इस साहस को हम सभी हमेशा याद रखेंगे।
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नीतीश के पिता राजबीर दहिया ने बताया कि वह पर्वतारोहण के साथ सामाजिक कार्यों में हमेशा आगे रहता था। उसका प्रकृति के साथ अधिक जुड़ाव था इसलिए उसने इस क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण, जल संरक्षण को लेकर अनेक कार्यक्रम आयोजित किए। ग्रामीणों के साथ क्रांतिकारी नीतीश दहिया फाउंडेशन की शुरुआत की है जो हर वर्ष गांव में रक्तदान शिविर, पौधरोपण जैसे सामाजिक कार्यों का आयोजन करवाएगी। इस मौके पर पूर्व विधायक एवं जजपा के जिलाध्यक्ष पदम दहिया, पवन खरखौदा, सुरेंद्र बानिया, एसडीएम ज्योति मित्तल, पीडब्ल्यूडी विभाग के एक्सईएन प्रशांत कौशिक व ग्रामीण मौजूद रहे।
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