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Sonipat News: खेतों से पानी निकासी न होने पर प्रदर्शन
Sat, 30 Aug 2025 02:23 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Sat, 30 Aug 2025 02:23 AM IST
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फोटो 03: सोनीपत लघु सचिवालय में मांगों को लेकर प्रदर्शन करते ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन के
- फोटो : samvad
सोनीपत। ऑल इंडिया किसान खेत मजदूर संगठन की ओर से खेतों से पानी निकासी के लिए शुक्रवार को लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया। इनका नेतृत्व जिला प्रधान हंसराज राणा व जिला सचिव जयकरण ने किया। उन्होंने नायब तहसीलदार को मुख्यमंत्री के नाम मांगपत्र सौंपकर खराब फसलों की गिरदावरी कराने और 50 हजार रुपये प्रति एकड़ मुआवजा देने की मांग की।
जिला प्रधान हंसराज राणा ने बताया कि खेतों में बारिश के पानी की निकासी के चलते फसल बर्बाद हो रही हैं। विशेषकर कपास, बाजरा, ज्वार व सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंच चुका है। कहीं-कहीं धान की फसल भी बर्बादी के कगार पर पहुंच चुकी है।
किसानों ने अपनी फसलों को ढाई महीने में तैयार किया था जिसमें हजारों रुपये खर्च हुए थे। किसान पहले से ही कर्ज में डूबा हुआ था। वह अब बर्बादी की कगार पर खड़ा है। यह सब सरकार और प्रशासन की लापरवाही की वजह से हुआ है। समय रहते सरकार ने न ड्रेनों की सफाई की न पानी की निकासी पर काम शुरू किया।
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जयकरण, डॉ. सत्यपाल रांगी, ईश्वर सिंह दहिया ने बताया कि गांव चिटाना, बड़वासनी, हुल्लाहेड़ी, जटमाजरा की पानी की निकासी के लिए ईस्ट जुआं ड्रेन की सफाई नहीं की गई। उनकी मांग है कि गांव भटगांव, लुहारी टिब्बा, रतनगढ़, गढ़ी हकीकत आदि गांवों में निकासी का उचित प्रबंध नहीं है उसे तुरंत चालू किया जाए।
गांव भटगांव के अंदर बस्ती में पानी घुसा हुआ है उसकी निकासी उचित ढंग से की जाए। गांव खेड़ी मनाजात में फूलों की खेती के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिया जाए। गांव नाहरा में पानी के निकासी का प्रबंध किया जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इस दौरान बलबीर सिंह, राजबीर मलिक, जय भगवान, प्रताप सिंह, जगबीर, सेवानन्द, रणधीर नाहरा, बलबीर खटक, बहादुर, मास्टर अनूप सिंह भी मौजूद रहे।
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जिला प्रधान हंसराज राणा ने बताया कि खेतों में बारिश के पानी की निकासी के चलते फसल बर्बाद हो रही हैं। विशेषकर कपास, बाजरा, ज्वार व सब्जी की फसलों को नुकसान पहुंच चुका है। कहीं-कहीं धान की फसल भी बर्बादी के कगार पर पहुंच चुकी है।
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किसानों ने अपनी फसलों को ढाई महीने में तैयार किया था जिसमें हजारों रुपये खर्च हुए थे। किसान पहले से ही कर्ज में डूबा हुआ था। वह अब बर्बादी की कगार पर खड़ा है। यह सब सरकार और प्रशासन की लापरवाही की वजह से हुआ है। समय रहते सरकार ने न ड्रेनों की सफाई की न पानी की निकासी पर काम शुरू किया।
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जयकरण, डॉ. सत्यपाल रांगी, ईश्वर सिंह दहिया ने बताया कि गांव चिटाना, बड़वासनी, हुल्लाहेड़ी, जटमाजरा की पानी की निकासी के लिए ईस्ट जुआं ड्रेन की सफाई नहीं की गई। उनकी मांग है कि गांव भटगांव, लुहारी टिब्बा, रतनगढ़, गढ़ी हकीकत आदि गांवों में निकासी का उचित प्रबंध नहीं है उसे तुरंत चालू किया जाए।
गांव भटगांव के अंदर बस्ती में पानी घुसा हुआ है उसकी निकासी उचित ढंग से की जाए। गांव खेड़ी मनाजात में फूलों की खेती के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा दिया जाए। गांव नाहरा में पानी के निकासी का प्रबंध किया जाए।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इन मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। इस दौरान बलबीर सिंह, राजबीर मलिक, जय भगवान, प्रताप सिंह, जगबीर, सेवानन्द, रणधीर नाहरा, बलबीर खटक, बहादुर, मास्टर अनूप सिंह भी मौजूद रहे।