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Sonipat News: लंबित मांगों पर संसद के आगामी सत्र में प्राइवेट बिल लाने की मांग
Tue, 09 Jul 2024 05:22 AM IST
रोहतक ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
Updated Tue, 09 Jul 2024 05:22 AM IST
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फोटो 34- सोनीपत के सेक्टर-15 में सांसद सतपाल ब्रह्मचारी के प्रतिनिधि के रूप में विधायक सुरेंद्र
सोनीपत। किसान व मजदूर वर्ग ने लंबित मांगों को लेकर संसद के आगामी सत्र में प्राइवेट बिल लाने की मांग की है। संयुक्त किसान मोर्चा (गैर-राजनीतिक) व किसान मजदूर मोर्चा के आह्वान पर किसान व मजदूरों ने सोनीपत लोकसभा क्षेत्र से सांसद सतपाल ब्रह्मचारी की अनुपस्थिति में उनके प्रतिनिधि के तौर पर सेक्टर-15 में विधायक सुरेंद्र पंवार को मांग पत्र सौंपा।
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ व लखविंद्र औलख ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ एवं एमएसपी गारंटी कानून बनवाने के लिए वर्ष 2020-21 में किसानों ने दिल्ली के बॉर्डरों पर 378 दिनों तक अपनी लड़ाई लड़ी। उस दौरान केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून वापस लिए थे, एमएसपी गारंटी कानून बनाने के लिए एक कमेटी के गठन का एलान किया था। अगले दो वर्षों तक किसानों ने सांकेतिक धरना व प्रदर्शन से सरकार का ध्यान उनकी मांगों की तरफ आकर्षित करना चाहा, लेकिन सरकार ने सुनवाई नहीं की। किसान नेताओं ने 13 फरवरी से किसान आंदोलन-2 के दौरान केंद्र सरकार के मंत्रियों से चार दौर की वार्ता की, लेकिन सभी बेनतीजा रही। मांगों को लेकर दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर फायरिंग की गई, जहरीली गैस का प्रयोग किया गया। इससे पंजाब के किसान शुभकरण सिंह की सिर में गोली लगने से मौत हो गई थी। पांच किसानों की आंखों की रोशनी चली गई व 433 किसान घायल भी हो गए थे।
किसान नेताओं ने कहा कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव से पहले किसानों व मजदूरों की मांगों को अपने घोषणा पत्र में शामिल किया था। अब प्रतिनिधि के तौर पर सांसद की जिम्मेदारी बनती है कि वह एमएसपी गारंटी कानून, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट एवं किसान-मजदूरों के कर्जमाफी सहित तमाम मुद्दों को संसद के मानसून सत्र में प्राइवेट बिल पेश करें, ताकि उनकी मांगें पूरी हो सकें।
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इस मौके पर शमशेर पूनिया, सुनील बद्दोवाल, बेदी दहिया, प्रवीण दहिया, इंद्रजीत राणा, प्रवेश दहिया, हरदीप फौगाट, मनोज जागलान, सत्ते शाहपुर, कविता बधवार, आयुष धौंचक, कुलबीर दहिया, राजबीर, सुनेहरा मलिक, देशपाल दहिया, बिजेंद्र दहिया, समुंद्र तोमर, रविंद्र दहिया व बुधराम सिंह मौजूद रहे।
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किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ व लखविंद्र औलख ने कहा कि कृषि कानूनों के खिलाफ एवं एमएसपी गारंटी कानून बनवाने के लिए वर्ष 2020-21 में किसानों ने दिल्ली के बॉर्डरों पर 378 दिनों तक अपनी लड़ाई लड़ी। उस दौरान केंद्र सरकार ने तीन कृषि कानून वापस लिए थे, एमएसपी गारंटी कानून बनाने के लिए एक कमेटी के गठन का एलान किया था। अगले दो वर्षों तक किसानों ने सांकेतिक धरना व प्रदर्शन से सरकार का ध्यान उनकी मांगों की तरफ आकर्षित करना चाहा, लेकिन सरकार ने सुनवाई नहीं की। किसान नेताओं ने 13 फरवरी से किसान आंदोलन-2 के दौरान केंद्र सरकार के मंत्रियों से चार दौर की वार्ता की, लेकिन सभी बेनतीजा रही। मांगों को लेकर दिल्ली कूच कर रहे किसानों पर फायरिंग की गई, जहरीली गैस का प्रयोग किया गया। इससे पंजाब के किसान शुभकरण सिंह की सिर में गोली लगने से मौत हो गई थी। पांच किसानों की आंखों की रोशनी चली गई व 433 किसान घायल भी हो गए थे।
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किसान नेताओं ने कहा कि कांग्रेस ने लोकसभा चुनाव से पहले किसानों व मजदूरों की मांगों को अपने घोषणा पत्र में शामिल किया था। अब प्रतिनिधि के तौर पर सांसद की जिम्मेदारी बनती है कि वह एमएसपी गारंटी कानून, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट एवं किसान-मजदूरों के कर्जमाफी सहित तमाम मुद्दों को संसद के मानसून सत्र में प्राइवेट बिल पेश करें, ताकि उनकी मांगें पूरी हो सकें।
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इस मौके पर शमशेर पूनिया, सुनील बद्दोवाल, बेदी दहिया, प्रवीण दहिया, इंद्रजीत राणा, प्रवेश दहिया, हरदीप फौगाट, मनोज जागलान, सत्ते शाहपुर, कविता बधवार, आयुष धौंचक, कुलबीर दहिया, राजबीर, सुनेहरा मलिक, देशपाल दहिया, बिजेंद्र दहिया, समुंद्र तोमर, रविंद्र दहिया व बुधराम सिंह मौजूद रहे।