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Sonipat News: एमएसपी पर खरीफ फसलों की खरीद की मांग, सीएम के नाम सौंपा ज्ञापन
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एसडीएम अमित कुमार को मख्यमंत्री व बोर्ड चेयरमैन के नाम ज्ञापन सौंपते किसान यूनियन के सदस्य। संव
- फोटो : credit
खरखौदा। भारतीय किसान यूनियन एकता सिद्धूपुर की अगुवाई में सोमवार को किसानों ने मुख्यमंत्री और कृषि विपणन बोर्ड के चेयरमैन के नाम ज्ञापन सौंपा। किसानों ने धान, बाजरा, नरमा समेत खरीफ सीजन की सभी फसलों की न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर सुचारू खरीद सुनिश्चित कराने की मांग की। किसानों ने पिछले वर्ष पीआर धान की खरीद के दौरान प्रति क्विंटल 300 से 400 रुपये तक कटौती किए जाने का आरोप लगाया।
किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि पिछले वर्ष किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनीपत समेत कई जिलों में स्थानीय स्तर पर पर्याप्त संख्या में सेलर्स नहीं होने से किसानों को परेशानी हुई। खरीद शुरू होने के दो-तीन दिन बाद ही कुछ सेलर्स की ओर से स्टॉक पूरा होने की बात कही गई। उन्होंने मांग की कि ऐसे जिलों में दूसरे जिलों के सेलर्स के लिए समय पर आरओ (रिलीज ऑर्डर) जारी किए जाएं और खरीदी गई फसल का उठान भी समय पर कराया जाए।
कोहाड़ ने कहा कि खरखौदा मंडी से जुड़े किसानों को पिछले वर्ष पीआर धान और बाजरा बेचने के लिए दूर-दराज की मंडियों में जाना पड़ा। वहां भी 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक कटौती किए जाने का आरोप है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 15 सितंबर को सोनीपत उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजा जा चुका है।
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इस अवसर पर शक्ति दहिया, नवीन राणा, जगबीर, जोगिंद्र, जयसिंह और धर्मबीर सहित अन्य किसान मौजूद रहे।
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किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि पिछले वर्ष किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि सोनीपत समेत कई जिलों में स्थानीय स्तर पर पर्याप्त संख्या में सेलर्स नहीं होने से किसानों को परेशानी हुई। खरीद शुरू होने के दो-तीन दिन बाद ही कुछ सेलर्स की ओर से स्टॉक पूरा होने की बात कही गई। उन्होंने मांग की कि ऐसे जिलों में दूसरे जिलों के सेलर्स के लिए समय पर आरओ (रिलीज ऑर्डर) जारी किए जाएं और खरीदी गई फसल का उठान भी समय पर कराया जाए।
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कोहाड़ ने कहा कि खरखौदा मंडी से जुड़े किसानों को पिछले वर्ष पीआर धान और बाजरा बेचने के लिए दूर-दराज की मंडियों में जाना पड़ा। वहां भी 200 से 300 रुपये प्रति क्विंटल तक कटौती किए जाने का आरोप है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में 15 सितंबर को सोनीपत उपायुक्त के माध्यम से मुख्यमंत्री को पत्र भेजा जा चुका है।
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इस अवसर पर शक्ति दहिया, नवीन राणा, जगबीर, जोगिंद्र, जयसिंह और धर्मबीर सहित अन्य किसान मौजूद रहे।