फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Sonipat News ›   Debt and greed led to Shekhar's murder of his friend; their fathers were also friends.

Sonipat News: कर्ज और लालच में दोस्त का हत्यारोपी बना शेखर, दोनों के पिता भी थे मित्र

Thu, 15 Jan 2026 01:48 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत
संवाद न्यूज एजेंसी, सोनीपत Updated Thu, 15 Jan 2026 01:48 AM IST
विज्ञापन
Debt and greed led to Shekhar's murder of his friend; their fathers were also friends.
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन


सोनीपत। वर्षों पुरानी दोस्ती, पारिवारिक संबंध और भरोसे की नींव जब लालच के बोझ तले ढहती है तो परिणाम बेहद खौफनाक होता है। गांव मल्हा माजरा में हुई डकैती और हत्या की वारदात में चौंकाने वाला सच सामने आया है।
हत्या किए गए साहिल का जिगरी दोस्त और स्वर्णकार शेखर ही इस जघन्य अपराध की साजिश का सूत्रधार निकला। जिन हाथों से उसने साहिल की शादी के आभूषण गढ़े उन्हीं से उनकी जीवनलीला समाप्त करवा दी।
विज्ञापन


शेखर और साहिल की दोस्ती केवल वर्तमान तक सीमित नहीं थी। दोनों के पिता भी अच्छे मित्र थे। दशकों से दोनों परिवारों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए शेखर अक्सर साहिल के घर आता-जाता रहा। 15 दिन पहले वह साहिल के घर आकर रेकी की थी। उसे घर में रखे आभूषणों और आर्थिक स्थिति की जानकारी पहले से थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बताया जा रहा है कि साहिल ने शेखर को यह भी बताया था कि जमीन बिकने के बाद जल्द ही करीब दो करोड़ रुपये मिलने वाले हैं। इसके साथ ही घर में रखे लाखों रुपये के सोने-चांदी के आभूषणों की जानकारी ने शेखर के मन में लालच पैदा कर दिया।
सोने-चांदी की लगातार बढ़ती कीमतों और नकदी घर में होने के अनुमान ने उसकी नीयत पूरी तरह बदल दी। साथ ही उसे पता था कि साहिल के घर के पीछे की तरफ रात को कोई नहीं होता। घर के सामने वाले घर में सीसीटीवी है लेकिन पीछे से आने पर कोई सुराग नहीं लगेगा। सभी छह आरोपी दो बाइक पर पहुंचे थे। शेखर घर के पीछे ही खड़ा रहा।
नशे और निजी खर्चों के कारण शेखर बना कर्जदार

जांच में सामने आया है कि शेखर नशे और निजी खर्चों के चलते भारी कर्ज में डूब चुका था। वह सहमति संबंध में एक महिला के साथ रह रहा था जिससे उसकी आर्थिक स्थिति और बिगड़ गई। कर्ज से उबरने और जल्दी अमीर बनने की चाह में उसने साथियों के साथ मिलकर लूट की साजिश रची। वारदात वाली रात शेखर खुद घर के अंदर नहीं गया बल्कि पांच अन्य साथियों से बाहर खड़ा रहकर पूरे षड्यंत्र को अंजाम दिलवाया। उसे पता था कि अंदर गया तो उसे पहचाना जा सकता है।
आरोपियों के आसपास रहने से हुई पहचान

आरोपी शेखर हाल में गांव नाहरा की जगह नरेला के डीडीए फ्लैट में रह रहा था। वहां से कुछ दूरी पर जेजे कॉलोनी बवाना में मूलरूप से पश्चिमी बंगाल के जिला मुर्शिदाबाद के गांव दुलियान का शफीक भी रहता था। शफीक के साथ शेखर की अच्छी दोस्ती हो चुकी थी। उसने अपने दोस्त साहिल की आर्थिक स्थिति की जानकारी देकर लूट का षड्यंत्र बनाया था। इसमें शफीक ने ही अपने साथियों को जोड़ा था।

ग्रामीणों में चर्चा भरोसे व इंसानियत का कत्ल

गांव मल्हा माजरा के ग्रामीणों की जुबान चर्चा थी कि यह केवल वारदात नहीं बल्कि भरोसे, रिश्तों और इंसानियत की नृशंस हत्या भी है। जिस दोस्ती पर साहिल को सबसे ज्यादा गर्व था वही उसकी जान लेने की वजह बन गई। गांव में इस घटना के बाद गहरा शोक और आक्रोश है। वहीं, लोग इस बात से स्तब्ध हैं कि लालच इंसान को इस हद तक गिरा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed